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दिल्ली में बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या, आधी रात बेटे ने पुलिस को कॉल कर दी जानकारी

दिल्ली में बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या, आधी रात बेटे ने पुलिस को कॉल कर दी जानकारी
दिल्ली में बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या

दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक बुजुर्ग दंपती की उनके घर में हत्या कर दी गई। आधी रात की पीसीआर कॉल के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इस घटना ने राजधानी में बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Dipali Kumari
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Delhi Double Murder: राजधानी दिल्ली के शाहदरा इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक बुजुर्ग दंपती की उनके ही घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय सामने आई, जब आधी रात के बाद पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिली और मौके पर पहुंची टीम ने जो दृश्य देखा, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने वाला था।

मृतकों की पहचान 75 वर्षीय वीरेंद्र कुमार बंसल और उनकी 65 वर्षीय पत्नी प्रवेश बंसल के रूप में हुई है। दोनों के शव घर की तीसरी मंजिल पर स्थित अलग-अलग कमरों में पाए गए।

आधी रात की पीसीआर कॉल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के अनुसार, रविवार रात करीब 12.30 बजे मानसरोवर पार्क थाने में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वाले ने बताया कि शाहदरा इलाके में उसके माता-पिता की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और स्टाफ तुरंत मौके के लिए रवाना हो गए।

पुलिस को कॉल करने वाले की पहचान वैभव बंसल के रूप में हुई है, जो मृतक दंपती के बेटे बताए जा रहे हैं। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तो घर का माहौल असामान्य रूप से शांत था, लेकिन भीतर का दृश्य बेहद भयावह था। तीसरी मंजिल पर दो कमरों में अलग-अलग शव पड़े हुए थे, जिससे साफ था कि यह कोई साधारण घटना नहीं है।

घर के भीतर बिखरे संकेत और शुरुआती जांच

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वीरेंद्र कुमार बंसल के चेहरे पर चोट के स्पष्ट निशान थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि उनकी हत्या से पहले संघर्ष हुआ होगा। वहीं, प्रवेश बंसल का शव दूसरे कमरे में मिला, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों की हत्या एक साथ की गई या अलग-अलग समय पर।

घर के भीतर किसी बड़े तोड़फोड़ के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि घर में जबरन घुसपैठ के निशान हैं या नहीं, और किसी कीमती सामान की चोरी हुई है या नहीं।

परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ

घटना के बाद पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। पड़ोसियों का कहना है कि बंसल दंपती शांत स्वभाव के थे और इलाके में किसी से उनका कोई विवाद नहीं था। वे लंबे समय से उसी घर में रह रहे थे और सामाजिक रूप से भी सक्रिय थे।

पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिरी बार उन्हें किसने देखा था, उस रात घर में कौन-कौन मौजूद था और क्या किसी संदिग्ध गतिविधि की भनक पहले किसी को लगी थी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हत्यारों की आवाजाही का पता लगाया जा सके।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के सही समय और कारण का पता चलेगा, जिससे जांच को दिशा मिलेगी। साथ ही, यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या में किस प्रकार के हथियार का इस्तेमाल किया गया।

फिलहाल पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित एंगल पर जांच कर रही है—चाहे वह पारिवारिक विवाद हो, संपत्ति से जुड़ा मामला हो या फिर किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।