बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल, नागपुर में वसूली दल से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
Mahavitaran Team Threatened During Bill Recovery Drive Nagpur: सरकारी कर्मचारी अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए जब आम नागरिकों के बीच जाते हैं तो उनके साथ सम्मान का व्यवहार होना चाहिए, लेकिन नागपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जो इस अपेक्षा को पूरी तरह तोड़ती है। शहर के सक्करदरा थाना क्षेत्र के लहान ताजबाग इलाके में बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए गए महावितरण के दल के साथ न केवल गाली-गलौज की गई बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना में एक महिला कर्मचारी से भी अभद्र व्यवहार किया गया जिससे बिजली विभाग के कर्मचारियों में रोष की लहर फैल गई है।
क्या हुआ उस शनिवार की सुबह
शनिवार की सुबह करीब ग्यारह बजे महावितरण के नए सुभेदार विद्युत वितरण केंद्र के सहायक अभियंता सुनीलकुमार राजकुमार जैन अपने दल के साथ बकाया वसूली अभियान पर निकले। उनके दल में कर्मचारी खोब्रागड़े, सपना कटाले, राहुल जोगे, कोयल और राऊत शामिल थे। यह दल लहान ताजबाग दरबार क्षेत्र के उपभोक्ता शरद भोसले के घर बकाया बिल के संदर्भ में पहुंचा। यह एक सामान्य वसूली अभियान था जैसे रोज होता है लेकिन वहां मौजूद विक्रम भोसले नामक चालीस वर्षीय व्यक्ति ने दल को रोककर आपत्तिजनक और अपशब्दों से भरी भाषा का इस्तेमाल शुरू कर दिया।
महिला कर्मचारी से भी हुई अभद्रता
विक्रम भोसले ने न केवल सहायक अभियंता सुनीलकुमार जैन से दुर्व्यवहार किया बल्कि दल में शामिल महिला कर्मचारी सपना कटाले से भी अभद्र व्यवहार किया। इसके अलावा उसने यह भी कहा कि तुम्हें देख लूंगा जिसे पुलिस ने जान से मारने की धमकी के रूप में दर्ज किया है। एक महिला सरकारी कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार इस घटना को और अधिक गंभीर बनाता है। सरकारी ड्यूटी पर तैनात किसी महिला कर्मचारी के साथ इस तरह का आचरण न केवल कानूनी अपराध है बल्कि यह कार्यस्थल की गरिमा और सुरक्षा पर भी सीधा हमला है।
Mahavitaran Team Threatened During Bill Recovery Drive Nagpur: पुलिस ने दर्ज किया एनसीआर
घटना के बाद दल ने तुरंत सक्करदरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस उपनिरीक्षक अजित बनकर ने आरोपी विक्रम भोसले के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 221, 351 (2) और 352 के तहत एनसीआर दर्ज किया है। पुलिस ने शिकायतकर्ता को न्यायालय में आगे की कार्रवाई करने की सलाह भी दी है। हालांकि कर्मचारियों का मानना है कि केवल एनसीआर दर्ज करने से न्याय नहीं मिलेगा और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बिजली कर्मचारियों में व्यापक रोष
इस घटना के बाद महावितरण के कर्मचारियों में गहरा असंतोष और रोष फैला हुआ है। वसूली अभियान पर जाना उनकी नौकरी की जिम्मेदारी है लेकिन यदि उन्हें इस दौरान गाली-गलौज और धमकियां सहनी पड़ें तो यह न केवल उनके मनोबल को तोड़ता है बल्कि उनकी सुरक्षा को भी खतरे में डालता है। ऐसी घटनाएं सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मजबूत कानूनी ढांचे की जरूरत को भी रेखांकित करती हैं।
सरकारी कर्तव्य पालन में बाधा एक गंभीर अपराध
यह मामला केवल एक व्यक्ति की उद्दंडता का नहीं है बल्कि यह उस सोच का परिणाम है जो सरकारी कर्मचारियों को अपने दायित्व निभाने से रोकने की कोशिश करती है। बिजली बिल का बकाया न चुकाना और उसकी वसूली के लिए आए दल को धमकाना दोनों ही कानूनी दृष्टि से अस्वीकार्य हैं। पुलिस को चाहिए कि इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारियों को इस तरह डराने का दुस्साहस न कर सके।