नागपुर महानगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर जिस तरह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, वह पुलिस प्रशासन की गंभीरता और जवाबदेही को दर्शाता है। चुनाव केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के मताधिकार का पवित्र अधिकार है। इस अधिकार को सुरक्षित और निर्भय तरीके से प्रयोग करने का माहौल बनाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार के नेतृत्व में जो मॉकड्रिल आयोजित की गई, वह इसी दिशा में एक सराहनीय कदम है।
चुनाव सुरक्षा की तैयारी क्यों जरूरी है
हर चुनाव के साथ कुछ चुनौतियां भी आती हैं। असामाजिक तत्व, गुंडागर्दी, धमकी, मतदाता को डराना, बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। नागपुर जैसे बड़े शहर में जहां विभिन्न राजनीतिक दल सक्रिय हैं, वहां कानून व्यवस्था बनाए रखना और भी जरूरी हो जाता है। इसलिए समय रहते पुलिस बल को प्रशिक्षित करना और तैयार रखना बेहद आवश्यक है।
मॉकड्रिल का महत्व
मॉकड्रिल केवल एक औपचारिकता नहीं है। यह पुलिस कर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों से निपटने की तैयारी देता है। इस विशेष अभ्यास में 25 पुलिस अधिकारी और 101 पुलिस कर्मचारी शामिल हुए। डीसीपी निकेतन कदम और एसीपी रोहित ओव्हाल के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें मतदान केंद्रों पर संभावित खतरों से निपटने, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान जैसे विषय शामिल रहे होंगे।
पुलिस की प्राथमिकता: जनता की सुरक्षा
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदान के दौरान आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मतदाता निर्भय होकर अपने मत का इस्तेमाल कर सके, यह सुनिश्चित करना पुलिस का पहला लक्ष्य है। किसी भी तरह की गड़बड़ी, धमकी या हिंसा की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों की भूमिका भी जरूरी
पुलिस प्रशासन की तैयारी तभी सफल हो सकती है जब नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अफवाह फैलाने या मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश को तुरंत पुलिस तक पहुंचाना चाहिए। समाज में जागरूकता और सहयोग से ही चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण हो सकती है।
पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत
पुलिस प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वह राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करे। निष्पक्षता ही लोकतंत्र की रीढ़ है। किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में झुकाव दिखाए बिना, कानून के अनुसार सख्ती से काम करना होगा। जनता का विश्वास तभी बनेगा जब पुलिस अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाएगी।
चुनाव आयोग के साथ तालमेल
पुलिस प्रशासन को चुनाव आयोग के साथ पूर्ण समन्वय में काम करना होगा। मतदान केंद्रों की सूची, संवेदनशील इलाकों की पहचान, ईवीएम की सुरक्षा और मतगणना के दौरान व्यवस्था जैसे सभी पहलुओं पर गहरी नजर रखनी होगी। किसी भी चूक को गंभीरता से लेना होगा।
तकनीक का सहारा
आधुनिक समय में चुनाव सुरक्षा में तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, डिजिटल संचार और त्वरित रिपोर्टिंग सिस्टम से चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जा सकता है। नागपुर पुलिस को चाहिए कि वह इन आधुनिक साधनों का पूरा इस्तेमाल करे।
नागरिकों के लिए संदेश
नागपुर के नागरिकों को यह समझना होगा कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है। अपने मत का सही इस्तेमाल करके ही शहर के विकास की दिशा तय की जा सकती है। पुलिस और प्रशासन की तैयारियों का लाभ तभी मिलेगा जब मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे।
नागपुर महानगरपालिका चुनाव 2026 की तैयारी में पुलिस प्रशासन ने जो सक्रियता दिखाई है, वह सराहनीय है। 126 पुलिस कर्मियों को मॉकड्रिल के जरिए विशेष प्रशिक्षण देना यह दर्शाता है कि प्रशासन चुनाव को लेकर गंभीर है। अब जरूरत इस बात की है कि यह तैयारी केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखे। नागरिकों को निर्भय होकर मतदान करने का अवसर मिले, कोई भी असामाजिक तत्व चुनाव प्रक्रिया में दखल न दे और लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे। यही सच्ची तैयारी होगी और यही लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण होगा।