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महीनों बाद दिल्ली की हवा हुई साफ़, AQI 200 से भी कम

महीनों बाद दिल्ली की हवा हुई साफ़, AQI 200 से भी कम
महीनों बाद दिल्ली की हवा हुई साफ़ (File Photo)

बारिश के बाद दिल्ली की हवा में बड़ा सुधार देखा गया है। AQI घटकर ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गया है और तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ी है। मौसम विभाग ने हवा चलने और रात में कोहरे की संभावना जताई है, जिससे आगे भी बदलाव बने रह सकते हैं।

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Dipali Kumari
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Delhi AQI Today: देश की राजधानी दिल्ली के लिए रविवार का दिन राहत लेकर आया। लंबे समय से प्रदूषण और खराब हवा से जूझ रही दिल्ली में बारिश के बाद मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बदल गया। जहां बीते कई हफ्तों से लोगों को जहरीली हवा में सांस लेनी पड़ रही थी, वहीं अब राजधानी की हवा पहले से कहीं ज्यादा साफ नजर आ रही है। बारिश ने न केवल प्रदूषण के स्तर को नीचे गिराया, बल्कि ठंडक भी बढ़ा दी है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी सीपीसीबी के मुताबिक, रविवार सुबह 9 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 150 दर्ज किया गया। यह स्तर ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है, जिसे स्वास्थ्य के लिहाज से पहले की तुलना में बेहतर माना जाता है। खास बात यह है कि करीब साढ़े तीन महीने बाद दिल्ली की हवा इस श्रेणी में पहुंची है।

महीनों बाद AQI में दिखा सुधार

पिछले कई महीनों से दिल्ली का AQI लगातार ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ था। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्य, पराली जलाने और मौसम की अनुकूल परिस्थितियां न होने के कारण प्रदूषण कम नहीं हो पा रहा था। ऐसे में शनिवार देर रात हुई बारिश ने राजधानी को बड़ी राहत दी।

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को भी दिल्ली की हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंची थी, लेकिन रविवार को इसमें और सुधार देखा गया। साफ हवा के चलते लोगों ने सुबह की सैर और खुली हवा में समय बिताने का मौका भी पाया।

तापमान में गिरावट, बढ़ी ठंड

बारिश के बाद दिल्ली के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 0.9 डिग्री कम है। ठंडी हवाओं और नमी के कारण ठंड का असर ज्यादा महसूस किया गया।

रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। सुबह 8:30 बजे दिल्ली में रिलेटिव ह्यूमिडिटी यानी नमी का स्तर 90 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे ठंड और कोहरा बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों का तापमान

मौसम विभाग के अनुसार राजधानी के विभिन्न हिस्सों में तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया—

सफदरजंग और आसपास के इलाके

सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यह क्षेत्र मौसम के आधिकारिक आंकड़ों के लिए जाना जाता है और यहां का तापमान दिल्ली के औसत को दर्शाता है।

पालम, लोधी रोड और रिज क्षेत्र

पालम में तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो राजधानी के ठंडे इलाकों में शामिल रहा। लोधी रोड में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री और रिज क्षेत्र में 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आयानगर का हाल

आयानगर में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यहां भी ठंड का असर साफ तौर पर देखा गया।

हवा की रफ्तार और कोहरे की संभावना

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले घंटों में दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। सतह पर 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिससे हवा और साफ रह सकती है। हालांकि रात के समय कोहरा छाने की आशंका भी जताई गई है।

अधिकतम तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन में हल्की धूप और ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।

AQI का मतलब और उसका असर

एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI हवा की गुणवत्ता को मापने का पैमाना है। इसके अलग-अलग स्तर तय किए गए हैं—

अच्छा से संतोषजनक स्तर

0 से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’ माना जाता है, जबकि 51 से 100 तक इसे ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर पर हवा आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित मानी जाती है।

मध्यम से खराब स्तर

101 से 200 तक AQI ‘मध्यम’ होता है, जिसमें संवेदनशील लोगों को हल्की परेशानी हो सकती है। 201 से 300 तक AQI ‘खराब’ और 301 से 400 तक ‘बहुत खराब’ माना जाता है।

गंभीर स्थिति

401 से 500 तक AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है, जो सभी लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है।

राहत के साथ सावधानी भी जरूरी

बारिश के बाद दिल्ली की हवा में सुधार जरूर आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है। मौसम बदलते ही प्रदूषण फिर से बढ़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि सरकार और आम लोग मिलकर प्रदूषण कम करने के लिए लगातार प्रयास करें।

साफ हवा सिर्फ मौसम की देन न बने, बल्कि स्थायी समाधान के जरिए दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके—यही इस राहत भरे मौसम से मिलने वाला सबसे बड़ा सबक है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।