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Bihar SIR: संजय सिंह का आरोप – बिहार की मतदाता सूची में अब भी मौजूद हैं 5 लाख ‘डुप्लीकेट वोटर’, चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप

Bihar SIR: संजय सिंह का आरोप – बिहार की मतदाता सूची में अब भी मौजूद हैं 5 लाख ‘डुप्लीकेट वोटर’, चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप
Sanjay Singh on Bihar Duplicate Voters: संजय सिंह बोले – बिहार की मतदाता सूची में अब भी 5 लाख डुप्लीकेट वोटर, चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप (Photo: X)
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Aryan Ambastha
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संजय सिंह का गंभीर आरोप, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

पटना, 31 अक्टूबर – आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बिहार की मतदाता सूची में आज भी पांच लाख ‘डुप्लीकेट वोटर’ मौजूद हैं, जबकि चुनाव आयोग ने हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) पूरा किया था।

संजय सिंह ने कहा कि बिहार में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में कई नाम बार-बार दर्ज हैं, जबकि लगभग एक लाख ऐसे वोटर भी हैं जिनके नाम और पहचान स्पष्ट नहीं है।


“SIR के बावजूद धांधली, चुनाव आयोग बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहा है”

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की यह पूरी प्रक्रिया धांधली से भरी हुई है। उन्होंने कहा, “SIR के नाम पर बिहार में बड़ा चुनावी घोटाला हुआ है। पांच लाख डुप्लीकेट वोटर अब भी सूची में हैं। इसके अलावा करीब एक लाख वोटरों के नाम स्पष्ट नहीं हैं। यह चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल है।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे कहना पड़ेगा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। जब SIR शुरू किया गया था, तो कहा गया था कि विदेशी नागरिकों, घुसपैठियों, बांग्लादेशी और रोहिंग्या वोटरों के नाम हटाए जाएंगे, लेकिन अब चुनाव आयोग इस मुद्दे पर चुप है।”


“80 लाख वोटरों के नाम डिलीट, लेकिन डुप्लीकेट अभी भी कायम”

संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया में लगभग 80 लाख वोटरों के नाम डिलीट कर दिए गए हैं, जिनमें से कई असली मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया से साफ झलकता है कि मतदाता सूची में मनमानी की गई है।

“अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष होता, तो इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे होती? जब SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी बनाना था, तो फिर लाखों डुप्लीकेट नाम क्यों मौजूद हैं?” उन्होंने सवाल उठाया।


बिहार में दो चरणों में विधानसभा चुनाव

आम आदमी पार्टी इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में 83 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है। चुनाव दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।

संजय सिंह ने कहा कि AAP पारदर्शी और ईमानदार राजनीति के एजेंडे पर चुनाव लड़ रही है। “हमारे उम्मीदवार जनता के बीच जाकर यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब मतदाता सूची ही संदिग्ध है, तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव होगा?” उन्होंने कहा।


“जनता को धोखा नहीं, सच्चाई चाहिए”

संजय सिंह ने कहा कि बिहार की जनता अब जागरूक हो चुकी है। “अब मतदाता किसी पार्टी के बहकावे में नहीं आएंगे। जनता जानती है कि जब मतदाता सूची में ही गड़बड़ी होगी, तो लोकतंत्र पर खतरा है। हम चाहते हैं कि चुनाव आयोग तत्काल इस पर संज्ञान ले और निष्पक्ष जांच कराए,” उन्होंने कहा।


चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय से जुड़े अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AAP की यह शिकायत बिहार के चुनावी माहौल को और तीखा बना सकती है, खासकर तब जब राज्य में पहले से ही जातीय समीकरण और राजनीतिक गठबंधन चुनावी बहस के केंद्र में हैं।


बिहार की राजनीति में यह आरोप नया मोड़ ला सकता है। AAP ने जहां मतदाता सूची में अनियमितता का मुद्दा उठाकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं आयोग की प्रतिक्रिया अब सभी की निगाहों में है। आने वाले दिनों में यह मामला चुनावी राजनीति के सबसे चर्चित मुद्दों में से एक बन सकता है।


ये न्यूज पीटीआई (PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित हो गई है।


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