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नागपुर से मुंबई जा रही बस में लगी आग, ड्राइवर की सूझबूझ से 52 यात्रियों की बची जान

Nagpur Mumbai Bus Fire: समृद्धि मार्ग पर बस में लगी आग, ड्राइवर ने बचाई 52 यात्रियों की जान
Nagpur Mumbai Bus Fire: समृद्धि मार्ग पर बस में लगी आग, ड्राइवर ने बचाई 52 यात्रियों की जान (File Photo)
6 जनवरी 2026 को नागपुर से मुंबई जा रही एक निजी बस में समृद्धि मार्ग पर आग लग गई। बस मेहकर तालुका के शिवनी पिसा गांव के पास थी जब इंजन से धुआं निकलना शुरू हुआ। ड्राइवर की तुरंत सूझबूझ और सही फैसले से बस में सवार सभी 52 यात्री सुरक्षित बच गए। घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
Updated:

6 जनवरी 2026 की सुबह महाराष्ट्र के समृद्धि मार्ग पर एक बड़ा हादसा टल गया। नागपुर से मुंबई की ओर जा रही एक निजी बस में अचानक आग लग गई। लेकिन ड्राइवर की समझदारी और तुरंत लिए गए फैसले ने 52 यात्रियों की जान बचा ली। यह घटना बुलढाणा जिले के मेहकर तालुका में शिवनी पिसा गांव के पास हुई। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव के सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का पूरा विवरण

सुबह के समय यह निजी बस नागपुर से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 52 यात्री सवार थे जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। सभी यात्री अपने-अपने काम से मुंबई जा रहे थे। बस तेज रफ्तार से समृद्धि एक्सप्रेसवे पर दौड़ रही थी।

जब बस मेहकर तालुका के शिवनी पिसा गांव के पास पहुंची, तब अचानक बस के इंजन से धुआं निकलने लगा। शुरुआत में धुआं हल्का था, लेकिन कुछ ही पलों में वह बढ़ने लगा। यात्रियों ने जब यह देखा तो उनमें घबराहट फैल गई। कुछ यात्रियों ने तुरंत ड्राइवर को आवाज लगाई और धुएं की जानकारी दी।

ड्राइवर की समझदारी से बचे यात्री

बस का ड्राइवर काफी अनुभवी था। जैसे ही उसे इंजन से धुआं निकलने की जानकारी मिली, उसने तुरंत बस की गति कम कर दी। उसने बिना घबराए बस को सड़क के किनारे सुरक्षित जगह पर रोका। इसके बाद उसने तुरंत सभी यात्रियों को शांत रहने के लिए कहा और एक-एक करके बस से उतरने का निर्देश दिया।

ड्राइवर की समझदारी और शांत स्वभाव ने यात्रियों को भी हिम्मत दी। सभी यात्री धीरे-धीरे बस से उतर गए। किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई। सभी लोग सुरक्षित बस से बाहर निकल गए। इसके कुछ देर बाद ही बस के इंजन में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। अगर ड्राइवर ने समय पर फैसला नहीं लिया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

आग पर काबू पाने की कोशिश

यात्रियों के सुरक्षित उतरने के बाद ड्राइवर और कुछ अन्य लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की। उन्होंने बस में रखी आग बुझाने की मशीन का इस्तेमाल किया। लेकिन आग तेजी से फैल रही थी और उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। आसपास के कुछ लोगों ने भी आकर मदद की कोशिश की।

इस बीच किसी ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने यातायात को नियंत्रित किया और यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखा। फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी जल्द ही घटनास्थल पर पहुंची और अग्निशमन कर्मियों ने आग पर काबू पाया।

आग लगने के संभावित कारण

शुरुआती जांच में पता चला कि बस के इंजन में किसी तकनीकी खराबी के कारण आग लगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इंजन गर्म होने या तेल के रिसाव के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। बस पुरानी थी और उसकी सर्विसिंग में भी लापरवाही बरती गई हो सकती है।

पुलिस ने बस की जांच शुरू कर दी है। बस का रजिस्ट्रेशन और सर्विस रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि बस के मालिक ने सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया था या नहीं। फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट की भी जांच हो रही है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

घटना से बचे यात्रियों ने ड्राइवर की भूरि-भूरि प्रशंसा की। एक यात्री ने बताया कि अगर ड्राइवर ने समय पर बस नहीं रोकी होती तो सभी की जान खतरे में पड़ सकती थी। उसकी सूझबूझ और अनुभव ने सभी की जान बचाई।

एक महिला यात्री ने कहा कि जब धुआं दिखा तो सभी घबरा गए थे। लेकिन ड्राइवर ने सभी को शांत रहने को कहा और व्यवस्थित तरीके से सभी को बस से उतारा। कुछ यात्रियों ने बताया कि उनका सामान बस में ही जल गया। लेकिन जान बचने की खुशी में सामान का नुकसान कोई मायने नहीं रखता।

परिवहन विभाग की कार्रवाई

इस घटना के बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों ने भी जांच शुरू कर दी है। विभाग यह देखेगा कि बस संचालक ने सभी नियमों का पालन किया था या नहीं। अगर किसी तरह की लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन अधिकारियों ने कहा कि सभी बस संचालकों को अपने वाहनों की समय-समय पर जांच करानी चाहिए। पुराने वाहनों को सड़क पर चलाने से पहले पूरी तरह से जांच जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

सड़क सुरक्षा के सबक

यह घटना सड़क सुरक्षा के महत्व को दर्शाती है। वाहन चालकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। किसी भी तरह की समस्या दिखने पर तुरंत वाहन रोकना चाहिए। इस मामले में ड्राइवर की तुरंत प्रतिक्रिया ने बड़ा हादसा टालने में मदद की।

विशेषज्ञों का कहना है कि सभी यात्री वाहनों में आग बुझाने की मशीन और फर्स्ट एड बॉक्स जरूर होना चाहिए। ड्राइवरों को आपातकालीन स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। यात्रियों को भी सुरक्षा नियमों की जानकारी होनी चाहिए।

इस घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई। सभी 52 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सभी यात्रियों की मदद की और उन्हें वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था भी करवाई। यह घटना एक सीख है कि सतर्कता और समझदारी से बड़े हादसों को टाला जा सकता है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।