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Bank Robbery Hingoli: दिनदहाड़े बैंक कर्मचारी से दस लाख की लूट, ग्रामीणों ने पकड़े संदिग्ध

Bank Robbery Hingoli: हिंगोली में बैंक कर्मचारी से दिनदहाड़े दस लाख की लूट
Bank Robbery Hingoli: हिंगोली में बैंक कर्मचारी से दिनदहाड़े दस लाख की लूट (File Photo)
हिंगोली जिले के बसमत में पीडीसीसी बैंक कर्मचारी ज्ञानेश्वर भोसले से दिनदहाड़े दस लाख रुपये की लूट हुई। कोर्टा फाटा पर कार से टक्कर मारकर अपराधियों ने नकदी छीनी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों की सतर्कता से दो संदिग्ध पकड़े गए। घटना ने बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस पूछताछ जारी है।
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Bank Robbery Hingoli: दिनदहाड़े बैंक कर्मचारी से दस लाख की लूट, ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़े संदिग्ध

हिंगोली जिले के बसमत तहसील में एक बार फिर बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते शुक्रवार को सुबह के समय एक बैंक कर्मचारी से दिनदहाड़े दस लाख रुपये लूटने की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। यह घटना बताती है कि अपराधी कितने साहसी हो गए हैं और बैंकिंग व्यवस्था में कितनी कमजोरियां हैं।

घटना का पूरा घटनाक्रम

9 जनवरी की सुबह परभणी जिला मध्यवर्ती बैंक के कर्मचारी ज्ञानेश्वर भोसले चोंढी शाखा के लिए नकदी लेकर जा रहे थे। बसमत से दस लाख रुपये लेकर वे अपने दोपहिया वाहन से लौट रहे थे। कोर्टा फाटा परिसर में अचानक एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने उनके वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में वे सड़क पर गिर गए।

इसके तुरंत बाद एक दोपहिया वाहन पर सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने मौके का फायदा उठाया। उन्होंने ज्ञानेश्वर को धमकाया और दस लाख रुपये से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। यह पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक लुटेरे गायब हो चुके थे।

पुलिस और ग्रामीणों की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही कुरुंदा थाने की पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। सहायक पुलिस निरीक्षक रामदास निर्दोड़े और उनकी टीम ने तत्काल सभी आसपास के थानों को सतर्क कर दिया। पुलिस ने ग्रामीणों से भी मदद मांगी और उन्हें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा।

ग्रामीणों की सतर्कता ने यहां महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुयनी परिसर में जब एक मोटरसाइकिल तेज गति से गुजरी तो ग्रामीणों को शक हुआ। उन्होंने साहस दिखाते हुए उस मोटरसाइकिल को रोक लिया और दोनों सवारों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। अब पुलिस इन दोनों संदिग्धों से गहन पूछताछ कर रही है।

बैंक सुरक्षा पर उठते सवाल

यह घटना बैंकिंग व्यवस्था में सुरक्षा की कमी को उजागर करती है। बैंक कर्मचारी जब इतनी बड़ी रकम लेकर जाते हैं तो उनके लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। एक अकेला कर्मचारी दोपहिया वाहन पर दस लाख रुपये लेकर जा रहा था, यह अपने आप में एक बड़ी लापरवाही है।

क्या होनी चाहिए सुरक्षा व्यवस्था

Bank Robbery Hingoli: बैंकों को नकदी लेन-देन के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए। कम से कम दो कर्मचारी साथ जाएं। बड़ी रकम के लिए सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था हो। चार पहिया वाहन का इस्तेमाल किया जाए। नकदी को सुरक्षित बैग में रखा जाए जिसे आसानी से खोला न जा सके।

जनता का सहयोग जरूरी

इस घटना में ग्रामीणों ने जो सहयोग दिया, वह सराहनीय है। अपराध रोकने में जनता की भागीदारी बहुत जरूरी है। यदि हर नागरिक सतर्क रहे और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दे, तो अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाता है।

पुलिस की जिम्मेदारी

पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की, यह अच्छी बात है। लेकिन अब जरूरी है कि पकड़े गए संदिग्धों से सही जानकारी निकाली जाए। यदि ये वही अपराधी हैं तो उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही, लूटी गई रकम भी बरामद होनी चाहिए।

आगे की राह

इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाने होंगे। बैंकों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी। पुलिस को गश्त बढ़ानी होगी। सड़कों पर निगरानी कैमरे लगाने होंगे। बैंक कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना होगा।

हिंगोली में हुई यह लूट की घटना एक चेतावनी है। यह बताती है कि अपराधी किसी से नहीं डरते और दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देने की हिम्मत रखते हैं। जरूरत है कि बैंक, पुलिस और जनता मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए काम करें। तभी एक सुरक्षित समाज का निर्माण हो सकता है।

ग्रामीणों की सतर्कता ने इस मामले में उम्मीद की किरण दिखाई है। यदि सभी नागरिक इसी तरह जिम्मेदारी दिखाएं तो अपराधियों के लिए अपराध करना मुश्किल हो जाएगा। पुलिस को भी चाहिए कि वह ऐसे सहयोगी नागरिकों को प्रोत्साहित करे।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।