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Vijay Sharma: बस्तर में शांति और विकास की नई बयार, गीदम बाजार में ग्रामीणों से की आत्मीय बातचीत

Vijay Sharma: बस्तर में शांति और विकास की नई बयार, गीदम बाजार में ग्रामीणों से की आत्मीय बातचीत
Vijay Sharma: बस्तर में शांति और विकास की नई बयार, गीदम बाजार में ग्रामीणों से की आत्मीय बातचीत

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गीदम के साप्ताहिक बाजार में ग्रामीणों और व्यापारियों से मुलाकात की। लोगों ने नक्सल भय से मुक्ति और विकास के प्रयासों पर संतोष जताया। शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब शांति, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय प्रारंभ हो चुका है।

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Asfi Shadab
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Vijay Sharma: बस्तर में नक्सल भय के अंत और विकास की नई दिशा

रायपुर, 09 नवम्बर 2025 — छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज बस्तर संभाग के गीदम नगर में आयोजित साप्ताहिक बाजार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों, व्यापारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। बस्तर के आदिवासी अंचल में इस बाजार भ्रमण को शांति और विकास की दिशा में सरकार के सतत प्रयासों का प्रतीक माना जा रहा है।

ग्रामीणों ने जताया आभार, कहा—अब नक्सल भय से मिली मुक्ति

गीदम के बाजार में उपस्थित ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री से खुलकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अब गांवों में नक्सली भय नहीं रहा। शासन और सुरक्षा बलों के सहयोग से गांवों में सुरक्षा की भावना सशक्त हुई है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अब वे निडर होकर खेतों में काम कर रहे हैं, बच्चों को विद्यालय भेज रहे हैं और बाजारों में बिना भय के खरीदी-बिक्री कर पा रहे हैं। इससे जनजीवन में आत्मविश्वास लौटा है और विकास की प्रक्रिया गति पकड़ रही है।

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Vijay Sharma: बस्तर में शांति और विकास की नई बयार, गीदम बाजार में ग्रामीणों से की आत्मीय बातचीत

व्यापारियों ने कहा—शासन की नीतियों से बढ़ा भरोसा

स्थानीय व्यापारियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को बताया कि सरकार की नीतियों से व्यापारिक वातावरण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जीएसटी दरों में कमी से व्यापार सुचारू हुआ है और वस्तुओं के दामों में स्थिरता आई है।
व्यापारियों का कहना था कि अब बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है, जिससे ग्रामीण भी निडर होकर खरीदारी कर रहे हैं। नक्सल भय के समाप्त होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई जान आई है।

बस्तर में लौट रही है सामाजिक और आर्थिक ऊर्जा

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि “शांति ही विकास की नींव है। बस्तर के लोगों की मुस्कान बताती है कि अब यह क्षेत्र अंधकार से उजाले की ओर अग्रसर है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि शासन की प्राथमिकता न केवल नक्सल उन्मूलन है बल्कि ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की भी है। शासन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क संपर्क जैसी योजनाओं पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है।

युवाओं की वापसी ने बदली तस्वीर

Vijay Sharma: बस्तर के अनेक युवा जो पहले नक्सली संगठनों में फंस गए थे, अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं। शासन की पुनर्वास नीति और कौशल विकास योजनाओं ने इन युवाओं को नया जीवन दिया है।
गीदम क्षेत्र के कुछ युवाओं ने बताया कि अब वे स्वरोजगार योजनाओं से जुड़कर अपने गांव में ही काम कर पा रहे हैं। इससे बस्तर के सामाजिक ढांचे में स्थायित्व और नई उम्मीद का संचार हुआ है।

उपमुख्यमंत्री ने बाजार में लिया स्थानीय स्वाद

बाजार भ्रमण के दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्थानीय फलों और खाद्य पदार्थों का स्वाद लिया। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि बस्तर की पहचान उसकी संस्कृति, मेहनत और आत्मीयता में बसती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार परिसर में स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।

शासन की प्रतिबद्धता — शांति, सुरक्षा और समृद्धि

इस अवसर पर बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमेन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी उपस्थित रहे। श्री शर्मा ने कहा कि “सरकार बस्तर के हर नागरिक तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है।”
उन्होंने यह भी कहा कि स्थायी शांति के लिए शासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु मजबूत होना आवश्यक है, और बस्तर आज उस दिशा में अग्रसर है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।