Himachal Bus Accident: हिमाचल प्रदेश की शांत और खूबसूरत पहाड़ियों ने एक बार फिर एक दर्दनाक मंजर देखा है। सिरमौर जिले में सोलन से हरिपुरधर जा रही एक निजी बस खाई में गिर गयी. इस दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मौत हो गयी. वहीं दर्जनों की संख्या में यात्री घायल हैं. सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई, जब बस में कुल 66 यात्री सवार थे।
दुर्घटना का भयावह दृश्य
स्थानीय लोगों के अनुसार, दुर्घटनास्थल बेहद दुर्गम इलाके में है, जहां तक पहुंचना आसान नहीं। बस गहरी खाई में गिरने के कारण कई यात्री सीटों में फंस गए। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी और बचाव कार्य में जुट गए। संकरी सड़कों, ढलान और मौसम की चुनौतियों के बीच राहत एवं बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि घायलों को नजदीकी अस्पतालों और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बड़े चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है। सरकार की ओर से दुर्घटना की विस्तृत जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
घायलों की स्थिति और अस्पतालों में संघर्ष
घायल यात्रियों के लिए यह हादसा शारीरिक ही नहीं, मानसिक पीड़ा भी लेकर आया है। अस्पतालों में भर्ती कई लोग अब भी सदमे में हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। परिजनों की आंखों में अपनों को खोने का डर और इलाज की उम्मीद, दोनों साफ देखे जा सकते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
प्रधानमंत्री की सहायता घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे को गंभीर मानवीय त्रासदी बताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से सहायता की घोषणा की है। प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता भले ही अपूरणीय क्षति की भरपाई न कर सके, लेकिन पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में कुछ सहारा जरूर देगी।