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पटना में कुख्यात सूर्या डॉन पुलिस मुठभेड़ में घायल, रंगदारी वसूलने आया था अपराधी

पटना में कुख्यात सूर्या डॉन पुलिस मुठभेड़ में घायल, रंगदारी वसूलने आया था अपराधी
पटना में कुख्यात सूर्या डॉन पुलिस मुठभेड़ में घायल, रंगदारी वसूलने आया था अपराधी

पटना के गायघाट इलाके में एसटीएफ और पुलिस ने कुख्यात अपराधी सूर्या डॉन को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया। अपराधी रंगदारी वसूलने पहुंचा था और पुलिस पर फायरिंग की थी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ। घटना के बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।

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Surya Don Encounter: पटना के गायघाट इलाके में आज बुधवार की सुबह हुई पुलिस मुठभेड़ ने एक बार फिर राजधानी में बढ़ते अपराध और पुलिस की सक्रियता दोनों को चर्चा में ला दिया है। कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन को पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की संयुक्त कार्रवाई में घायल कर गिरफ्तार किया गया। सूर्या डॉन लंबे समय से पुलिस की नजर में था और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सूर्या डॉन के इलाके में मौजूद होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसटीएफ और पटना पुलिस की टीम ने तुरंत घेराबंदी की और उसे पकड़ने की योजना बनाई। यह कार्रवाई सुबह-सुबह की गई ताकि अपराधी को भागने का मौका न मिले।

सूर्या डॉन का आपराधिक इतिहास

सूर्या डॉन खाजेकला थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। उस पर डकैती, लूट, चोरी, अवैध हथियार रखने और रंगदारी वसूलने जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। स्थानीय लोगों के बीच उसका नाम काफी डर के साथ लिया जाता था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सूर्या डॉन लंबे समय से सक्रिय अपराधी था और कई बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुका था। यही कारण था कि पुलिस को उसकी तलाश लंबे समय से थी।

रंगदारी वसूलने की सूचना से शुरू हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक आलमगंज थाना को सूचना मिली थी कि सूर्या डॉन गायघाट के पास एक नाविक से रंगदारी वसूलने पहुंचा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए आलमगंज थाना पुलिस ने तुरंत एसटीएफ को सूचना दी और संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई।

पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस की मौजूदगी देखते ही सूर्या डॉन घबरा गया और उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

मुठभेड़ में चली तीन राउंड गोलियां

पुलिस और अपराधी के बीच लगभग तीन राउंड फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें सूर्या डॉन के पैर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह घायल होकर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने घायल अपराधी को तुरंत इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

मौके से हथियार और कारतूस बरामद

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से देसी कट्टा और गोली बरामद किया। साथ ही फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अपराधी किन-किन घटनाओं में इसका इस्तेमाल करता था।

इलाके में दहशत और सुरक्षा व्यवस्था सख्त

सुबह के समय हुई इस मुठभेड़ से आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने गोलियों की आवाज सुनकर अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। कई लोग घटना के बाद घरों से बाहर निकलने से भी डरते नजर आए।

घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अपराधी के अन्य साथी वहां मौजूद न हों। सुरक्षा व्यवस्था को भी अस्थायी रूप से बढ़ा दिया गया।

नए वर्ष में बढ़ी पुलिस की सक्रियता

जानकारी के अनुसार नए वर्ष में यह पटना पुलिस का पांचवां एनकाउंटर बताया जा रहा है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

हालांकि एनकाउंटर की घटनाएं हमेशा बहस का विषय भी बनती रही हैं। एक तरफ पुलिस इसे अपराध नियंत्रण का प्रभावी तरीका मानती है, वहीं दूसरी ओर मानवाधिकार से जुड़े सवाल भी उठते रहे हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर लोगों में यह भावना देखने को मिल रही है कि अपराधियों पर कार्रवाई से कानून व्यवस्था मजबूत होगी।

इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपराधी अभी भी राजधानी में सक्रिय हैं और मौका मिलने पर वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।