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संत्रे की गुणवत्ता सुधारने हेतु नर्सरी कानून में संशोधन आवश्यक: Nitin Gadkari

संत्रे की गुणवत्ता सुधारने हेतु नर्सरी कानून में संशोधन आवश्यक: Nitin Gadkari
Citrus Nursery Law Amendment
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Asfi Shadab
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संत्रे की गुणवत्ता सुधारने के लिए Citrus Nursery Law Amendment की आवश्यकता

नागपुर, 26 सितंबर: विदर्भ की शान और भारत के प्रमुख citrus उत्पादों में शामिल संत्रे (Orange) की गुणवत्ता सुधारने और इसे वैश्विक बाजार में निर्यातयोग्य बनाने के लिए Citrus Nursery Law Amendment करना अनिवार्य हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने ‘उत्तम नर्सरी नियोजन और संत्रा उत्पादकों के लिए सुधारित नीति’ पर आयोजित बैठक में यह बात कही।

बैठक में किसानों और विशेषज्ञों ने साझा की रणनीति

बैठक में किसानों, कृषि विशेषज्ञों और नर्सरी संचालकों ने मिलकर एक व्यापक रणनीति पर मंथन किया। Gadkari ने कहा कि संत्रे की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए रोगमुक्त और उच्च किस्म के कलम किसानों तक पहुँचाना बेहद जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार की कृषि नीति, कृषि विश्वविद्यालय और National Citrus Research Institute को मिलकर ठोस कार्यपद्धति बनानी होगी।

अंतरराष्ट्रीय तकनीक से उत्पादन बढ़ाने का सुझाव

Gadkari ने यह भी सुझाव दिया कि स्पेन और इज़रायल जैसी देशों की modern technology अपनाई जाए। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होगा। साथ ही भारतीय संत्रे को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकेगा।

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विशेषज्ञों और अधिकारियों की भूमिका

बैठक में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक Dr. C.D. Mayee, Dr. Bhagwanrao Kapase, Dr. Panchbhai, Dr. Shashank Bharad, जिला कृषि अधीक्षक Ravindra Manohre, महा ऑरेंज अध्यक्ष Shridharrao Thakre, और संत्रा उत्पादक किसान उपस्थित थे।

Dr. Bharad ने नर्सरी संचालन, निवेश और पौधों की खरीद में सावधानियों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उचित nursery management से संत्रे की गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार किया जा सकता है। वहीं Dr. Panchbhai ने पारंपरिक नर्सरी के नुकसान और आम रोगों पर प्रकाश डाला।

जिला कृषि अधिकारी Ravindra Manohre ने नर्सरी कानून में सुझाए गए संशोधनों और Citrus Nursery Law Amendment के संभावित लाभ किसानों के सामने रखे। उन्होंने कहा कि यह संशोधन न केवल पौधशालाओं को रोगमुक्त बनाएगा बल्कि नए निवेशकों को भी आकर्षित करेगा।

केंद्रीय मंत्री का दृष्टिकोण

इस अवसर पर Nitin Gadkari ने कहा, “राज्य के वर्तमान नर्सरी कानून में सुधार कर एक नई नीति बनाई जाएगी। यह नीति न केवल किसानों के लिए लाभदायक होगी, बल्कि संत्रा उत्पादकों और नर्सरीधारकों के लिए ऐतिहासिक महत्व की होगी।” उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे नई तकनीकों को अपनाने में अग्रसर हों और उन्नत किस्मों के पौधे अपनाएं।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि नर्सरी संचालन में transparency बढ़ाने के लिए digital tracking system लागू किया जाए। इससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और उत्पादन में सुधार आएगा।

संत्रा क्षेत्र में बदलाव का महत्व

संत्रा क्षेत्र में यह पहल किसानों के लिए game-changer साबित होगी। न केवल उत्पादन और आय बढ़ेगी, बल्कि भारतीय संत्रा को अंतरराष्ट्रीय बाजार में premium मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा। यह कदम विदर्भ को citrus hub के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि “उत्तम नर्सरी नियोजन और सुधारित नीति केवल एक administrative प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और भारत के citrus exports को global standard तक पहुँचाने का माध्यम है।”

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