रायपुर, 26 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वयं विशेष गहन पुनरीक्षण का फॉर्म भरा। कवर्धा प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री ने मतदान केंद्र पहुंचकर इस प्रक्रिया को पूरा किया और नागरिकों से भी इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की। यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड नंबर 23 में स्थित मतदान केंद्र संख्या 238 में जाकर बूथ स्तरीय अधिकारी के साथ विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अपना एसआईआर फॉर्म भरा और स्थानीय लोगों को इस प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मतदाताओं की समस्याओं को सुना और फॉर्म में हो रही त्रुटियों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
एसआईआर क्या है और क्यों जरूरी
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर एक ऐसी प्रक्रिया है जो चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और सटीक बनाने के लिए चलाई जाती है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं की जानकारी को अपडेट किया जाता है, गलत या डुप्लिकेट नामों को हटाया जाता है और नए पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता से ही निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संभव हो सकते हैं। अगर सूची में गलतियां रहती हैं तो इससे पात्र मतदाताओं को मतदान से वंचित होना पड़ सकता है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपनी मतदाता जानकारी को सही रखे और किसी भी गलती की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दे।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कदम
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण बेहद जरूरी है। चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही यह प्रक्रिया हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और पारदर्शी बनाती है। उन्होंने कहा कि जब मतदाता सूची सही होगी तभी निर्वाचन प्रक्रिया उचित तरीके से संपन्न हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार या चुनाव आयोग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपनी मतदाता जानकारी को अपडेट रखे। इसके लिए लोगों को अपने बूथ स्तरीय अधिकारी से संपर्क करना चाहिए और किसी भी गलती को सुधारने के लिए समय पर फॉर्म भरना चाहिए।

कैसे भरें एसआईआर का फॉर्म
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया बहुत सरल है। इसके लिए नागरिक अपने बूथ स्तरीय अधिकारी से संपर्क करके फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा लोग ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर कोई भी व्यक्ति अपनी मतदाता जानकारी को देख सकता है और जरूरत पड़ने पर उसमें सुधार के लिए आवेदन कर सकता है।
इस प्रक्रिया में नाम जोड़ना, नाम हटाना, पता बदलना या किसी भी तरह की गलती सुधारना शामिल है। उपमुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी मतदाता जानकारी को सही करवाएं।
बीएलओ के साथ की समीक्षा
मतदान केंद्र पर उपमुख्यमंत्री ने बूथ स्तरीय अधिकारी के साथ बैठकर आए हुए आवेदनों की समीक्षा भी की। उन्होंने जानकारी ली कि कितने लोगों ने फॉर्म भरे हैं और क्या समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का समय पर निपटारा किया जाए और किसी भी पात्र मतदाता को परेशानी न हो।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करना चाहिए। खासतौर पर ऐसे लोग जो तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं या बुजुर्ग हैं, उनकी विशेष मदद की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटना नहीं चाहिए।
नागरिकों को जागरूकता का संदेश
उपमुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को एसआईआर के संबंध में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया साल में एक बार होती है और यह सुनहरा मौका है जब लोग अपनी मतदाता जानकारी को सही कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर अभी यह काम नहीं किया गया तो चुनाव के समय परेशानी हो सकती है।
उन्होंने युवाओं से खास अपील करते हुए कहा कि जो नागरिक 18 साल के हो चुके हैं और अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे तुरंत अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि मतदान हमारा मौलिक अधिकार है और इसका उपयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
समस्याओं के निराकरण के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने फॉर्म में हो रही त्रुटियों के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई बार तकनीकी खामियों या लापरवाही के कारण फॉर्म में गलतियां हो जाती हैं। इस तरह की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसी नागरिक को फॉर्म भरने में या किसी प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है तो वह सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकता है। जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।
राजनीतिक जिम्मेदारी का निर्वहन
उपमुख्यमंत्री के इस कदम को राजनीतिक जिम्मेदारी के निर्वहन के रूप में देखा जा रहा है। स्वयं फॉर्म भरकर उन्होंने आम जनता के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह संदेश दिया है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है, चाहे वह सामान्य नागरिक हो या जनप्रतिनिधि।
स्थानीय लोगों ने उपमुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की है। लोगों ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि खुद ऐसी प्रक्रिया में शामिल होते हैं तो आम नागरिकों को भी प्रेरणा मिलती है। कई लोगों ने वहीं मौके पर अपनी समस्याएं भी साझा कीं जिन्हें उपमुख्यमंत्री ने ध्यान से सुना।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा उठाया गया यह कदम मतदाता सूची शुद्धिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल लोगों को जागरूकता मिली बल्कि प्रशासनिक तंत्र को भी सक्रिय होने का संदेश गया है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए ऐसी प्रक्रियाओं में जन भागीदारी बेहद जरूरी है और उपमुख्यमंत्री के इस प्रयास से निश्चित रूप से और अधिक लोग इस दिशा में आगे आएंगे।