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रोसेरा हत्याकांड: इलाज के दौरान घायल की मौत से भड़का गुस्सा, आक्रोशित लोगों ने रोसड़ा में सड़क जाम किया

रोसेरा हत्याकांड: इलाज के दौरान घायल की मौत से भड़का गुस्सा, आक्रोशित लोगों ने रोसड़ा में सड़क जाम किया
Rosera Murder Case
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Aakash Srivastava
Aakash Srivastava
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Rosera Murder Case: इलाज के दौरान घायल की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया आक्रोश

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र में रविवार की रात उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब खानपुर थाना क्षेत्र में हुई मारपीट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान कलवाड़ा गांव निवासी कमल दास के रूप में की गई है। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोग सड़कों पर उतर आए और Rosera Murder Case को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

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जानकारी के अनुसार, बीते दिनों खानपुर थाना क्षेत्र के रजवाड़ा गांव में किसी मामूली विवाद को लेकर कुछ लोगों ने कमल दास के साथ मारपीट कर दी थी। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय रेफर किया गया। वहां कई दिनों तक इलाज के बाद रविवार को उनकी मौत हो गई।

कमल दास की मौत की खबर मिलते ही कलवाड़ा गांव में कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना की शिकायत के बावजूद खानपुर थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही के कारण आरोपियों के हौसले बढ़े हुए हैं और उन्होंने खुलेआम वारदात को अंजाम दिया।

रविवार की रात परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में रोसड़ा थाना क्षेत्र के डाक बंगला चौक पहुंचे और टायर जलाकर मुख्य सड़क को जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। जाम के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

सूचना पर रोसड़ा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित भीड़ को शांत कराने की कोशिश की। कई घंटों की मशक्कत और बातचीत के बाद प्रशासन के आश्वासन पर लोगों ने जाम खत्म किया।

मृतक के भाई सुनील कुमार ने कहा कि “हमने घटना की शिकायत समय पर पुलिस को दी थी, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। अगर पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो आज मेरे भाई की जान बच सकती थी।” उन्होंने आगे कहा कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि खानपुर थाना की लापरवाही से अपराधी बेखौफ हैं और अब निर्दोष लोगों की जान जा रही है।

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घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रोसड़ा अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

यह घटना बिहार में एक बार फिर से कानून-व्यवस्था (Law and Order in Bihar) पर सवाल खड़ा करती है। लगातार बढ़ते अपराध और पुलिस की निष्क्रियता ने लोगों के बीच असुरक्षा की भावना को गहरा दिया है।


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