Himachal Pradesh Snowfall: हिमाचल प्रदेश में सोमवार को हुई भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के पहाड़ी इलाकों में लगातार गिरती बर्फ के कारण 1,250 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से शिमला और आसपास के इलाकों में बर्फ देखने पहुंचे सैकड़ों पर्यटक अब रास्तों में फंस गए हैं। खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने आए सैलानियों के लिए यह सफर अब परेशानी भरा बन गया है।
सड़कों के बंद होने से यातायात ठप
भारी हिमपात की वजह से राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर ग्रामीण संपर्क मार्ग तक बंद हो गए हैं। कई इलाकों में वाहन फिसलन के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। खासकर शिमला, कुल्लू, मनाली और लाहुल-स्पीति की ओर जाने वाले रास्तों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को घंटों गाड़ियों में फंसे रहना पड़ा।
तापमान में भारी गिरावट, शून्य से नीचे पहुंचा पारा
लाहुल और स्पीति जिले के ताबो गांव में तापमान शून्य से 10.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है। पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से कई गांवों में अंधेरा छाया रहा, वहीं पानी की पाइपलाइन जमने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए चेतावनी जारी की है। मंगलवार के लिए कुल्लू, किन्नौर, चंबा और लाहुल-स्पीति जिलों में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। इन इलाकों में और अधिक हिमपात की आशंका जताई गई है। वहीं शिमला, सोलन, कांगड़ा सहित कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
3500 मशीनें सड़कें खोलने में जुटीं
लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि सरकार हालात से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। सड़कों को बहाल करने के लिए करीब 3,500 मशीनें, जिनमें स्नो ब्लोअर और जेसीबी शामिल हैं, काम पर लगाई गई हैं। जरूरत पड़ने पर और मशीनें तैनात की जाएंगी। प्राथमिकता उन सड़कों को दी जा रही है, जो अस्पतालों, आपूर्ति केंद्रों और मुख्य मार्गों से जुड़ी हैं।
फसलों और जल स्रोतों के लिए राहत
जहां एक ओर बर्फबारी से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर सरकार और विशेषज्ञ इसे कृषि के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे जल स्रोतों का पुनर्भरण होगा और आगामी फसलों, खासकर सेब के बागानों को लाभ मिलेगा।
पर्यटकों में उत्साह, लेकिन परेशानियां भी
दिल्ली से आए पर्यटक दानियाल ने बताया कि रास्तों में फंसने और ठंड के बावजूद बर्फबारी का नजारा उन्हें रोमांचित कर रहा है। हालांकि कई पर्यटकों ने पानी, भोजन और रहने की सुविधाओं को लेकर चिंता जताई है। एक अन्य पर्यटक तैयबा ने बताया कि सुबह के समय चाय और पीने का पानी तक मिलना मुश्किल हो गया था।
प्रशासन की अपील, सावधानी जरूरी
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। बिना जरूरी कारण पहाड़ी इलाकों की यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे हिमाचल प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में ठंड और फिसलन से सतर्क रहने की जरूरत है।