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हवाबाजी पड़ी भारी: आग निकलने वाली कार लेकर घूम रहा था इंजीनियरिंग छात्र, कटा 1 लाख का चालान

हवाबाजी पड़ी भारी: आग निकलने वाली कार लेकर घूम रहा था  इंजीनियरिंग छात्र,  कटा 1 लाख का चालान
आग निकलने वाली कार लेकर घूम रहा था इंजीनियरिंग छात्र, कटा 1 लाख का चालान

केरल के एक इंजीनियरिंग छात्र को बेंगलुरु में अवैध रूप से संशोधित, आग उगलती कार चलाना भारी पड़ गया। नए साल के जश्न में सोशल मीडिया पर वीडियो डालने के बाद पुलिस और आरटीओ ने उस पर 1.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और सख्त चेतावनी दी।

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Dipali Kumari
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Illegal Modified Car: नया साल अक्सर लोगों के लिए नई शुरुआत, नई उम्मीद और खुशियों का संदेश लेकर आता है, लेकिन कभी-कभी यही उत्साह भारी भूल में बदल जाता है। केरल के कन्नूर जिले के एक इंजीनियरिंग छात्र के लिए नया साल कुछ ऐसा ही सबक लेकर आया, जिसे वह शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा। जश्न, सोशल मीडिया की लोकप्रियता और दिखावे की चाह में की गई एक लापरवाही ने उसे एक लाख रुपये से ज्यादा के चालान तक पहुंचा दिया।

नए साल की मस्ती कैसे बन गई भारी मुसीबत

नए साल के मौके पर केरल का यह इंजीनियरिंग छात्र अपने दोस्तों के साथ बेंगलुरु आया था। जश्न के इस माहौल में उसने अपनी पुरानी होंडा सिटी कार को खास बनाने का फैसला किया। वर्ष 2002 मॉडल की इस कार को उसने करीब 70 हजार रुपये में खरीदा था, लेकिन बाद में इसमें ऐसे अवैध संशोधन कराए गए, जो सीधे तौर पर मोटर वाहन कानून का उल्लंघन थे।

कार में ऐसा एग्जॉस्ट सिस्टम लगाया गया, जिससे तेज आवाज के साथ-साथ आग की लपटें निकलती थीं। यह नजारा देखने में भले ही फिल्मों जैसा लगे, लेकिन हकीकत में यह सड़क पर चल रहे हर व्यक्ति के लिए खतरे की घंटी था। युवक ने इस पूरी ‘सनक’ को कैमरे में कैद किया और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए।

सोशल मीडिया की चाह ने बढ़ाई मुश्किल

आज के दौर में लाइक्स, व्यूज और फॉलोअर्स के लिए लोग कई बार अपनी और दूसरों की सुरक्षा तक को दांव पर लगा देते हैं। इस छात्र के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। बेंगलुरु की सड़कों पर दौड़ती आग उगलती कार के वीडियो तेजी से वायरल हुए। लोगों ने न सिर्फ हैरानी जताई, बल्कि इसकी शिकायत पुलिस से भी की।

वीडियो में दिख रहे खतरनाक स्टंट, तेज शोर और खुलेआम नियमों की अनदेखी ने प्रशासन का ध्यान खींचा। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

पुलिस और आरटीओ की सख्त कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की और इसे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय यानी आरटीओ को सौंपा। येलाहांका आरटीओ ने वाहन का निरीक्षण किया, जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध बदलाव सामने आए। नियमों के मुताबिक, ऐसे संशोधनों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।

आरटीओ अधिकारियों ने कार मालिक पर कुल 1.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जो कार की मूल कीमत से भी ज्यादा था। यह जुर्माना केवल आर्थिक दंड नहीं था, बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी था कि सड़क पर कानून से ऊपर कोई नहीं है।

जुर्माना भरने के साथ मिली चेतावनी

छात्र ने जुर्माना भर दिया और वाहन को वापस ले लिया, लेकिन इसके साथ ही उसे सख्त चेतावनी भी दी गई। अधिकारियों ने साफ कहा कि भविष्य में इस तरह की हरकत दोहराने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी के पीछे मकसद सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी है।

क्यों खतरनाक हैं ऐसे अवैध संशोधन

वाहनों में किए गए इस तरह के बदलाव न सिर्फ गैरकानूनी होते हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। तेज आवाज और आग उगलता एग्जॉस्ट दूसरे वाहन चालकों को घबरा सकता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा, यह पर्यावरण नियमों का भी उल्लंघन है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।