नागपुर महानगरपालिका चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूज्य डॉ मोहन भागवत ने आज सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने महाल क्षेत्र में स्थित नागपुर नाइट हाई स्कूल के मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं कार्यकारिणी सदस्य भैय्याजी जोशी भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
लोकतंत्र में मतदान का महत्व
डॉ मोहन भागवत ने मतदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की संरचना में मतदान एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अनिवार्य प्रक्रिया है। यह केवल एक अधिकार ही नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य भी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हर व्यक्ति को अपने विवेक का उपयोग करते हुए उस उम्मीदवार को वोट देना चाहिए जिसे वह सबसे उपयुक्त और योग्य समझता है।

जनहित को सर्वोपरि रखने की अपील
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि मतदान करते समय हर नागरिक को जनहित को सर्वोपरि रखना आवश्यक है। व्यक्तिगत लाभ या संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर समाज और देश के हित में निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम सामूहिक भलाई के बारे में सोचते हैं तो हमारा लोकतंत्र और भी मजबूत होता है। प्रत्येक मत का महत्व है और इसका उपयोग सोच समझकर करना चाहिए।
चुनाव आयोग के प्रयासों की सराहना
डॉ भागवत ने चुनाव आयोग द्वारा मतदान के लिए जागरूकता फैलाने के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग लगातार मतदाताओं को जागरूक करने का काम कर रहा है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं। जब इन सभी प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा तब हमारा लोकतंत्र और अधिक सशक्त और प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशत बढ़ना लोकतंत्र की सेहत का संकेत है।
नोटा पर महत्वपूर्ण विचार
नोटा के संदर्भ में सवाल पूछे जाने पर डॉ मोहन भागवत ने बेहद महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटा का अर्थ सभी उम्मीदवारों को अस्वीकार करना होता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि हमें उपलब्ध विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सभी उम्मीदवार पूर्णतः आदर्श नहीं हैं तो भी उनमें से जो सबसे बेहतर है उसे चुनना हमारा दायित्व है।
अराजकता पर चिंता
आरएसएस सरसंघचालक ने अराजकता की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अराजकता का अर्थ है राजा का न होना और ऐसी स्थिति किसी भी समाज के लिए सबसे खराब होती है। शासन की अनुपस्थिति से अव्यवस्था और अशांति फैलती है। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राचीन ग्रंथों में भी इस विषय का विस्तार से उल्लेख मिलता है कि बिना नेतृत्व के समाज कैसे अव्यवस्थित हो जाता है।
नोटा के दुष्प्रभाव की चेतावनी
डॉ भागवत ने चेतावनी देते हुए कहा कि नोटा का उपयोग करने से अनजाने में हम उस व्यक्ति की सहायता कर देते हैं जो समाज के लिए अवांछित हो सकता है। जब हम मतदान नहीं करते या नोटा दबाते हैं तो हम वास्तव में अप्रत्यक्ष रूप से गलत उम्मीदवार को जिताने में मदद करते हैं। इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि उपलब्ध विकल्पों में से श्रेष्ठतम को चुनना ही बुद्धिमानी है।
विवेकशील मतदान की आवश्यकता
उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करते समय विवेक और सूझबूझ से काम लें। किसी भी उम्मीदवार को केवल जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर न चुनें बल्कि उसकी योग्यता, ईमानदारी और कार्य करने की क्षमता को देखें। समाज के विकास के लिए सही नेतृत्व का चयन बेहद जरूरी है।
भैय्याजी जोशी की उपस्थिति
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण रही। दोनों नेताओं ने एक साथ मतदान करके एक संदेश दिया कि मतदान एक सामूहिक जिम्मेदारी है। उनकी उपस्थिति से मतदान केंद्र पर काफी संख्या में लोग पहुंचे और मतदान की प्रक्रिया में भाग लिया।
नागपुर नगर निगम चुनाव का महत्व
नागपुर महानगरपालिका का यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह शहर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय होने के कारण राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मतदाताओं से अपेक्षा है कि वे बड़ी संख्या में मतदान करके लोकतंत्र को मजबूत करें।
मतदाताओं के लिए संदेश
डॉ मोहन भागवत के इस बयान से मतदाताओं को एक स्पष्ट संदेश मिलता है कि मतदान केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि लोकतंत्र की नींव है। हर एक वोट मायने रखता है और इसका सही उपयोग करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे बड़ी संख्या में मतदान में भाग लें और देश के भविष्य को बेहतर बनाने में अपना योगदान दें।
नागपुर नगर निगम चुनाव में इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। डॉ भागवत जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व के मतदान और उनके विचारों से निश्चित रूप से अधिक लोग प्रेरित होंगे और अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। लोकतंत्र की सफलता इसी में है कि अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें।