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Toggleछठ पूजा के यात्रियों की बढ़ती भीड़, रेलवे की स्पेशल ट्रेनों पर जोर
धनबाद से लेकर दिल्ली और गोरखपुर तक छठ पूजा को लेकर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इस बार नियमित ट्रेनें दो महीने पहले ही फुल हो चुकी हैं। रेलवे ने स्थिति को देखते हुए 53 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है, जिनमें बुकिंग की शुरुआत के साथ ही सीटें भर रही हैं।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता वे ट्रेनें हैं जो नहाय-खाय से खरना तक के समय पर गंतव्य तक पहुंचाएं। अधिक किराए के बावजूद इन ट्रेनों की सीटें तेजी से भर रही हैं, जबकि अन्य तारीखों पर चलने वाली कई ट्रेनें अभी खाली हैं।
धनबाद-गोरखपुर स्पेशल में नहीं यात्रियों की भीड़
धनबाद होकर चलने वाली मौर्य एक्सप्रेस में लंबी वेटिंग लिस्ट है, लेकिन धनबाद-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन में सीटें खाली पड़ी हैं। यह ट्रेन 19 और 26 अक्टूबर को चलेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि अगर यह ट्रेन 22 से 24 अक्टूबर के बीच चलाई जाती, तो इसे अधिक यात्री मिल सकते थे।
इतवारी मार्ग पर धीमी बुकिंग, यात्री अब भी संभल रहे हैं
दिवाली से पहले धनबाद और जयनगर से इतवारी के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। दोनों ट्रेनों के एक ही दिन चलने के कारण बुकिंग सुस्त है। जयनगर-इतवारी स्पेशल चार फेरे लगाएगी, लेकिन इनमें से कोई भी तिथि यात्रियों के अनुकूल नहीं है।
इन ट्रेनों में सीटें अब भी खाली
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03309 धनबाद-दिल्ली एसी स्पेशल – 21 व 25 अक्टूबर को सीटें खाली
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03310 दिल्ली-धनबाद एसी स्पेशल – 22 अक्टूबर को खाली
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03677 धनबाद-गोरखपुर स्पेशल – 19 अक्टूबर को खाली
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03678 गोरखपुर-धनबाद स्पेशल – 20 अक्टूबर को खाली
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01146 आसनसोल-मुंबई एसी स्पेशल – 22 अक्टूबर को खाली
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03311 धनबाद-चंडीगढ़ एसी स्पेशल – 21 व 24 अक्टूबर को खाली
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08876 धनबाद-इतवारी स्पेशल – 18 अक्टूबर को खाली
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08870 जयनगर-इतवारी स्पेशल – 18, 25 अक्टूबर व 1 व 8 नवंबर को खाली
रेलवे की सख्ती: समय पर पहुंचेगी हर स्पेशल ट्रेन
रेलवे बोर्ड ने इस बार त्योहारी सीजन में लेटलतीफी रोकने के लिए विशेष मॉनिटरिंग की व्यवस्था की है। अब हर स्पेशल ट्रेन की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। मुख्यालय स्तर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि ट्रेनें समय पर रवाना और पहुंचें।
अधिकांश यात्रियों की शिकायत रहती थी कि स्पेशल ट्रेनें अक्सर लेट होती हैं। अब रेलवे ने यह तय किया है कि यात्रियों के भरोसे को बहाल करने के लिए हर ट्रेन के संचालन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
छठ पूजा को लेकर यात्रियों की भीड़ से रेलवे की चुनौतियां बढ़ गई हैं। हालांकि कुछ रूटों पर ट्रेनें खाली हैं, लेकिन लोकप्रिय गंतव्यों की ट्रेनों में सीटें पाना मुश्किल होता जा रहा है। रेलवे का फोकस इस बार सिर्फ ट्रेनें चलाने पर नहीं, बल्कि उन्हें समय पर गंतव्य तक पहुंचाने पर भी है।