नई दिल्ली। देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो की एक उड़ान को रविवार को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। यह घटना दिल्ली से पटना जा रही उड़ान संख्या 6ई2425 के साथ हुई। विमान ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद वापसी का रुख किया। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन अचानक वापसी का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। यह घटना एक बार फिर हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है।
उड़ान की पूरी घटना का विवरण
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई2425 सुबह निर्धारित समय पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पटना के लिए रवाना हुई थी। विमान में सवार यात्रियों को बिहार की राजधानी पटना पहुंचना था। उड़ान भरने के लगभग 15 से 20 मिनट बाद ही विमान को अचानक दिशा बदलनी पड़ी।
विमान ने फरीदाबाद और पलवल के इलाके में कई चक्कर लगाए। यह असामान्य गतिविधि देखी गई जब विमान अपने निर्धारित रास्ते से हटकर एक ही क्षेत्र में घूमता रहा। इस दौरान विमान में सवार यात्रियों को चिंता होना स्वाभाविक था। हालांकि, पायलट और केबिन क्रू ने स्थिति को संभालते हुए यात्रियों को आश्वस्त किया।
फरीदाबाद और पलवल के ऊपर चक्कर काटने का कारण
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी विमान को तकनीकी समस्या या आपातकालीन स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो पायलट अक्सर हवा में चक्कर लगाते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण विमान में मौजूद अतिरिक्त ईंधन को कम करना होता है। लैंडिंग से पहले विमान का वजन कम करना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी होता है।
इस मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। विमान ने फरीदाबाद और पलवल के इलाके में लगभग 20 से 30 मिनट तक चक्कर लगाए। इस दौरान पायलट लगातार एयर ट्रैफिक कंट्रोल के संपर्क में रहे और सभी जरूरी निर्देशों का पालन किया।
सुरक्षित लैंडिंग और यात्रियों की स्थिति
चक्कर लगाने के बाद विमान ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। हवाई अड्डे पर आपातकालीन सेवाएं पहले से ही तैयार रखी गई थीं। अग्निशमन विभाग की गाड़ियां और एंबुलेंस रनवे के पास तैनात थीं। हालांकि, किसी भी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
विमान में सवार सभी यात्रियों को हवाई अड्डे पर उतार दिया गया। उन्हें टर्मिनल भवन में ले जाया गया जहां उनकी जांच की गई। किसी भी यात्री को किसी प्रकार की शारीरिक या मानसिक समस्या नहीं हुई। इंडिगो कंपनी ने यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
तकनीकी खराबी की आशंका
हालांकि अभी तक इंडिगो ने वापसी का कोई आधिकारिक कारण जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार विमान में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। यह इंजन में समस्या, हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी या किसी अन्य यांत्रिक त्रुटि के कारण हो सकता है।
विमानन नियमों के अनुसार, किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या होने पर पायलट को तुरंत निकटतम हवाई अड्डे पर वापस लौटने का अधिकार है। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है और इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसे फैसले लिए जाते हैं।
इंडिगो का आधिकारिक बयान
इंडिगो की ओर से जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा गया कि उड़ान संख्या 6ई2425 को तकनीकी कारणों से सावधानी के तौर पर वापस बुलाया गया। सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें वैकल्पिक उड़ान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विमान की पूरी तरह से जांच की जा रही है और समस्या का पता लगाने के बाद ही इसे फिर से सेवा में लाया जाएगा।
कंपनी ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
विमानन सुरक्षा मानक और नियम
भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमानन सुरक्षा को लेकर सख्त मानक तय किए हैं। हर विमान को उड़ान भरने से पहले और बाद में कई तरह की जांच से गुजरना पड़ता है। पायलटों को भी नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि आपातकालीन स्थिति में वे सही फैसला ले सकें।
इस घटना के बाद डीजीसीए ने जांच शुरू कर दी है। विमान के ब्लैक बॉक्स और अन्य उपकरणों की जांच की जाएगी। पायलट और केबिन क्रू से भी पूछताछ की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
विमान में सवार कुछ यात्रियों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शुरुआत में कुछ घबराहट हुई लेकिन केबिन क्रू ने शांत रहने को कहा। एक यात्री ने बताया कि विमान में अचानक दिशा बदली और फिर काफी देर तक चक्कर लगाए गए। लेकिन पायलट की कुशलता से सभी सुरक्षित उतर गए।
एक अन्य यात्री ने कहा कि हालांकि डर लगा लेकिन स्टाफ का व्यवहार सराहनीय रहा। उन्होंने हर संभव मदद की और स्थिति पर नियंत्रण रखा।
हाल के दिनों में विमानन घटनाएं
पिछले कुछ महीनों में देश में विमानन से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। कभी तकनीकी खराबी तो कभी मौसम की खराबी के कारण विमानों को आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी है। ऐसे में विमानन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में विमानन सुरक्षा के मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं और जब भी होती हैं, सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।
इंडिगो की दिल्ली-पटना उड़ान की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विमानन सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पायलट और केबिन क्रू की सूझबूझ से सभी यात्री सुरक्षित रहे। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है जो वास्तविक कारण स्पष्ट करेगी। यात्रियों को भी ऐसी स्थितियों में धैर्य रखना चाहिए और स्टाफ के निर्देशों का पालन करना चाहिए।