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Delhi AQI: दिल्ली में सांस लेना अब भी कठिन, प्रदूषण स्तर में मामूली गिरावट के बावजूद वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बरकरार

Delhi AQI: दिल्ली में सांस लेना अब भी कठिन, प्रदूषण स्तर में मामूली गिरावट के बावजूद वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बरकरार
Delhi Air Quality – राजधानी की वायु अब भी ‘खराब’, मामूली सुधार के बावजूद सांसों पर संकट (File Photo)
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Asfi Shadab
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दिल्ली में प्रदूषण से राहत नहीं, वायु गुणवत्ता अब भी ‘खराब’ श्रेणी में

नई दिल्ली, 29 अक्तूबर (वार्ता):
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को प्रदूषण स्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई, किंतु वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब भी ‘खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 279 दर्ज किया गया, जो मंगलवार के 294 के आंकड़े से कुछ कम है।

मामूली सुधार, पर राहत नहीं

पिछले तीन दिनों में वायु गुणवत्ता में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोमवार को यह स्तर 301 था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाओं की दिशा और गति में थोड़े परिवर्तन के कारण यह सुधार देखने को मिला, परंतु अभी यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित स्तर से काफी दूर है।

सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 38 निगरानी केन्द्रों में से 19 में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही। वज़ीरपुर (AQI 347), विवेक विहार (339), रोहिणी (337) और आनंद विहार (331) में सर्वाधिक प्रदूषण दर्ज किया गया। इन इलाकों में रहने वाले नागरिकों ने आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में कठिनाई की शिकायतें की हैं।

प्रदूषण के मुख्य कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में इस मौसम में पराली जलाने, वाहन उत्सर्जन और निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल के कारण प्रदूषण बढ़ जाता है। हरियाणा और पंजाब से आने वाली हवाओं के साथ पराली का धुआँ दिल्ली के वातावरण में मिलकर वायु गुणवत्ता को और बिगाड़ देता है।

इसके अलावा, सर्दी की शुरुआत के साथ ही हवा की गति धीमी हो जाती है, जिससे प्रदूषक तत्व वातावरण में अधिक समय तक बने रहते हैं।

सीपीसीबी की श्रेणी निर्धारण प्रणाली

सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच का AQI ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। वर्तमान में दिल्ली का औसत AQI 279 होने के कारण यह ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है।

आने वाले दिनों का अनुमान

वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Air Quality Early Warning System) के अनुसार, 31 अक्तूबर तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बनी रहेगी, जबकि 1 नवम्बर से इसमें और गिरावट आ सकती है। आगामी छह दिनों के पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि प्रदूषण स्तर ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी के बीच रहेगा।

मौसम में हल्का बदलाव

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से लगभग 4.6 डिग्री कम रहा। आर्द्रता का स्तर शाम 5:30 बजे तक 79 प्रतिशत दर्ज किया गया।

आईएमडी ने गुरुवार के लिए हल्की धुंध और कोहरे का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

जनता के लिए सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुबह और देर शाम के समय बाहर निकलने से बचें। जिन लोगों को दमा या सांस से जुड़ी बीमारियाँ हैं, वे मास्क का उपयोग करें और घर के भीतर शुद्धिकरण उपकरण (Air Purifier) का प्रयोग करें। साथ ही, सरकार से भी अपील की गई है कि वह निर्माण कार्यों और वाहनों से उत्सर्जन को नियंत्रित करने हेतु सख्त कदम उठाए।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार भले ही दिखा हो, लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक है। जब तक प्रदूषण के मूल कारणों—पराली, धूल, और वाहनों के धुएं—पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तब तक नागरिकों को स्वच्छ हवा के लिए संघर्ष जारी रखना होगा।


यह समाचार पीटीआई(PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित किया गया है।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।