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DMRC News: दिल्ली मेट्रो के 32 स्टेशनों पर प्लेटफ़ॉर्म विस्तार से भीड़भाड़ होगी कम, यात्रियों को मिलेगा सहज सफ़र

DMRC News: दिल्ली मेट्रो के 32 स्टेशनों पर प्लेटफ़ॉर्म विस्तार से भीड़भाड़ होगी कम, यात्रियों को मिलेगा सहज सफ़र
Delhi Metro Platform Extension – दिल्ली मेट्रो के 32 स्टेशनों पर प्लेटफ़ॉर्म विस्तार से यात्रियों को मिलेगा सहज अनुभव (File Photo)
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Asfi Shadab
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दिल्ली मेट्रो के 32 स्टेशनों पर प्लेटफ़ॉर्म विस्तार की योजना से यात्रियों को बड़ी राहत की उम्मीद

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (संवाददाता)।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने राजधानी की मेट्रो सेवाओं को और अधिक सुलभ व सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से 32 स्टेशनों के प्लेटफ़ॉर्म को विस्तार देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय मेट्रो में बढ़ती भीड़भाड़ को देखते हुए लिया गया है, ताकि यात्रियों को व्यस्त समय में भीड़ से मुक्ति मिले और यात्रा का अनुभव अधिक सुरक्षित व आरामदायक बन सके।

प्लेटफ़ॉर्म विस्तार से बढ़ेगी यात्री क्षमता

डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जिन स्टेशनों का चयन इस परियोजना के लिए किया गया है, उनमें नोएडा सेक्टर-15, 16, 18, गोल्फ कोर्स, नोएडा सिटी सेंटर, लक्ष्मी नगर, निर्माण विहार, प्रीत विहार सहित कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। ये सभी स्टेशन ब्लू लाइन और उसकी एक्सटेंशन लाइन पर स्थित हैं।

वर्तमान में इन स्टेशनों पर सुबह और शाम के व्यस्त घंटों में अत्यधिक भीड़ देखी जाती है। प्लेटफ़ॉर्म विस्तार के पश्चात इन स्टेशनों पर लंबी ट्रेनों को रोका जा सकेगा, जिससे यात्रियों की संख्या को संभालने की क्षमता में वृद्धि होगी।

एक वर्ष में पूर्ण होगी परियोजना

डीएमआरसी ने इस परियोजना के लिए लगभग ₹5.71 करोड़ की लागत का अनुमान लगाया है। निविदा प्रक्रिया 24 अक्टूबर को आरंभ हो चुकी है और 17 नवम्बर तक खुली रहेगी। 18 नवम्बर को तकनीकी बोलियाँ खोली जाएँगी, जबकि 31 अक्टूबर को पूर्व-निविदा बैठक ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।

अधिकारी के अनुसार, कार्यारंभ की तिथि से एक वर्ष के भीतर सभी 32 स्टेशनों पर विस्तार का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। यह कार्य डीएमआरसी की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसके अंतर्गत मेट्रो संरचना को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार उन्नत किया जा रहा है।

भीड़भाड़ में कमी और सुरक्षा में वृद्धि

मेट्रो प्लेटफ़ॉर्म पर भीड़ के कारण अक्सर धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न होता है। प्लेटफ़ॉर्म के विस्तार से यह समस्या काफी हद तक कम होगी। डीएमआरसी का कहना है कि इससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में अधिक सुविधा मिलेगी और भीड़ नियंत्रण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में निकासी की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।

डीएमआरसी का दीर्घकालिक दृष्टिकोण

दिल्ली मेट्रो प्रतिदिन लगभग 70 लाख से अधिक यात्रियों को परिवहन सुविधा प्रदान करती है। ऐसे में, यात्री संख्या के निरंतर बढ़ते ग्राफ को देखते हुए डीएमआरसी अपने नेटवर्क का लगातार आधुनिकीकरण कर रहा है।

प्लेटफ़ॉर्म विस्तार के साथ-साथ, मेट्रो स्टेशन परिसर में स्मार्ट टिकटिंग सिस्टम, एआई-आधारित निगरानी प्रणाली, ऊर्जा संरक्षण परियोजनाएँ और ग्रीन बिल्डिंग मानकों को भी लागू किया जा रहा है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

मेट्रो यात्रियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। नोएडा सेक्टर-18 स्टेशन पर यात्रा करने वाले एक यात्री ने कहा, “अक्सर पीक आवर्स में ट्रेन से उतरने में मुश्किल होती है। अगर प्लेटफ़ॉर्म बढ़ेगा तो न केवल भीड़ कम होगी बल्कि चढ़ना-उतरना भी आसान होगा।”

वहीं, दिल्ली के लक्ष्मी नगर क्षेत्र के एक यात्री ने कहा कि डीएमआरसी का यह कदम समयानुकूल है और यह राजधानी के परिवहन तंत्र को और सशक्त बनाएगा।

सरकार और डीएमआरसी का संयुक्त प्रयास

इस परियोजना को दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार दोनों का सहयोग प्राप्त है। मेट्रो का यह विस्तार दिल्ली-नोएडा कॉरिडोर को और भी प्रभावी बनाएगा, जिससे यात्रियों को सीमापार यात्रा में अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।

अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यदि आवश्यक हुआ तो इसी प्रकार का विस्तार अन्य व्यस्त लाइनों जैसे येलो लाइन, रेड लाइन और पिंक लाइन पर भी किया जाएगा।

दिल्ली मेट्रो का यह निर्णय राजधानी की यातायात व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में सुधार होगा, बल्कि मेट्रो की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। भविष्य में यह पहल शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक उदाहरण बन सकती है।


यह समाचार पीटीआई(PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित किया गया है।


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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।