रेलवे में 128 कैडरों का पुनर्गठन: लाखों कर्मचारियों को मिलेगी पदोन्नति

Railway Cadre Restructuring: दस साल बाद 128 कैडरों में पुनर्गठन, लाखों रेलकर्मियों को मिलेगा पदोन्नति का लाभ
Railway Cadre Restructuring: दस साल बाद 128 कैडरों में पुनर्गठन, लाखों रेलकर्मियों को मिलेगा पदोन्नति का लाभ (File Photo)
भारतीय रेलवे में 10 साल बाद 128 कैडरों का पुनर्गठन होने जा रहा है। Railway Board ने National Federation of Indian Railwaymen को प्रस्ताव भेजा है। दिसंबर 2026 से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था से करीब 35 प्रतिशत रेलकर्मियों को पदोन्नति मिलेगी। NFIR ने ट्रैक रखरखाव कर्मी, तकनीशियन और चलती गाड़ियों के कर्मचारियों के लिए विभिन्न स्तरों पर पदोन्नति हेतु सुझाव दिए हैं। 2016 में हुए पिछले कैडर पुनर्गठन में साढ़े चार लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिला था।
Updated:

रेलवे में दस साल बाद कैडर पुनर्गठन की तैयारी

भारतीय रेलवे में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आने वाली है। दस साल के लंबे इंतजार के बाद रेलवे में 128 कैडरों का पुनर्गठन होने जा रहा है। यह पुनर्गठन कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का नया रास्ता खोलेगा। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार करके नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस को भेज दिया है।

जमशेदपुर स्थित दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यदि इस प्रस्ताव पर सहमति बन जाती है तो दिसंबर 2026 से रेलकर्मियों को पदोन्नति का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इस पुनर्गठन से करीब 35 प्रतिशत रेलवे कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा।

एनएफआईआर की बैठक में हुई चर्चा

गुरुवार को नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस की एक अहम बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। इस बैठक में अध्यक्ष गुमान सिंह और महामंत्री डॉ. एम रघुवईया ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। बैठक में देश भर के सभी जोन के महासचिव शामिल हुए।

बैठक के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से सहायक महासचिव एसआर मिश्रा ने जोन में कार्यरत सभी विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर रेलवे बोर्ड द्वारा प्रस्तावित कैडर पुनर्गठन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सुझावों को जल्द ही अंतिम रूप देकर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।

पिछली बार 2016 में हुआ था पुनर्गठन

रेलवे में कैडर पुनर्गठन आखिरी बार वर्ष 2016 में हुआ था। उस समय साढ़े चार लाख से अधिक रेलकर्मियों को पदोन्नति का लाभ मिला था। इसके बाद से अब तक किसी तरह का पुनर्गठन नहीं हुआ है, जिससे कई कर्मचारी पदोन्नति के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।

सहायक महासचिव एसआर मिश्रा का कहना है कि वर्ष 2026 में होने वाले कैडर संरचना में बदलाव से भारतीय रेल के लगभग 35 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता साफ होगा। एनएफआईआर और दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2026 को पदोन्नति का वर्ष के रूप में जाना जाएगा।

विभिन्न विभागों के लिए एनएफआईआर के सुझाव

रेलवे बोर्ड से प्राप्त कैडर पुनर्गठन प्रस्ताव पर एनएफआईआर ने विभिन्न विभागों के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इन सुझावों का मकसद कर्मचारियों को बेहतर पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराना है।

सिविल इंजीनियरिंग विभाग के ट्रैक मेंटेनर्स के लिए सुझाव

एनएफआईआर ने सिविल इंजीनियरिंग विभाग में काम करने वाले ट्रैक मेंटेनर्स के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। फेडरेशन ने मांग की है कि लेवल-6 में एक नया ग्रेड बनाया जाए, ताकि 2800 ग्रेड पे वाले कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का नया रास्ता खुल सके। इसमें 10 प्रतिशत पदों का सृजन करने की मांग की गई है।

इसके अलावा लेवल-5 में 25 प्रतिशत पद रखने का सुझाव दिया गया है। लेवल-2 और लेवल-4 को मिलाकर 25 प्रतिशत पद रखने का प्रस्ताव है। वहीं लेवल-1 में 40 प्रतिशत पद रखने का प्रस्ताव दिया गया है।

आर्टिजन स्टाफ और टेक्निशियन के लिए नए पद

एनएफआईआर ने सभी विभागों में आर्टिजन स्टाफ और टेक्निशियन के नए पद बनाने की मांग की है। फेडरेशन चाहता है कि सीनियर टेक्निशियन से लेकर टेक्निशियन-3 तक के पद बनाए जाएं। फिलहाल प्रमोशन का रास्ता बंद होने के कारण अधिकतर कर्मचारी लेवल-6 में जाकर सेवानिवृत हो रहे हैं। ऐसे में 4600 ग्रेड में जाने का रास्ता खोलने की जरूरत है।

एनएफआईआर ने सुझाव दिया है कि टेक्निशियन-1 और टेक्निशियन-2 को मिला दिया जाए। साथ ही लेवल-7 में पांच प्रतिशत पदों का सृजन हो। लेवल-6 में 35 प्रतिशत पद रहें और लेवल-5 व लेवल-4 को मिलाकर 45 प्रतिशत पद रखे जाएं।

सहायक लोको पायलट की तर्ज पर नए पद

फेडरेशन ने मांग की है कि सहायक लोको पायलट के तर्ज पर तकनीकी श्रेणी में प्रवेश स्तर पर लेवल-4 में 15 प्रतिशत पदों का सृजन किया जाए। इससे नए कर्मचारियों को बेहतर शुरुआत मिलेगी।

तकनीकी पर्यवेक्षक के पद बनाने की मांग

एनएफआईआर की मांग है कि आरबीई-155/2022 के निर्देशों के अनुसार सभी विभागों में तकनीकी पर्यवेक्षक के पद बनाए जाएं। लेवल-8 और लेवल-9 के कैडर पदों का उन्नयन किया जाए। लेवल-6, 7, 8 और 9 में समान रूप से 25 प्रतिशत कैडर पद निर्धारित किए जाएं।

फेडरेशन ने 15 प्रतिशत पदों को गैजेटेड करने की भी मांग की है। इन्हें लेवल-8 और लेवल-9 के तहत वित्तीय लाभ दिए जाने की मांग की गई है।

रनिंग स्टाफ के लिए विशेष सुझाव

ट्रेन मैनेजर और लोको पायलट जैसे रनिंग स्टाफ के लिए एनएफआईआर ने सुझाव दिया है कि लेवल-7 में कैडर पदों को 30 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए। यह कदम इन कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसर बढ़ाएगा।

कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण

रेलवे में कैडर पुनर्गठन की यह पहल लाखों कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को अब लगता है कि उनकी मेहनत और लगन का फल मिलने वाला है।

यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है तो यह भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और रेलवे की सेवाओं में भी सुधार देखने को मिलेगा। दिसंबर 2026 से शुरू होने वाली यह प्रक्रिया कर्मचारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

रेलवे बोर्ड और एनएफआईआर के बीच चल रही यह चर्चा जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचेगी। सभी की निगाहें अब इस प्रस्ताव की अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं।


Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।