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Manuel Frederick Passes Away: केरल के पहले ओलंपिक हॉकी पदक विजेता मैनुअल फ्रेडरिक का 78 वर्ष की आयु में निधन

Manuel Frederick Passes Away: केरल के पहले ओलंपिक हॉकी पदक विजेता मैनुअल फ्रेडरिक का 78 वर्ष की आयु में निधन
Manuel Frederick Kerala Olympic Hockey Medalist Death - केरल के पहले ओलंपिक हॉकी पदक विजेता मैनुअल फ्रेडरिक का निधन (Photo: Olympics)
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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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विषयसूची

मैनुअल फ्रेडरिक का निधन और जीवन परिचय

केरल के कानूर जिले के रहने वाले मैनुअल फ्रेडरिक, भारत के पहले ओलंपिक हॉकी पदक विजेता खिलाड़ी, 78 वर्ष की आयु में बेंगलुरु के अस्पताल में शुक्रवार सुबह निधन हो गए। उनके परिवार ने बताया कि पिछले 10 महीनों से उन्हें प्रोस्टेट कैंसर की समस्या थी और पत्नी शीतला के पिछले साल निधन के बाद वे अवसाद से भी पीड़ित थे।

उनकी बेटी फ्रेशना ने कहा, “पिता आज सुबह गुजर गए। हमने हर संभव प्रयास किया, लेकिन अंत में पीलिया और लीवर की समस्या ने उनकी स्थिति को गंभीर बना दिया।”


हॉकी करियर और उपलब्धियां

अंतरराष्ट्रीय करियर

  • मैनुअल फ्रेडरिक ने 1972 म्यूनिख ओलंपिक में हॉलेण्ड को हराकर भारत को कांस्य पदक दिलाया।

  • उन्होंने भारत के लिए सात वर्षों तक खेला।

  • उन्हें 2019 में मेजर ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

क्लब और राष्ट्रीय स्तर

  • आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), सर्विसेज, उत्तर प्रदेश और मोहुन बागान क्लब के लिए खेला।

  • दो विश्व कप में गोलकीपर के रूप में खेला — नीदरलैंड्स 1973 (रजत) और अर्जेंटीना 1978।

  • 16 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में टीम की जीत में योगदान।


खेल और प्रेरणा

मैनुअल फ्रेडरिक को ‘टाइगर’ के नाम से जाना जाता था। उनके डररहित और सहज गोलकीपिंग कौशल ने उन्हें महान बनाया। खासकर पेनल्टी स्ट्रोक रोकने में उनकी महारत अद्वितीय थी।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्के ने कहा, “मैनुअल फ्रेडरिक भारत के बेहतरीन गोलकीपर्स में से एक थे। उनकी उपलब्धियों ने देश के हॉकी युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया।”


शोक और श्रद्धांजलि

  • केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने कहा कि फ्रेडरिक 1971-78 के दौर के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर्स में से थे।

  • पी.आर. श्रीजीश, केरल के दूसरे ओलंपिक पदक विजेता ने फेसबुक पोस्ट में श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी उनके योगदान की सराहना की।


प्रारंभिक जीवन

मैनुअल फ्रेडरिक 20 अक्टूबर 1947 को जन्मे। उन्होंने 17 वर्ष की आयु में बॉम्बे गोल्ड कप खेला और 1971 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया।

वे फुटबॉल स्ट्राइकर के रूप में शुरू हुए, लेकिन हॉकी गोलकीपर के रूप में सक्रिय हुए। उन्होंने स्ट माइकल्स स्कूल, कानूर के टीम से हॉकी में सक्रियता बढ़ाई।

मैनुअल फ्रेडरिक के दो पुत्रियां जीवित हैं। उनके निधन से केरल और भारत के हॉकी जगत में शोक की लहर है।


यह समाचार पीटीआई(PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित किया गया है।


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