मंगळवारी झोन में हुई मतगणना की पांचवीं फेरी के नतीजों ने स्थानीय राजनीति में भाजपा की मजबूत पकड़ को साबित कर दिया है। सातों प्रभागों में भाजपा के उम्मीदवारों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को काफी अंतर से पीछे छोड़ दिया है। कांग्रेस और मनसे के उम्मीदवार इस दौर में भाजपा की मजबूत स्थिति को चुनौती देने में विफल रहे हैं।
प्रभाग क्रमांक 1 में भाजपा का दबदबा
प्रभाग 1ब में सुषमा चौधरी की बढ़त
प्रभाग क्रमांक 1ब में भाजपा की उम्मीदवार सुषमा संजय चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7960 वोट हासिल किए हैं। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की सुनीता संजय महाले को केवल 3995 वोट ही मिल सके हैं। लगभग 4000 वोटों के इस अंतर ने साफ कर दिया है कि इस प्रभाग में जनता ने किसे अपना नेता चुना है। सुषमा चौधरी की जमीनी मजबूती और विकास के मुद्दों पर उनके काम ने मतदाताओं का दिल जीता है।
प्रभाग 1क में प्रमिला मथराणी की जीत
प्रभाग क्रमांक 1क में भाजपा की प्रमिला प्रीतम मथराणी ने 8040 वोट प्राप्त कर अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। कांग्रेस की निर्मला महेंद्र बोरक को 3758 वोट मिले हैं। 4000 से अधिक वोटों का यह अंतर भाजपा की लोकप्रियता को दर्शाता है। प्रमिला मथराणी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय मुद्दों पर जोर दिया था और महिला मतदाताओं को विशेष रूप से अपनी ओर आकर्षित किया था।
प्रभाग 1ड में विकी कुकरेजा की धमाकेदार जीत
प्रभाग क्रमांक 1ड में भाजपा के विकी कुकरेजा ने 8044 वोट हासिल कर शानदार बढ़त बनाई है। कांग्रेस के सुरेश जग्ग्याशी को 3209 वोट मिले हैं। लगभग 5000 वोटों के इस विशाल अंतर ने विकी कुकरेजा की जीत को लगभग तय कर दिया है। युवा मतदाताओं में उनकी लोकप्रियता और विकास के एजेंडे ने उन्हें इस बड़ी बढ़त दिलाई है।
प्रभाग क्रमांक 11 में भी भाजपा का जलवा
प्रभाग 11अ में संदीप जाधव आगे
प्रभाग 11अ में भाजपा के संदीप जाधव ने 6125 वोट प्राप्त किए हैं जबकि कांग्रेस की मंजू चाचेरकर को 4753 वोट मिले हैं। हालांकि यहां अंतर अपेक्षाकृत कम है लेकिन संदीप जाधव की बढ़त स्थिर बनी हुई है। इस प्रभाग में मुकाबला कड़ा रहा है और कांग्रेस ने यहां अच्छी चुनौती दी है।
प्रभाग 11ब में संगीता गिऱ्हे की मजबूत स्थिति
प्रभाग 11ब में भाजपा की संगीता दीपक गिऱ्हे ने 6204 वोट हासिल किए हैं। कांग्रेस की स्नेहल ठाकरे को 5050 वोट मिले हैं। यहां भी मुकाबला रोमांचक रहा है लेकिन संगीता गिऱ्हे ने अपनी बढ़त बरकरार रखी है। महिला मुद्दों और शिक्षा पर उनके काम ने मतदाताओं को प्रभावित किया है।
प्रभाग 11क में ममता ठाकूर की तीन कोनी लड़ाई में जीत
प्रभाग 11क में तीन कोनी लड़ाई देखने को मिली है। भाजपा की ममता बजरंग ठाकूर ने 5653 वोट पाए हैं। कांग्रेस के खान कैमून रिजवान को 3824 वोट मिले हैं जबकि मनसे की प्रणिती ढोबळे को 1282 वोट प्राप्त हुए हैं। मनसे की उपस्थिति के बावजूद भाजपा की बढ़त बरकरार है।
प्रभाग 11ड में रोमांचक मुकाबला
प्रभाग 11ड में सबसे रोमांचक मुकाबला देखने को मिला है। भाजपा के भूषण शिंगणे ने 4561 वोट हासिल किए हैं जबकि कांग्रेस के शैलेश पांडे को 4298 वोट मिले हैं। मात्र 263 वोटों का अंतर इस प्रभाग में कड़े मुकाबले को दर्शाता है। मनसे के चंदू लाडे को 1534 वोट मिले हैं जिन्होंने कांग्रेस के वोटों को विभाजित किया है।
चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक संकेत
मंगळवारी झोन की पांचवीं फेरी के नतीजों से साफ है कि भाजपा ने अपनी संगठनात्मक शक्ति और विकास के एजेंडे के दम पर मतदाताओं का भरोसा जीता है। सातों में से सातों प्रभागों में भाजपा उम्मीदवारों की बढ़त ने पार्टी की मजबूत जमीनी उपस्थिति को साबित किया है।
कांग्रेस पार्टी हालांकि कुछ प्रभागों में अच्छा मुकाबला करने में सफल रही है लेकिन भाजपा की बढ़त को चुनौती देने में असफल रही है। प्रभाग 11अ, 11ब और 11ड में कांग्रेस ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है लेकिन जीत के लिए यह पर्याप्त नहीं है।
मनसे पार्टी की उपस्थिति ने दो प्रभागों में मतदान को प्रभावित किया है लेकिन पार्टी अपने उम्मीदवारों को जिताने में असफल रही है। मनसे के वोट मुख्य रूप से कांग्रेस के वोट बैंक को विभाजित करते दिख रहे हैं जिससे भाजपा को फायदा हुआ है।
मतदाताओं का विश्वास और भविष्य की राजनीति
इन नतीजों से यह स्पष्ट है कि मंगळवारी झोन के मतदाताओं ने विकास और सुशासन के मुद्दों को प्राथमिकता दी है। भाजपा के उम्मीदवारों ने स्थानीय मुद्दों पर काम करने और जनता से सीधा संवाद करने की अपनी रणनीति से सफलता पाई है।
महिला उम्मीदवारों का अच्छा प्रदर्शन भी इस चुनाव की खासियत रही है। दोनों पक्षों में महिला प्रत्याशियों ने बड़ी संख्या में वोट हासिल किए हैं जो महिला नेतृत्व के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
अंतिम नतीजों का इंतजार अब कुछ ही घंटों का है लेकिन पांचवीं फेरी के आंकड़ों से स्पष्ट है कि मंगळवारी झोन में भाजपा की सरकार बनने की पूरी संभावना है। विपक्षी दलों को अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत होगी।