Rashtra Bharat Logo

राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार को घेरा, कहा- देश को बेच दिया

राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार को घेरा, कहा- देश को बेच दिया
Rahul Gandhi India US Trade Deal: राहुल गांधी ने ट्रेड डील पर सरकार को घेरा, कहा अमेरिका को सब मिला भारत को कुछ नहीं (Image Source: Sansad TV)

Rahul Gandhi India US Trade Deal: लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि इस डील में अमेरिका को फायदा हुआ जबकि भारत को कुछ नहीं मिला। कृषि क्षेत्र खोल दिया गया और भारत का डेटा भी सौंप दिया गया। राहुल ने दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और युद्ध के खतरों पर भी चिंता जताई।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

Rahul Gandhi India US Trade Deal: संसद में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर कई सवाल उठाए और सरकार पर आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत के हितों की अनदेखी की गई है। राहुल गांधी ने कहा कि यह डील पूरी तरह से सरेंडर है और इसमें अमेरिका को सब कुछ मिला जबकि भारत खाली हाथ रह गया।

कांग्रेस सांसद ने अपने भाषण में कहा कि इस डील के तहत अमेरिका के लिए कई रास्ते खोल दिए गए लेकिन भारत को बदले में कुछ नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि अमेरिका हमारे देश के फैसले कैसे ले सकता है और यह तय कर सकता है कि भारत किस देश से तेल खरीदे और किससे नहीं।

ट्रेड डील पर राहुल का सीधा हमला

राहुल गांधी ने संसद में अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका की तरफ से तेल खरीद पर पाबंदियां लगा दी गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रंप कैसे तय कर सकते हैं कि भारत किस देश से तेल खरीदे। यह भारत की आजादी और संप्रभुता पर सीधा सवाल है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के हितों की अनदेखी की है और अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस डील में कृषि क्षेत्र को भी अमेरिका के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा। यह समझौता किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे भारतीय कृषि को नुकसान होगा। उन्होंने इस डील को पूरी तरह से सरेंडर करार दिया।

अमेरिका को चाहिए सिर्फ भारत का डेटा

राहुल गांधी ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को असल में भारत का डेटा चाहिए। भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश का डेटा अमेरिका के लिए बहुत कीमती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने भारत का डेटा अमेरिका को सौंप दिया है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में डेटा बहुत जरूरी है। अमेरिका अपनी एआई कंपनियों को आगे बढ़ाने के लिए भारत के डेटा का इस्तेमाल करना चाहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि एआई के कई नतीजे होंगे और जो कंपनियां इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में सबसे आगे हैं उन्हें मुश्किल होगी।

राहुल गांधी ने कहा कि भारत ने अमेरिका को सब कुछ दे दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रधानमंत्री इस तरह की डील नहीं कर सकता जो देश के हितों के खिलाफ हो।

दुनिया युद्ध के दौर में जा रही है

राहुल गांधी ने अपने भाषण में वैश्विक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने इकोनॉमिक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें उसमें दो बड़ी बातें मिलीं। पहली बात यह है कि हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां भू-राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है। दूसरी बात यह है कि हम ऊर्जा और वित्तीय हथियारों की दुनिया में रह रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस और दूसरी ताकतें चुनौती दे रही हैं। पूरी दुनिया में स्थिरता की जगह अस्थिरता बढ़ रही है। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा था कि युद्ध का दौर खत्म हो गया है लेकिन राहुल गांधी ने इस बात को खारिज करते हुए कहा कि असल में हम युद्ध के दौर में जा रहे हैं।

दुनिया भर में बढ़ रहे संघर्ष

कांग्रेस नेता ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध चल रहा है, गाजा में युद्ध हुआ था, मिडिल ईस्ट में युद्ध है और ईरान में युद्ध का खतरा है। सिंदूर में भी भारत के ऑपरेशन हुए थे। यह सब दिखाता है कि दुनिया अस्थिरता की तरफ बढ़ रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि हम स्थिरता की दुनिया से अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं। पहले जो व्यवस्था थी वह अब बदल रही है। नई व्यवस्था कैसी होगी, यह कोई नहीं जानता।

डॉलर के प्रभुत्व को मिल रही चुनौती

Rahul Gandhi India US Trade Deal: विपक्ष के नेता ने कहा कि वैश्विक स्तर पर डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती दी जा रही है। उन्होंने कहा कि असल खेल यह है कि डॉलर को चुनौती दी जा रही है और अमेरिका के दबदबे को चुनौती दी जा रही है। हम एक सुपरपावर की दुनिया से किसी नई दुनिया में जा रहे हैं जिसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।

राहुल गांधी ने कहा कि इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत को अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए। लेकिन सरकार ने जो ट्रेड डील की है वह देश के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सब कुछ दे देना और बदले में कुछ नहीं लेना समझदारी नहीं है।

सरकार की नीतियों पर सवाल

राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति और व्यापार नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को देश के हितों को सबसे पहले रखना चाहिए। किसी भी डील में भारत को फायदा होना चाहिए। लेकिन इस ट्रेड डील में भारत को कोई फायदा नहीं हुआ।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार को किसानों, व्यापारियों और देश की जनता के हितों का ध्यान रखना चाहिए। लेकिन इस डील में इन सब की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि यह डील देश के लिए नुकसानदेह है।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि दुनिया में बदलाव हो रहा है और भारत को इस बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए। लेकिन सरकार की नीतियां देश को कमजोर बना रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह देश के हितों को सर्वोपरि रखे और ऐसी डील करे जिससे भारत को फायदा हो।

संसद में राहुल गांधी के इस भाषण ने बहस को गर्मा दिया है। विपक्ष ने भी राहुल के बयानों का समर्थन किया है जबकि सत्तापक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस होने की संभावना है।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।