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छत्तीसगढ़ अवैध शराब का गढ़ बन गया: कांग्रेस का आरोप

छत्तीसगढ़ अवैध शराब का गढ़ बन गया: कांग्रेस का आरोप
Chhattisgarh Illegal Liquor Issue: Congress Raises Serious Allegations
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Aryan Ambastha
Aryan Ambastha
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रायपुर। प्रदेश में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब से साय सरकार सत्ता में आई है, छत्तीसगढ़ अवैध शराब का गढ़ बन गया है। उनका आरोप है कि राज्य सरकार शराब की काली कमाई में लिप्त है और अवैध शराब के व्यापार को संरक्षण प्रदान कर रही है।

सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि राजनांदगांव में महतारी एक्सप्रेस का उपयोग शराब तस्करी के लिए किया जा रहा था। मुंगेली जिले में एक स्कूल को अवैध शराब का डंप यार्ड बना दिया गया है। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र, राजनांदगांव और अन्य शहरों में नकली होलो ग्राम चिपकाकर अवैध शराब बेची जा रही है। पड़ोसी राज्यों उड़ीसा, महाराष्ट्र और झारखंड से बड़ी मात्रा में शराब ला कर राज्य में बिक्री की जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि बिना सरकार के संरक्षण यह अवैध कारोबार संभव नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, बलरामपुर में सरकारी शराब दुकान से बीयर की बोतल में गंदा पानी मिला। जगदलपुर में दर्जनों पेटी अवैध शराब पकड़ी गई। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ के कई जिलों तक अवैध शराब की सप्लाई लगातार चल रही है। सुशील आनंद शुक्ला ने सवाल उठाया कि सरकारी शराब दुकानों में दो नंबर की शराब के जरिए होने वाली वसूली का पैसा किस गल्ले में जा रहा है और इस अवैध कारोबार का सरगना कौन है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का शराबबंदी के लिए दावा केवल राजनैतिक पाखंड है। साय सरकार द्वारा शराबखोरी को बढ़ावा देने वाले निर्णय और नए शराब दुकानों की संख्या बढ़ाना इसके प्रमाण हैं। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा नेताओं का उद्देश्य केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार है, जिसके लिए प्रदेश की जनता को नशे में डुबोने का षडयंत्र रचा जा रहा है।

कांग्रेस ने राज्य सरकार से अपील की है कि अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई की जाए और शराब के अवैध व्यापार में शामिल सभी लोगों, चाहे वे सत्ता में हों या बाहर, पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता इस मामले की गंभीरता को समझ रही है और जल्द ही न्याय की मांग करेगी।

विशेष रूप से, यह मुद्दा छत्तीसगढ़ में शासन की पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। अवैध शराब की बढ़ती मात्रा न केवल सामाजिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह युवा पीढ़ी और गरीब वर्ग को सीधे प्रभावित कर रहा है। कांग्रेस का यह आरोप राज्य सरकार की जवाबदेही और प्रशासनिक निष्ठा पर गहरा सवाल खड़ा करता है।


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