राष्ट्रीय युवा दिवस के इस खास अवसर पर महाराष्ट्र राज्य में विद्यार्थियों के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। संविधान जनजागृति प्रश्नोत्तरी 2025-26 नामक यह प्रतियोगिता युवाओं में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें देश के सर्वोच्च कानूनी दस्तावेज से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है। यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों को संविधान की बारीकियां सिखाएगा, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी मदद करेगा।
युवा दिवस पर विशेष पहल
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर यह प्रश्नोत्तरी एक सटीक पहल है। युवा शक्ति को संविधान के मूल्यों से जोड़कर देश का भविष्य मजबूत बनाने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है। महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष धर्मपाल मेश्राम ने सभी इच्छुक विद्यार्थियों से 10 जनवरी 2026 तक पंजीकरण कराने की अपील की है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं में भारतीय संविधान के प्रति सम्मान और समझ विकसित करना है। संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारे मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों का आधार है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थी संविधान की गहराई को समझ सकेंगे।
प्रतियोगिता की संरचना और पात्रता
यह प्रश्नोत्तरी कक्षा 8वीं से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक के सभी विद्यार्थियों के लिए खुली है। यह व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करती है कि विभिन्न आयु वर्ग और शैक्षणिक स्तर के छात्र संविधान के बारे में सीख सकें। प्रतियोगिता पूरी तरह से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, जिससे राज्य के हर कोने से विद्यार्थी इसमें भाग ले सकते हैं।
सहभाग शुल्क मात्र 99 रुपये रखा गया है, जो हर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए किफायती है। यह न्यूनतम शुल्क यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक स्थिति किसी भी विद्यार्थी की भागीदारी में बाधा न बने। प्रतियोगिता मराठी, हिंदी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में आयोजित होगी, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधानुसार भाषा चुन सकते हैं।
प्रशिक्षण की विशेष व्यवस्था
प्रतियोगिता की तैयारी के लिए 15 दिनों का विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण 12 जनवरी 2026 से शुरू होगा। महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नागपुर के विशेषज्ञ प्राध्यापक इस प्रशिक्षण में मार्गदर्शन देंगे। ये अनुभवी शिक्षक संविधान की जटिल अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाएंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में संविधान के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से कवर किया जाएगा। मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, राज्य के नीति निर्देशक तत्व, संविधान का निर्माण, संशोधन प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि जीवनभर के लिए संवैधानिक ज्ञान प्रदान करेगा।
परीक्षा प्रक्रिया और पारदर्शिता
परीक्षा पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और इसमें प्रॉक्टरिंग सुविधा भी शामिल होगी। प्रॉक्टरिंग का मतलब है कि परीक्षा के दौरान निगरानी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह व्यवस्था किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित साधनों के उपयोग को रोकेगी और सभी प्रतिभागियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगी।
ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से विद्यार्थियों को घर बैठे परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा और आवास की चिंता नहीं रहेगी। तकनीक का यह उपयोग आधुनिक शिक्षा प्रणाली की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
आकर्षक पुरस्कार और सम्मान
प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। यह पुरस्कार न केवल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करेंगे, बल्कि उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होंगे। प्रमाणपत्र भविष्य में उच्च शिक्षा और करियर में भी सहायक हो सकते हैं।
विजेताओं को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जो उनके आत्मविश्वास और प्रेरणा को बढ़ाएगा। यह सम्मान उन्हें संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित करेगा।
पंजीकरण प्रक्रिया
इच्छुक विद्यार्थी www.yuvacareer.com वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि केवल इसी आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें और किसी अन्य धोखाधड़ी वाली वेबसाइट से बचें। पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 जनवरी 2026 है, इसलिए विद्यार्थियों को जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की सलाह दी जाती है।
पंजीकरण प्रक्रिया बेहद सरल है। वेबसाइट पर जाकर आवश्यक विवरण भरने होंगे और 99 रुपये का शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। सफल पंजीकरण के बाद विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और परीक्षा से संबंधित सभी जानकारी ईमेल या वेबसाइट के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
संविधान जागरूकता का महत्व
आज के समय में युवाओं का संविधान के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। संविधान हमारे देश की आत्मा है और लोकतंत्र का आधार है। जब युवा संविधान को समझेंगे, तो वे अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहेंगे और अपने कर्तव्यों को भी गंभीरता से निभाएंगे।
यह प्रश्नोत्तरी विद्यार्थियों में नागरिक चेतना जगाने का एक सशक्त माध्यम है। संविधान की शिक्षा से युवा सामाजिक न्याय, समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे जैसे मूल्यों को आत्मसात करेंगे। यह उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करेगा।
राज्यस्तरीय पहल का प्रभाव
महाराष्ट्र सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। संविधान जागरूकता को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं। जब राज्य स्तर पर इतनी व्यापक भागीदारी होगी, तो संविधान के मूल्य समाज में गहराई से स्थापित होंगे।
यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी सहायक होगी। संवैधानिक ज्ञान से लैस युवा देश के बेहतर भविष्य की नींव रखेंगे।
संविधान जनजागृति प्रश्नोत्तरी 2025-26 महाराष्ट्र के विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यह न केवल उन्हें संविधान के बारे में सिखाएगी, बल्कि उन्हें पुरस्कार और सम्मान भी दिलाएगी। सभी इच्छुक विद्यार्थियों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और 10 जनवरी 2026 से पहले पंजीकरण अवश्य कराना चाहिए।