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सारण में बड़ा रेल हादसा टला, सतर्क कर्मचारियों ने यात्रियों की जान बचाई

सारण में बड़ा रेल हादसा टला, सतर्क कर्मचारियों ने यात्रियों की जान बचाई
Rail Accident Averted in Saran – सारण में लिच्छवी एक्सप्रेस में धुआं, कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
Updated:
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Aakash Srivastava
Aakash Srivastava
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सारण में बड़ी रेल दुर्घटना टली, लिच्छवी एक्सप्रेस की एसी बोगी से उठा धुआं

छपरा (सारण)। बिहार के सारण जिले के एकमा रेलवे स्टेशन पर आज एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई। सीतामढ़ी से आनंदविहार टर्मिनल जा रही लिच्छवी एक्सप्रेस (14005) की एसी बोगी से अचानक धुआं उठने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और स्थानीय लोगों की तत्परता से एक बड़ी घटना होने से बच गई।


रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से बची अनेक जानें

दाउदपुर स्टेशन अधीक्षक ने समय रहते एकमा स्टेशन मास्टर जितेंद्र कुमार को सूचित किया कि ट्रेन की दो बोगियों से धुआं निकलता देखा गया है। सूचना मिलते ही एकमा स्टेशन पर टीम को सतर्क कर दिया गया।
जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची, यात्रियों ने देखा कि B-2 कोच से घना धुआं निकल रहा है। तुरंत रेलकर्मी, जीआरपी और ट्रेन मैनेजर हरकत में आए। फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से कोच को ठंडा किया गया और धुएं पर नियंत्रण पाया गया। लगभग 35 मिनट तक ट्रेन एकमा स्टेशन पर खड़ी रही, जब तक पूरी तकनीकी जांच पूरी नहीं हो गई।


ब्रेक जाम से उठा धुआं, आग नहीं लगी थी

स्टेशन मास्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि ट्रेन में आग नहीं लगी थी।
ब्रेक सिस्टम के जाम होने से अत्यधिक तापमान उत्पन्न हुआ और रबड़ व प्लास्टिक के हिस्से पिघलने लगे, जिससे धुआं उठने लगा।
उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी और सुरक्षा जांच के बाद ट्रेन को आगे बढ़ा दिया गया।


यात्रियों में मची अफरा-तफरी, कई ने छोड़ी यात्रा

घटना के बाद यात्रियों में भय का माहौल व्याप्त हो गया।
एक यात्री ने बताया, “जैसे ही किसी ने कहा कि एसी कोच में आग लग गई है, हम सब जल्दी से बाहर निकल आए। कई लोग अपने बच्चों और सामान के साथ प्लेटफॉर्म पर भागे।”
कुछ यात्रियों ने डर के कारण आगे की यात्रा रद्द कर दी। कई देर तक प्लेटफॉर्म पर हड़कंप का माहौल बना रहा।


स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मियों की सजगता बनी जीवनरक्षक

स्थानीय लोगों ने भी रेलवे कर्मचारियों की मदद की। स्टेशन पर मौजूद कुछ यात्रियों ने पानी और गीले कपड़े लाकर रेलकर्मियों को सहायता दी, जिससे स्थिति संभालने में तेजी आई।
रेल प्रशासन की तत्परता और कर्मचारियों की सूझबूझ से एक बड़ी दुर्घटना टल गई, जो चलते ट्रेन में होती तो कई जानें जा सकती थीं।


रेल प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश

रेलवे विभाग ने तत्काल पूरे कोच की तकनीकी जांच का आदेश दिया है।
साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि लिच्छवी एक्सप्रेस के सभी ब्रेक सिस्टम की पूर्ण रूप से जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
अधिकारियों ने बताया कि यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा।


यात्रियों ने जताया आभार

घटना के बाद कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे कर्मियों की प्रशंसा की।
एक यात्री ने लिखा, “अगर स्टेशन मास्टर और कर्मचारियों ने तत्परता न दिखाई होती, तो शायद आज बड़ी दुर्घटना हो जाती। भारतीय रेलवे का धन्यवाद।”

सारण जिले के एकमा स्टेशन पर हुआ यह घटनाक्रम बताता है कि सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से किस तरह बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।
रेलवे प्रशासन ने अपने कर्मठ कर्मचारियों की जिम्मेदारी और तत्परता का परिचय दिया है, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई।


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