Rashtra Bharat Logo

Gurugram Dengue Case: गुरुग्राम में डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण, स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से 62.25 प्रतिशत घटी मरीजों की संख्या

Gurugram Dengue Case: गुरुग्राम में डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण, स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से 62.25 प्रतिशत घटी मरीजों की संख्या
Gurugram Dengue Cases – स्वास्थ्य विभाग के सघन प्रयासों से गुरुग्राम में डेंगू मरीजों में 62.25% की कमी (file photo)
Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

गुरुग्राम में डेंगू के डंक पर लगाम, स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से 62.25 फीसदी की गिरावट

गुरुग्राम में डेंगू का प्रकोप इस वर्ष नियंत्रित दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग की निरंतर निगरानी, जनजागरूकता अभियानों और मच्छर नियंत्रण कार्यों के चलते जिले में डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेंगू मरीजों की संख्या में 62.25 प्रतिशत की कमी आई है।


स्वास्थ्य विभाग की रणनीति और सफलता

गुरुग्राम जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष डेंगू पर नियंत्रण के लिए व्यापक कदम उठाए। विभाग ने डोर-टू-डोर मास फीवर सर्वे, लार्वा खोज अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक केवल 57 केस दर्ज किए गए हैं, जबकि 2024 के अक्टूबर तक 151 केस दर्ज हुए थे।

डेंगू की रोकथाम के लिए 18,41,545 घरों में सर्वे किया गया। इनमें से 9,252 स्थानों पर लार्वा मिला। सभी मामलों में संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। साथ ही, संदिग्ध मरीजों के 6,039 सैंपल जांच के लिए भेजे गए और 1,626 रैपिड टेस्ट किए गए।


नगर निगम की सक्रिय भूमिका

नगर निगम गुरुग्राम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर वार्ड-स्तर पर फागिंग और जलभराव नियंत्रण अभियान शुरू किए। निगम के पास 42 हैंड माउंटिड, 10 व्हीकल माउंटिड फागिंग मशीनें और 43 हैंड स्प्रे मशीनें उपलब्ध हैं। निगम प्रवक्ता के अनुसार, “सभी वार्डों में नियमित रूप से फागिंग व लार्विसाइड स्प्रे किया जा रहा है ताकि मच्छर जनित रोगों पर अंकुश लगाया जा सके।”


अस्पतालों में विशेष इंतज़ाम

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जयप्रकाश राजरीवाल के अनुसार, जिला नागरिक अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था की गई है। एंटी-लार्वा टीमों द्वारा रोजाना पानी भरे स्थानों पर दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
उन्होंने बताया, “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी जलभराव क्षेत्र सात दिनों से अधिक न रहे। इसके लिए निगरानी दल लगातार सक्रिय है।”


डेंगू के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट में जिले के कुछ प्रमुख प्रभावित क्षेत्र निम्न रहे –

  • गढ़ी गांव

  • वजीराबाद शहरी

  • पटौदी

  • गुड़गांव गांव

  • दौलताबाद

  • नखरौला

  • बादशाहपुर

  • परला

  • भांगरौला

इन क्षेत्रों में लगातार सर्वे, दवा छिड़काव और जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।


पिछले सात वर्षों में डेंगू की स्थिति

वर्षजांचे गए घरलार्वा मिलानोटिस जारीजांचेंकेसमौतें
20183,91,66010,0431,2251,522933
20197,91,34416,0683,3251,914220
202018,53,63632,8295,0931,036510
202132,29,28231,30515,3595,6503271
202239,37,07318,43211,61510,4174400
202326,74,76431,82721,4698,0882761
202421,86,31722,00018,55612,4371860
202518,41,54518,1309,2527,665570

(स्रोत: जिला स्वास्थ्य विभाग, गुरुग्राम)


सूखा दिवस’ अभियान से मच्छर नियंत्रण में मदद

स्वास्थ्य विभाग ने सप्ताह में एक दिन ‘सूखा दिवस’ (Dry Day) मनाने की अपील की है ताकि लोग अपने घरों में जलभराव न होने दें। इस पहल से डेंगू के मच्छरों के प्रजनन को रोका जा रहा है।
डॉ. अलका सिंह, सिविल सर्जन, गुरुग्राम ने कहा,

“जनता के सहयोग से ही डेंगू पर नियंत्रण संभव है। हर नागरिक को अपने घर, छत, बालकनी और आसपास की जगहों को सूखा रखना चाहिए।”

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।