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Rupee: रुपया 88.69 प्रति डॉलर पर स्थिर, घरेलू बाजार में कमजोरी और कच्चे तेल की गिरावट का मिला-जुला असर

Rupee: रुपया 88.69 प्रति डॉलर पर स्थिर, घरेलू बाजार में कमजोरी और कच्चे तेल की गिरावट का मिला-जुला असर
Rupee ends flat at 88.69 against US Dollar, घरेलू शेयर बाजार और तेल की कीमतों ने डाला असर (Photo by PTI)
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Asfi Shadab
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रुपया 88.69 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा

मुंबई के अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार को रुपये की चाल सीमित रही। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद अंत में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.69 के स्तर पर स्थिर बंद हुआ।

विदेशी बाजार और घरेलू शेयर बाजार का प्रभाव

शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर में मजबूती देखी गई, जिससे रुपये पर दबाव बना। वहीं, घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट ने निवेशकों का मनोबल कमजोर किया। सेंसेक्स 465.75 अंक गिरकर 83,938.71 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 155.75 अंक फिसलकर 25,722.10 पर पहुंच गया।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से राहत

ब्रेंट क्रूड का भाव 0.68 प्रतिशत घटकर 64.56 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे भारत जैसे तेल आयातक देशों को राहत मिली। इससे रुपये पर नकारात्मक प्रभाव सीमित रहा।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों का असर

गुरुवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की। यह बाजार की अपेक्षा के अनुरूप था। हालांकि, फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने यह संकेत दिया कि अमेरिकी महंगाई अभी भी लक्ष्य से ऊपर है और श्रम बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। इससे डॉलर मजबूत हुआ और रुपये पर दबाव बढ़ा।

रुपये की चाल और विदेशी निवेश

रुपया दिन में 88.59 के उच्चतम और 88.78 के न्यूनतम स्तर के बीच रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 3,077.59 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पूंजी बाजार से धन का बहिर्वाह हुआ।

डॉलर इंडेक्स में मामूली बढ़त

डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.04 प्रतिशत बढ़कर 99.39 पर पहुंचा। इससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बना।

भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में रुपये की चाल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की स्थिति और कच्चे तेल के दाम पर निर्भर करेगी। अगर वैश्विक स्तर पर डॉलर मजबूत बना रहता है, तो रुपये पर और दबाव देखने को मिल सकता है।

निवेशकों के लिए संकेत

मुद्रा विशेषज्ञों ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विदेशी निवेश और तेल कीमतों में कोई भी बड़ा बदलाव रुपये की दिशा तय कर सकता है। फिलहाल, रुपये की स्थिरता को संतुलित कारकों का परिणाम माना जा रहा है।


यह समाचार पीटीआई(PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित किया गया है।


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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।