Bihar Elections 2025: प्रियंका गांधी का पटना दौरा, नौकरियों के वादे पर बीजेपी पर तीखा प्रहार

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Bihar Chunav: प्रियंका गांधी का पटना दौरा, नौकरियों के वादे पर बीजेपी पर तीखा प्रहार
पटना, 1 नवम्बर 2025 — बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं, और राज्य की सियासत में हर रोज़ नया ताप महसूस किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पटना पहुंचते ही चुनावी माहौल और गरमा गया। उन्होंने एनडीए के एक करोड़ नौकरियां देने के वादे पर सीधा सवाल दागा — “उन्होंने अब तक नौकरियां क्यों नहीं दीं? वे अब इसके बारे में क्यों बात कर रहे हैं?”
चुनावी रणभूमि में प्रचार की रफ्तार तेज
बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होना है। सभी प्रमुख दल — एनडीए, महागठबंधन और कांग्रेस — प्रचार के आखिरी चरण में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक, हर तरफ रैलियों, रोड शो और बयानबाजी का सिलसिला जारी है।
मोकामा हत्याकांड बना राजनीतिक मुद्दा
मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार में “कानून का राज है, अपराधी कोई भी हो, सजा जरूर मिलेगी।” वहीं आरजेडी इस मामले को सरकार की विफलता से जोड़ रही है और लगातार प्रशासन पर सवाल उठा रही है।
नीतीश कुमार का भावनात्मक संदेश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो संदेश जारी कर बिहारवासियों से अपील की कि वे एनडीए पर भरोसा बनाए रखें। उन्होंने कहा, “2005 में जब हमने पद संभाला, तब बिहारी कहलाना अपमान था। आज यह सम्मान की बात है। हमने सभी वर्गों के लिए बिना भेदभाव के काम किया है।”
नीतीश ने इस अवसर पर यह भी कहा कि बिहार के विकास की रफ्तार केवल तब तेज हो सकती है जब केंद्र और राज्य दोनों जगह एनडीए की सरकार रहे।
कांग्रेस का पलटवार और रोजगार का मुद्दा
प्रियंका गांधी का बयान बीजेपी के घोषणापत्र पर सबसे तीखा हमला माना जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पिछले दस वर्षों में युवाओं को रोजगार नहीं मिला, तो अब चुनाव से ठीक पहले एक करोड़ नौकरियों की बात क्यों की जा रही है? कांग्रेस का कहना है कि बिहार में बेरोजगारी दर देश में सबसे अधिक है और यह मौजूदा सरकार की असफलता को उजागर करता है।
विपक्षी दलों के बीच बढ़ती खींचतान
दूसरी ओर, लालू प्रसाद यादव ने भी एनडीए के घोषणापत्र को “झूठ का पुलिंदा” बताया है। इस पर भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा, “लालू यादव को शायद पता नहीं कि एनडीए के पांचों पांडवों ने मिलकर घोषणापत्र जारी किया था। जिनके पास कोई काम नहीं होता, वे ऐसे ही बयान देते रहते हैं।”
तेजप्रताप यादव ने भी मोकामा हत्याकांड पर सरकार को घेरा और कहा कि “बिहार में स्थिति खराब है, प्रशासन को एक्शन लेना चाहिए।” हालांकि तेजस्वी यादव से उनके मतभेदों पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि “वे राघोपुर जाकर प्रचार करेंगे।”
बीजेपी का पलटवार: राहुल गांधी ‘एनडीए के स्टार प्रचारक’
भाजपा नेता संजय जायसवाल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे “एनडीए के स्टार प्रचारक” हैं। उन्होंने कहा, “जब भी राहुल गांधी कुछ कहते हैं, वह एनडीए के पक्ष में जाता है। छठ पूजा पर उनके बयान ने बिहार के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।”
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर छठ पूजा और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विपरीत मौसम के बीच बदला सीएम का कार्यक्रम
हरलाखी प्रखंड में आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा खराब मौसम के कारण स्थगित कर दी गई। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोड शो करने का फैसला लिया है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र एनएच 227 पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
बिहार चुनाव का यह चरण पूरी तरह से बयानबाज़ी और वादों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। जहां एक ओर एनडीए विकास और स्थिरता की बात कर रहा है, वहीं विपक्ष रोजगार, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार को मुद्दा बना रहा है। प्रियंका गांधी के पटना दौरे ने इस चुनावी माहौल को नई ऊर्जा दे दी है, और अब निगाहें 6 नवंबर के मतदान पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि बिहार की जनता किस दिशा में कदम बढ़ाती है।

