Rashtra Bharat Logo

Himachal Pradesh News: हिमाचल कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय: पंचायतों का पुर्नगठन, मेयर का कार्यकाल पाँच वर्ष, आपदा प्रभावितों को राहत

Himachal Pradesh News: हिमाचल कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय: पंचायतों का पुर्नगठन, मेयर का कार्यकाल पाँच वर्ष, आपदा प्रभावितों को राहत
Himachal Cabinet Decisions: हिमाचल कैबिनेट ने पंचायत चुनाव, मेयर कार्यकाल और आपदा राहत को लेकर महत्वपूर्ण फैसले किए
Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

हिमाचल कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों का विस्तृत विवरण

पंचायतों का पुर्नगठन एवं चुनाव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश की पंचायत व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर गहन चर्चा हुई। कैबिनेट ने पंचायतों के पुर्नगठन (Reorganization) की प्रक्रिया आरंभ करने का निर्णय लिया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव दिसंबर में कराना प्रस्तावित है, किन्तु सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति पूरी तरह से चुनाव के अनुकूल नहीं है। इसलिए, चुनाव से पूर्व आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद ही अंतिम तिथि घोषित की जाएगी।

नगर निगम में मेयर एवं डिप्टी मेयर का कार्यकाल

राज्य कैबिनेट ने नगर निगम के मेयर और उप-महापौर का कार्यकाल अब पाँच वर्ष करने का निर्णय लिया। इससे पहले यह कार्यकाल ढाई वर्ष का था।
उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि ढाई वर्ष के कार्यकाल में महापौर चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग होती थी, जिसके कारण निर्णय लेने में बाधा आती थी। कार्यकाल वृद्धि से प्रशासनिक स्थिरता एवं योजनाओं के निरंतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।

आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज

कैबिनेट ने राज्य में आपदा प्रभावितों के लिए 7 लाख रुपये का विशेष राहत पैकेज लागू करने का निर्णय लिया। इसमें से 4 लाख रुपये पहले ही दी जाने वाली पहली किस्त होगी।
मानसून में हुए नुकसान के कारण जिन लोगों के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें डेढ़ लाख रुपये एक ही किस्त में प्रदान किए जाएंगे। केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये के पैकेज पर भी चर्चा हुई, किंतु अभी तक राशि प्राप्त नहीं हुई। इसके बावजूद राज्य सरकार अपने कोष से राहत कार्य करेगी।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में फैसले

सोलन जिले में तीन नए प्राथमिक विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया। साथ ही, सरकारी स्कूलों में 800 प्रधानाचार्य के पद भरने का मामला विभाग को भेजा गया।
नाहन मेडिकल कॉलेज के विस्तार और नए पीजी एवं सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की अनुमति को नियमित करने के लिए भूमि पर निर्माण स्वीकृति दी गई।

अनुबंध कर्मचारियों के लिए पितृत्व अवकाश

राज्य के पुरुष अनुबंध कर्मचारियों को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने का निर्णय कैबिनेट ने लिया। यह कदम कर्मचारियों के कल्याण और परिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में सहायक होगा।

हरित हिमाचल और इलेक्ट्रिक वाहन योजना

परिवहन विभाग को 1000 डीजल और पेट्रोल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक वाहन में परिवर्तित करने की अनुमति दी गई। इसके तहत राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत 40% सब्सिडी का प्रावधान होगा। यह हिमाचल प्रदेश को हरित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ग्रामीण विकास और कृषि योजना

मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना और फसल विविधीकरण परियोजना (जाइका फेज-2) के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए एक उप समिति गठित की। समिति का नेतृत्व राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी करेंगे, जिसमें अन्य संबंधित मंत्री सदस्य होंगे।

सौर ऊर्जा एवं उद्योग क्षेत्र के निर्णय

राज्य सरकार ने ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट योजना में संशोधन को मंजूरी दी। अब यह योजना राजीव गांधी स्वरोजगार सौर ऊर्जा योजना कहलाएगी।
साथ ही, हिमाचल प्रदेश जनरल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन को फार्मा उद्योग हेतु स्पिरिट की खरीद, भंडारण, परिवहन और आपूर्ति का नोडल एजेंसी घोषित किया गया।

पर्यटन निवेश संवर्द्धन

हिमाचल में टूरिज्म इन्वेस्टमेंट प्रमोशन काउंसिल की स्थापना की गई, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे। यह काउंसिल 50 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्टों की मंजूरी करेगी और विभिन्न प्रमाणपत्र 14 दिन के भीतर प्रदान करेगी।हिमाचल प्रदेश की यह कैबिनेट बैठक प्रदेश के प्रशासन, पंचायत व्यवस्था, आपदा राहत, शिक्षा, स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में कई अहम निर्णयों से संपन्न हुई। इन निर्णयों से न केवल प्रशासनिक स्थिरता आएगी, बल्कि आम जनता के जीवन में राहत और विकास के नए अवसर भी मिलेंगे।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।