Rashtra Bharat Logo

अहमदाबाद के दस स्कूलों को मिली बम की धमकी, दोपहर की पाली के लिए छुट्टी घोषित

अहमदाबाद के दस स्कूलों को मिली बम की धमकी, दोपहर की पाली के लिए छुट्टी घोषित
Ahmedabad Schools Bomb Threat: अहमदाबाद के दस स्कूलों को मिली धमकी भरी ईमेल, पुलिस ने शुरू की जांच (File Photo)

गुजरात के अहमदाबाद में दस स्कूलों को बम की धमकी भरी ईमेल मिली जिसमें लिखा था "हम बदला लेंगे"। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी स्कूलों में तलाशी ली लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। दोपहर की पाली के लिए छुट्टी घोषित कर दी गई। साइबर क्राइम टीम ईमेल के स्रोत की जांच कर रही है। यह देशभर में स्कूलों को मिल रही धमकियों की श्रृंखला का हिस्सा है।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

अहमदाबाद के दस स्कूलों को बम की धमकी भरी ईमेल मिलने से मचा हड़कंप

गुजरात के अहमदाबाद शहर में सोमवार को एक साथ दस स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल मिली। इस घटना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और सुरक्षा को देखते हुए दोपहर की पाली के लिए छुट्टी घोषित कर दी गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी स्कूलों में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरी ईमेल में लिखा था “हम बदला लेंगे”। यह धमकी देश भर में स्कूलों को मिल रही ऐसी धमकियों की श्रृंखला का हिस्सा प्रतीत होती है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन सभी धमकियों के पीछे कौन है और इनका उद्देश्य क्या है।

पुलिस ने की व्यापक तलाशी

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, जोन 1, हर्षद पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि अहमदाबाद में लगभग दस स्कूलों को बम की धमकी भरी ईमेल प्राप्त हुई। इसके बाद पुलिस की कई टीमों ने स्कूलों में तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है और दोपहर की पाली के लिए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

पटेल ने बताया कि शहर की पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पुलिस स्टेशन के प्रभारी और अन्य टीमें विभिन्न स्कूलों में जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों ने अपनी दोपहर की पालियों को निलंबित या स्थगित कर दिया है। अन्य स्कूल भी अपने परिसरों में सुरक्षा के माध्यम से जांच कर रहे हैं। अहमदाबाद पुलिस की साइबर क्राइम इकाई ईमेल के स्रोत की जांच कर रही है।

किन स्कूलों को मिली धमकी

जानकारी के अनुसार जिन स्कूलों को धमकी भरी ईमेल मिली उनमें वेजलपुर में जाइडस स्कूल, जेब्रा स्कूल, महाराजा अग्रसेन स्कूल, वास्त्रापुर में निर्माण स्कूल और डीएवी इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं। ये सभी शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान हैं जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं।

धमकी की प्रकृति को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिससे तत्काल कार्रवाई हुई। अहमदाबाद पुलिस ने सुरक्षा कर्मियों और डॉग स्क्वाड को तैनात किया और स्कूलों का निरीक्षण किया। माता-पिता को तुरंत सूचित किया गया कि वे अपने बच्चों को घर ले जाएं।

माता-पिता को भेजा गया संदेश

स्कूल प्रशासन ने माता-पिता को भेजे गए एक नोटिस में लिखा, “यह सूचित किया जाता है कि कुछ असुविधा के कारण हमें विद्यालय परिसर खाली करना है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द अपने बच्चे को ले जाएं।” इस संदेश के बाद अभिभावकों में दहशत फैल गई और सभी ने तुरंत अपने बच्चों को स्कूल से घर ले जाना शुरू कर दिया।

हालांकि अधिकारियों ने ईमेल की सटीक सामग्री का खुलासा नहीं किया है क्योंकि मामला जांच के दायरे में है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह ईमेल किसने और किस उद्देश्य से भेजी।

देशभर में बढ़ रही ऐसी घटनाएं

अहमदाबाद के स्कूलों को मिली धमकी देश भर में कई स्कूलों को भेजी गई धमकी भरी ईमेल की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले दिल्ली और पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कई स्कूलों को ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं।

15 दिसंबर को पंजाब के जालंधर में कम से कम 11 निजी स्कूलों को सोमवार की सुबह बम की धमकी भरी ईमेल मिली, जिसके बाद तत्काल निकासी की गई। 12 दिसंबर को अमृतसर के कई स्कूलों को भी ईमेल के माध्यम से बम की धमकी मिली, जो बाद में झूठी निकली। इसी तरह 10 दिसंबर को दिल्ली के कई स्कूल भी ऐसी धमकियों का निशाना बने। गुरुग्राम में भी एक स्कूल को बम की धमकी मिली थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि क्या वे सभी आपस में संबंधित थीं।

साइबर क्राइम टीम की जांच जारी

अहमदाबाद पुलिस की साइबर क्राइम इकाई इन धमकी भरी ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि ये ईमेल कहां से भेजी गई हैं और इनके पीछे किसका हाथ है। साइबर विशेषज्ञों की टीम ईमेल के आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी विवरणों की जांच कर रही है।

पुलिस का मानना है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है जो देश भर में स्कूलों को निशाना बना रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी धमकी में कोई वास्तविक खतरा सामने नहीं आया है, लेकिन ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन रही हैं।

सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत

इन घटनाओं के बाद स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठने लगी है। शिक्षाविदों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बेहतर सुरक्षा प्रणाली होनी चाहिए ताकि ऐसी स्थितियों से निपटा जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर सुरक्षा के मामले में भी स्कूलों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। स्कूल प्रशासन को ऐसी धमकियों से निपटने के लिए एक स्पष्ट योजना बनानी चाहिए और समय-समय पर सुरक्षा अभ्यास कराने चाहिए।

जांच में जुटी पुलिस

फिलहाल अहमदाबाद पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही धमकी भेजने वाले का पता लगा लिया जाएगा। साथ ही पुलिस ने स्कूल प्रशासन और अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और सतर्क रहें।

इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी धमकियों से निपटने के लिए बेहतर साइबर सुरक्षा तंत्र की जरूरत है। साथ ही स्कूलों में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ होना भी जरूरी है।

पुलिस ने माता-पिता और स्कूल प्रशासन से कहा है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि सभी स्कूलों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।