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Delhi Blast: समस्तीपुर के कैब ड्राइवर पंकज की मौत, परिजनों ने की आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

Delhi Blast: समस्तीपुर के कैब ड्राइवर पंकज की मौत, परिजनों ने की आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
Delhi Blast: समस्तीपुर के कैब ड्राइवर पंकज की मौत, परिजनों ने की आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

दिल्ली धमाके में समस्तीपुर निवासी कैब ड्राइवर पंकज सहनी की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। परिवार ने आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच जारी है, जबकि बिहार और केंद्र सरकार ने मृतक परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

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Asfi Shadab
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Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट में समस्तीपुर के कैब ड्राइवर की मौत से गांव में पसरा मातम

दिल्ली में हुए भीषण धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस धमाके में बिहार के समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर फतेहपुर वार्ड संख्या-7 निवासी पंकज सहनी की मौत हो गई। 22 वर्षीय पंकज दिल्ली में कैब ड्राइवर के रूप में कार्यरत था और घटना के वक्त किसी बुकिंग पर जा रहा था। कार में वह अकेला ही था जब अचानक हुए ब्लास्ट में उसकी जान चली गई।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

पंकज के पिता रामबालक सहनी ने बताया कि घटना के समय उनका बेटा अकेला कैब चला रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पंकज किसी रिश्तेदार को छोड़ने रेलवे स्टेशन गया था, पर बाद में यह पुष्टि हुई कि वह ग्राहक की बुकिंग पर निकला था। मंगलवार की सुबह जब यह खबर गांव पहुंची, तो पूरे इलाके में मातम पसर गया।

गांव के लोगों की भीड़ पंकज के घर पर उमड़ पड़ी। परिजनों की चीखें सुनकर हर कोई भावुक हो उठा। पंकज के चाचा और अन्य परिजन घटना की सूचना मिलते ही सुबह-सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

25 साल पहले दिल्ली गए थे पिता, वहीं बसा परिवार

गांव के बुजुर्गों के अनुसार, पंकज के पिता रामबालक सहनी करीब 25 से 30 साल पहले ही अपनी पत्नी गायत्री देवी के साथ दिल्ली जाकर बस गए थे। वहीं उन्होंने अपने बच्चों को पाला और पढ़ाया। तीन बेटों और तीन बेटियों के परिवार में पंकज दूसरे नंबर पर था। उसका बड़ा भाई निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। तीनों बहनें भी उससे छोटी हैं।

गांव वाले बताते हैं कि परिवार अब गांव बहुत कम आता था। तीन साल पहले पंकज के बड़े भाई की शादी के समय पूरा परिवार गांव आया था। उसी वक्त सभी ने उसे आखिरी बार देखा था। शादी की धूमधाम अभी भी गांव वालों की याद में ताजा है।

दादा की वेदना – “सरकार आतंकियों को भी वैसे ही उड़ा दे”

पंकज के दादा ने कहा कि उनका पोता मेहनती और सादा जीवन जीने वाला था। उसकी मौत ने परिवार को तोड़ दिया है। दादा का गुस्सा और दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा, “सरकार को चाहिए कि आतंकियों को भी वैसे ही उड़ा दे जैसे उन्होंने निर्दोष लोगों की जान ली है। ऐसे लोगों को कोई माफी नहीं मिलनी चाहिए।”

गांव में गम का माहौल, हर आंख नम

Delhi Blast: गांव के लोग बताते हैं कि पंकज बहुत शांत स्वभाव का लड़का था और हर किसी की मदद के लिए आगे रहता था। जब भी गांव आता, सबके घर जाकर हालचाल पूछता। उसकी मौत की खबर जैसे ही आई, पूरा गांव गमगीन हो गया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था।

गांव के मुखिया ने बताया कि प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि पंकज के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और दिल्ली पुलिस जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार करे।

पुलिस जांच जारी, केंद्र सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग

दिल्ली पुलिस ने धमाके की जांच विशेष टीम को सौंपी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आतंकी साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां विस्फोटक सामग्री और घटनास्थल से बरामद सबूतों की जांच कर रही हैं।

केंद्र सरकार ने भी इस धमाके की निंदा करते हुए कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

बिहार सरकार भी सक्रिय, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

बिहार के मुख्यमंत्री ने पंकज की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस से मांग की कि मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाई जाए।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।