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नागपुर के किदवई हाईस्कूल में शिक्षक पर जानलेवा हमला, मुख्याध्यापक पर गंभीर आरोप

नागपुर के किदवई हाईस्कूल में शिक्षक पर जानलेवा हमला, मुख्याध्यापक पर गंभीर आरोप
Attack on Nagpur Kidwai High School Teacher: नागपुर में शिक्षक पर जानलेवा हमला, मुख्याध्यापक पर पैसे मांगने का आरोप

Attack on Nagpur Kidwai High School Teacher: नागपुर के किदवई हाईस्कूल में शिक्षक सगीर अहमद पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ। उन्होंने मुख्याध्यापक मजीब पठान और एक अन्य व्यक्ति पर हर महीने 30 हजार रुपये मांगने और पैसे बंद करने पर हमला करने का आरोप लगाया है। घायल शिक्षक का अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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Asfi Shadab
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नागपुर के आशी नगर क्षेत्र में स्थित किदवई हाईस्कूल एंड जूनियर कॉलेज में एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां कार्यरत शिक्षक सगीर अहमद पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और चर्चा का माहौल है। घायल शिक्षक ने स्कूल के मुख्याध्यापक मजीब पठान और एक अन्य व्यक्ति मुतज्जिम खान पर हमले का आरोप लगाया है।

घटना के तुरंत बाद सगीर अहमद को सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें ट्रॉमा केयर यूनिट में रखा गया है, जहां डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत गंभीर लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

Attack on Nagpur Kidwai High School Teacher: नागपुर में शिक्षक पर जानलेवा हमला, मुख्याध्यापक पर पैसे मांगने का आरोप
Attack on Nagpur Kidwai High School Teacher: नागपुर में शिक्षक पर जानलेवा हमला, मुख्याध्यापक पर पैसे मांगने का आरोप

स्कूल के अंदर का विवाद और आरोप

घायल शिक्षक सगीर अहमद ने आरोप लगाया है कि स्कूल के मुख्याध्यापक मजीब पठान उनसे हर महीने 30 हजार रुपये लेते थे। उनका कहना है कि यह रकम लंबे समय से ली जा रही थी। स्कूल को अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त है और इसी दर्जे से जुड़े कुछ मामलों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है।

बताया जा रहा है कि पहले राज्य में 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने के मामले के बाद जांच के आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद अल्पसंख्यक स्कूलों में कामकाज और वित्तीय मामलों की जांच शुरू हुई थी। इसी दौरान सगीर अहमद ने कथित रूप से हर महीने दी जाने वाली 30 हजार रुपये की रकम देना बंद कर दिया था।

पैसे बंद करने के बाद बढ़ा तनाव

सगीर अहमद का आरोप है कि पैसे देना बंद करने के बाद स्कूल के अंदर माहौल बदल गया। उन्होंने कहा कि मुख्याध्यापक इस बात से नाराज थे। इसी नाराजगी के चलते उन पर हमला किया गया। उनका कहना है कि यह हमला पहले से तय योजना के तहत किया गया।

हालांकि इस मामले में मुख्याध्यापक या दूसरे आरोपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद स्कूल के शिक्षक और कर्मचारी भी हैरान हैं।

अस्पताल में चल रहा इलाज

हमले के बाद घायल शिक्षक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर यूनिट में उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि फिलहाल उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है और जरूरी इलाज किया जा रहा है।

परिवार के लोग भी अस्पताल में मौजूद हैं। वे इस घटना से सदमे में हैं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

क्षेत्र में बढ़ी चिंता

यह स्कूल नागपुर के उत्तर नागपुर क्षेत्र के आशी नगर में स्थित है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे स्थान पर इस तरह की घटना होना गंभीर बात है।

कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर किसी तरह का विवाद था तो उसे बातचीत से सुलझाया जा सकता था। चाकू से हमला करना कानून और समाज दोनों के खिलाफ है।

जांच पर टिकी नजर

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी घटनास्थल की जानकारी जुटा रहे हैं। स्कूल के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या कारण थे।

जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और अस्पताल से आने वाली स्वास्थ्य रिपोर्ट पर टिकी है।

यह घटना न केवल एक शिक्षक पर हमला है, बल्कि स्कूल के माहौल और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला और गंभीर हो सकता है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और पुलिस की कार्रवाई इस मामले को आगे बढ़ाएगी।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।