प्रभाग 21 के चुनावी नतीजे आने के बाद भारतीय जनता पार्टी में खुशी की लहर दौड़ गई है। 7 फेरियों के बाद आए अंतिम परिणामों में भाजपा ने दो सीटों पर कब्जा जमाया है। इस प्रभाग में कुल 4 सीटों पर चुनाव हुआ था, जिसमें महायुती और महाविकास आघाडी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली।
चेतना निमजे ने बनाई बढ़त
भाजपा की उम्मीदवार चेतना निमजे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7476 वोट हासिल किए। उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी से हजारों वोटों की बढ़त बनाई। चेतना का यह प्रदर्शन दिखाता है कि प्रभाग 21 के लोगों ने उन पर भरोसा जताया है। उनकी जीत भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
राजाभाऊ आंबुलकर की मजबूत जीत
भाजपा के दूसरे उम्मीदवार राजाभाऊ आंबुलकर ने 4677 वोट प्राप्त करके अपनी जगह पक्की की। हालांकि उनके वोट चेतना से कम रहे, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की। राजाभाऊ की यह जीत भाजपा की मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
कांग्रेस और शिवसेना को मिली एक-एक सीट
कांग्रेस की उम्मीदवार रुतिका डाफ ने 4594 वोटों के साथ तीसरी सीट हासिल की। वहीं शिवसेना शिंदे गुट के अजय दलाल ने 3738 वोट पाकर चौथी सीट अपने नाम की। दोनों पार्टियों के लिए यह राहत भरा नतीजा रहा, क्योंकि वे कम से कम प्रतिनिधित्व बनाए रखने में कामयाब रहे।
नतीजों का विश्लेषण
प्रभाग 21 के परिणाम महायुती गठबंधन के पक्ष में रहे। भाजपा की दोहरी जीत से साफ है कि इस क्षेत्र में पार्टी की मजबूत पकड़ है। वहीं महाविकास आघाडी के लिए यह थोड़ा निराशाजनक रहा, क्योंकि कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली। शिवसेना शिंदे गुट ने भी अपनी एक सीट बचाकर राहत की सांस ली है।
आगे की रणनीति
इन नतीजों के बाद अब सभी दलों की नजर आगामी चुनावों पर है। भाजपा अपनी जीत को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। वहीं विपक्षी दल अपनी कमियों को सुधारने में लगे हैं। प्रभाग 21 के यह नतीजे आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
यह जीत भाजपा की लोकप्रियता को दर्शाती है और पार्टी के लिए बड़ा उत्साहवर्धक है।