चवदार तालाब आंदोलन समानता और अधिकार की पहचान
Chavdar Talab Satyagraha 99th anniversary Nagpur: नागपुर, 20 मार्च। चवदार तालाब सत्याग्रह की 99वीं वर्षगांठ और भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर नागपुर के कामठी रोड स्थित बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग तथा नागपुर बौद्धिस्ट एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से इस समारोह का आयोजन किया।

“पानी के अधिकार से संवैधानिक समानता तक” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में आंबेडकरी आंदोलन के वरिष्ठ विचारक राजेश चंद्रा ने अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा, “हमारे पूर्वजों ने जो त्याग किया, उसे सदैव स्मरण में रखना जागरूक पीढ़ी की पहचान है। चवदार तालाब आंदोलन समानता, मानवता और मानव सम्मान की रक्षा का आंदोलन था। हमें इस आंदोलन को प्रेरणा के स्रोत के रूप में देखना चाहिए।”

नई पीढ़ी के लिए इतिहास से सीख लेने का संदेश
राजेश चंद्रा ने यह भी कहा कि भगवान गौतम बुद्ध के मानवतावादी विचारों को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से आगे बढ़ाया। उन्होंने आज की पीढ़ी से आग्रह किया कि वे इन मूल्यों के संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझें।
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता, बौद्ध समाज के सदस्य और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। अगले वर्ष चवदार तालाब सत्याग्रह की शताब्दी (100वीं वर्षगांठ) मनाई जाएगी, जिसे लेकर आयोजकों में उत्साह देखा गया।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र