
GRAP-3: ग्रेप-3 की अनदेखी से गुरुग्राम में वायु संकट गहराया गुरुग्राम में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन द्वारा लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-3) के नियमों की अनदेखी के चलते शहर की हवा जहरीली हो चुकी है। बुधवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 350 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। मानेसर में यह स्तर 254 रहा। इस भयावह स्थिति ने शहरवासियों को गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर धकेल दिया है। स्मॉग की चादर और बिगड़ती दृश्यता सुबह से ही शहर पर स्मॉग की परत छाई रही। दृश्यता घटने

GRAP-3: ग्रेप-3 की अनदेखी से गुरुग्राम में वायु संकट गहराया गुरुग्राम में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन द्वारा लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-3) के नियमों की अनदेखी के चलते शहर की हवा जहरीली हो चुकी है। बुधवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 350 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। मानेसर में यह स्तर 254 रहा। इस भयावह स्थिति ने शहरवासियों को गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर धकेल दिया है। स्मॉग की चादर और बिगड़ती दृश्यता सुबह से ही शहर पर स्मॉग की परत छाई रही। दृश्यता घटने

दिल्ली-एनसीआर की हवा में मामूली सुधार, लेकिन सांस लेने में मुश्किलें बरकरार दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर सर्दियों की शुरुआत के साथ फिर बढ़ने लगा है। मंगलवार को हालांकि हवा में हल्का सुधार दर्ज किया गया, लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी के करीब बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 172 दर्ज किया गया जो ‘अनहेल्दी फॉर सेंसिटिव ग्रुप्स’ यानी संवेदनशील लोगों के लिए हानिकारक स्तर को दर्शाता है। किन इलाकों में हवा सबसे ज्यादा खराब दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में प्रदूषण का

दिल्ली-एनसीआर की हवा में मामूली सुधार, लेकिन सांस लेने में मुश्किलें बरकरार दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर सर्दियों की शुरुआत के साथ फिर बढ़ने लगा है। मंगलवार को हालांकि हवा में हल्का सुधार दर्ज किया गया, लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी के करीब बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 172 दर्ज किया गया जो ‘अनहेल्दी फॉर सेंसिटिव ग्रुप्स’ यानी संवेदनशील लोगों के लिए हानिकारक स्तर को दर्शाता है। किन इलाकों में हवा सबसे ज्यादा खराब दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में प्रदूषण का

भारत में डीज़ल के दाम स्थिर, 11 महीने से नहीं हुआ कोई बदलाव 5 नवंबर 2025: देशभर में डीज़ल के दाम पिछले 11 महीनों से स्थिर हैं। मुंबई में आज डीज़ल की कीमत ₹90.03 प्रति लीटर, जबकि दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर दर्ज की गई।1 दिसंबर 2024 से अब तक देश में डीज़ल की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। डीज़ल की कीमतें अब रोजाना तय की जाती हैं — यह प्रणाली 15 जून 2017 से लागू है। पहले हर 15 दिन में बदलाव होता था, जिससे अचानक मूल्य परिवर्तन उपभोक्ताओं के लिए बोझ बन जाता था। मुख्य महानगरों

भारत में डीज़ल के दाम स्थिर, 11 महीने से नहीं हुआ कोई बदलाव 5 नवंबर 2025: देशभर में डीज़ल के दाम पिछले 11 महीनों से स्थिर हैं। मुंबई में आज डीज़ल की कीमत ₹90.03 प्रति लीटर, जबकि दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर दर्ज की गई।1 दिसंबर 2024 से अब तक देश में डीज़ल की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। डीज़ल की कीमतें अब रोजाना तय की जाती हैं — यह प्रणाली 15 जून 2017 से लागू है। पहले हर 15 दिन में बदलाव होता था, जिससे अचानक मूल्य परिवर्तन उपभोक्ताओं के लिए बोझ बन जाता था। मुख्य महानगरों

भारत में पेट्रोल के दाम स्थिर, मुंबई में ₹103.50 प्रति लीटर, 11 महीने से नहीं हुआ बदलाव भारत में पेट्रोल के दामों में पिछले 11 महीनों से कोई बदलाव नहीं देखा गया है। 5 नवंबर 2025 को देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें लगभग समान बनी हुई हैं। मुंबई में आज पेट्रोल का भाव ₹103.50 प्रति लीटर दर्ज किया गया, जो दिसंबर 2024 से अब तक अपरिवर्तित है। पेट्रोल की दरें स्थिर रहने के प्रमुख कारण पेट्रोल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, घरेलू कर ढांचे और रुपये-डॉलर के विनिमय दर पर निर्भर करते हैं।

भारत में पेट्रोल के दाम स्थिर, मुंबई में ₹103.50 प्रति लीटर, 11 महीने से नहीं हुआ बदलाव भारत में पेट्रोल के दामों में पिछले 11 महीनों से कोई बदलाव नहीं देखा गया है। 5 नवंबर 2025 को देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें लगभग समान बनी हुई हैं। मुंबई में आज पेट्रोल का भाव ₹103.50 प्रति लीटर दर्ज किया गया, जो दिसंबर 2024 से अब तक अपरिवर्तित है। पेट्रोल की दरें स्थिर रहने के प्रमुख कारण पेट्रोल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, घरेलू कर ढांचे और रुपये-डॉलर के विनिमय दर पर निर्भर करते हैं।

गुरुग्राम में डेंगू के डंक पर लगाम, स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से 62.25 फीसदी की गिरावट गुरुग्राम में डेंगू का प्रकोप इस वर्ष नियंत्रित दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग की निरंतर निगरानी, जनजागरूकता अभियानों और मच्छर नियंत्रण कार्यों के चलते जिले में डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेंगू मरीजों की संख्या में 62.25 प्रतिशत की कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग की रणनीति और सफलता गुरुग्राम जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष डेंगू पर नियंत्रण के लिए व्यापक कदम उठाए। विभाग ने डोर-टू-डोर मास फीवर सर्वे, लार्वा खोज

गुरुग्राम में डेंगू के डंक पर लगाम, स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से 62.25 फीसदी की गिरावट गुरुग्राम में डेंगू का प्रकोप इस वर्ष नियंत्रित दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग की निरंतर निगरानी, जनजागरूकता अभियानों और मच्छर नियंत्रण कार्यों के चलते जिले में डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेंगू मरीजों की संख्या में 62.25 प्रतिशत की कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग की रणनीति और सफलता गुरुग्राम जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष डेंगू पर नियंत्रण के लिए व्यापक कदम उठाए। विभाग ने डोर-टू-डोर मास फीवर सर्वे, लार्वा खोज