जरूर पढ़ें

Maharashtra: नागपुर परिमंडल के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को ‘स्मार्ट’ राहत; टीओडी मीटर से 3.11 करोड़ की बचत

Nagpur Smart Meter Savings: नागपुर में टीओडी मीटर से 3.11 करोड़ की बचत, घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत
Nagpur Smart Meter Savings: नागपुर में टीओडी मीटर से 3.11 करोड़ की बचत, घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत

Nagpur Smart Meter Savings: नागपुर और वर्धा जिलों के बिजली उपभोक्ताओं ने महावितरण के टीओडी स्मार्ट मीटर से पिछले सात महीनों में 3.11 करोड़ रुपये की बचत की। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 80 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिल रही है। लगभग 5 लाख घरों में ये मीटर लगाए जा चुके हैं।

Updated:

स्मार्ट मीटर से मिली बड़ी राहत

Nagpur Smart Meter Savings: महंगाई के इस दौर में जब हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं, तब नागपुर और वर्धा जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक खुशखबरी है। महावितरण कंपनी द्वारा लगाए गए स्मार्ट टीओडी (टाइम ऑफ डे) मीटर से लोगों को अपने बिजली बिल में अच्छी खासी बचत हो रही है। पिछले सात महीनों में नागपुर परिमंडल के घरेलू उपभोक्ताओं ने कुल मिलाकर 3 करोड़ 11 लाख 95 हजार 452 रुपये की बचत की है। यह आंकड़ा बताता है कि नई तकनीक का सही इस्तेमाल कैसे आम लोगों की जेब पर बोझ कम कर सकता है।

यह योजना खासतौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो रही है जो दिन के समय अपने घरेलू कामों को निपटाते हैं। स्मार्ट मीटर और सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिन के समय जब सूर्य की रोशनी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होती है, तब बिजली का उपयोग करना अब और भी किफायती बन गया है।

कैसे काम करती है यह योजना

टीओडी मीटर योजना के अंतर्गत सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली का उपयोग करने पर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 80 पैसे की सीधी छूट मिलती है। यह समय वह होता है जब बिजली की मांग आमतौर पर कम रहती है और सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन अधिक होता है। इस समय बिजली का उपयोग करने से न केवल उपभोक्ताओं को बचत होती है, बल्कि बिजली वितरण प्रणाली पर भी दबाव कम होता है।

जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच के सात महीनों के आंकड़े बहुत उत्साहजनक हैं। नागपुर जिले के लगभग 2 लाख 81 हजार उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ उठाते हुए 2 करोड़ 79 लाख रुपये की बचत की है। वहीं, वर्धा जिले के 57 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने करीब 33 लाख रुपये बचाए हैं। यह बचत सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के बैंक खाते में जाती है या उनके बिजली बिल में कटौती के रूप में दिखाई देती है।

व्यापक स्तर पर स्मार्ट मीटर की स्थापना

नागपुर परिमंडल में अब तक लगभग 5 लाख घरों में ये आधुनिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है और जल्द ही अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। महावितरण ने स्पष्ट किया है कि इन स्मार्ट मीटरों की स्थापना पूरी तरह से निःशुल्क है। उपभोक्ताओं को इसके लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ता।

कुछ लोगों में यह भ्रम था कि स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली बिल बढ़ जाता है, लेकिन महावितरण ने इस भ्रम को दूर करते हुए साफ किया है कि ये मीटर केवल सही और सटीक खपत को दर्शाते हैं। इनसे बिल में किसी प्रकार की कृत्रिम वृद्धि नहीं होती। बल्कि, टीओडी योजना के तहत तो उपभोक्ताओं को अतिरिक्त छूट मिलती है।

भविष्य में और अधिक छूट की संभावना

महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग के आदेशानुसार यह छूट भविष्य में और बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल 80 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिल रही है, लेकिन इसे 1 रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ाने की योजना है। यदि ऐसा होता है तो उपभोक्ताओं को और भी अधिक बचत होगी। यह कदम बिजली उपभोग को दिन के समय की ओर प्रोत्साहित करने और पीक घंटों में बिजली की मांग को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

तकनीक का सही उपयोग

महावितरण ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया है। इस ऐप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वे देख सकते हैं कि किस समय उन्होंने कितनी बिजली का उपयोग किया और उन्हें कितनी छूट मिली। यह पारदर्शिता उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ाती है और उन्हें अपनी खपत को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद करती है।

ऐप के जरिए उपभोक्ता अपने बिजली उपयोग की आदतों में बदलाव ला सकते हैं। उदाहरण के लिए, कपड़े धोने, बर्तन साफ करने जैसे काम दिन के समय करके वे अधिक बचत कर सकते हैं। यह न केवल उनकी जेब के लिए अच्छा है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि दिन के समय सौर ऊर्जा का अधिक उपयोग होता है।

सौर ऊर्जा का बढ़ता योगदान

इस योजना की सफलता में सौर ऊर्जा का बड़ा योगदान है। दिन के समय जब सूरज की रोशनी तेज होती है, तब सौर पैनलों से बिजली उत्पादन अधिक होता है। इस समय बिजली की उपलब्धता अधिक होने के कारण ही महावितरण छूट देने में सक्षम है। यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देती है और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करती है।

महाराष्ट्र सरकार की नीति भी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की है। स्मार्ट मीटर और टीओडी योजना इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है। जैसे-जैसे अधिक लोग इस योजना को अपनाएंगे, राज्य में ऊर्जा की खपत का पैटर्न बदलेगा और बिजली वितरण अधिक कुशल होगा।

उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया

नागपुर और वर्धा के कई उपभोक्ताओं ने इस योजना की सराहना की है। उनका कहना है कि दिन के समय घरेलू कामकाज करने से उनके बिजली बिल में वाकई कमी आई है। कुछ परिवारों ने बताया कि उन्होंने अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करके महीने में 200 से 300 रुपये तक की बचत की है। यह राशि एक साल में काफी बड़ी हो जाती है।

Nagpur Smart Meter Savings: हालांकि, कुछ उपभोक्ताओं को अभी भी इस योजना के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। महावितरण को जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों तक इस योजना की जानकारी पहुंचानी चाहिए। सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार पत्रों और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से लोगों को बताया जाना चाहिए कि वे किस तरह इस योजना का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।

नागपुर परिमंडल में टीओडी स्मार्ट मीटर योजना एक सफल पहल साबित हो रही है। यह न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि ऊर्जा के कुशल उपयोग और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है। आने वाले समय में इस योजना का विस्तार और अधिक छूट से महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलेगा।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।