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नागरिकों में डिजिटल सजगता आवश्यक: नागपुर पुलिस द्वारा भव्य ‘मेगा साइबर जनजागृति सत्र’ का आयोजन

नागरिकों में डिजिटल सजगता आवश्यक: नागपुर पुलिस द्वारा भव्य ‘मेगा साइबर जनजागृति सत्र’ का आयोजन
Mega Cyber Awareness Session – नागपुर पुलिस द्वारा नागरिकों के लिए डिजिटल सुरक्षा पर भव्य जनजागृति अभियान
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Asfi Shadab
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नागपुर पुलिस ने किया नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक – डिजिटल युग में जिम्मेदार आचरण पर दिया बल

नागपुर, 27 अक्टूबर 2025 – आधुनिक डिजिटल युग में जहां प्रत्येक व्यक्ति इंटरनेट से जुड़ा हुआ है, वहीं साइबर अपराधों की घटनाओं में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसी पृष्ठभूमि में नागपुर शहर पुलिस द्वारा आज सुरेश भट सभागार में एक “मेगा साइबर जनजागृति सत्र” का आयोजन किया गया।
इस विशेष सत्र का उद्देश्य नागरिकों, विद्यार्थियों और पुलिस बल को साइबर सुरक्षा से संबंधित आवश्यक ज्ञान प्रदान करना था।


साइबर विशेषज्ञ अमित दुबे का प्रेरक मार्गदर्शन

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध साइबर विशेषज्ञ श्री अमित दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों — जैसे डिजिटल धोखाधड़ी, फिशिंग, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग आदि — पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा, “इंटरनेट का उपयोग आज आवश्यक है, परंतु उसकी सुरक्षा के प्रति सतर्कता और अनुशासन भी उतना ही जरूरी है। हर नागरिक को यह समझना चाहिए कि उसकी ऑनलाइन पहचान भी उसकी वास्तविक पहचान जितनी ही मूल्यवान है।”


पुलिस आयुक्त ने किया नागरिकों से जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार का आग्रह

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे नागपुर शहर के पुलिस आयुक्त डॉ. रवींदर सिंगल।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा, “डिजिटल अपराधों पर अंकुश लगाने का सबसे प्रभावी तरीका है – जन-जागरूकता। जब नागरिक स्वयं साइबर रूप से सजग होंगे, तभी अपराधों में कमी आएगी। पुलिस प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदारीपूर्वक इंटरनेट का उपयोग करना चाहिए।”

डॉ. सिंगल ने बताया कि नागपुर पुलिस ने नागरिकों के लिए एक विशेष साइबर हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल भी प्रारंभ किया है, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कर सकता है।


कार्यक्रम में भारी जनसहभागिता

यह कार्यक्रम नागपुर शहर पुलिस की साइबर शाखा द्वारा आयोजित किया गया था।
इसमें 2500 से अधिक नागरिकों, पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सभागार में उपस्थित युवाओं ने विशेषज्ञों से अपने प्रश्न पूछे और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों की जानकारी ली।
कई प्रतिभागियों ने इसे “व्यावहारिक और जीवनोपयोगी” अनुभव बताया।


सुरक्षित डिजिटल समाज की दिशा में सकारात्मक कदम

कार्यक्रम के समापन पर पुलिस आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार, मित्रों और सहकर्मियों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा, “सुरक्षित समाज वही है जहाँ नागरिक तकनीकी रूप से शिक्षित और नैतिक रूप से सजग हों।”

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया और उपस्थित जनसमूह ने साइबर सुरक्षा शपथ ली कि वे ऑनलाइन किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देंगे।


डिजिटल भारत के लिए आवश्यक है साइबर साक्षरता

सत्र के अंतर्गत यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि “डिजिटल भारत तभी सुरक्षित भारत बनेगा जब हर नागरिक साइबर साक्षर होगा।”
नागपुर पुलिस की यह पहल न केवल शहर बल्कि सम्पूर्ण महाराष्ट्र के लिए एक प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।
इस आयोजन ने यह सिद्ध किया कि जन-जागरूकता ही किसी भी अपराध पर स्थायी नियंत्रण का सबसे सशक्त उपाय है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।