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Nagpur Scam: नागपुर में नगररचना विभाग पर घोटाले के आरोप, आवासीय जमीन पर अवैध वाणिज्यिक भवन को मिली मंजूरी

Nagpur Scam: नागपुर में नगररचना विभाग पर घोटाले के आरोप, आवासीय जमीन पर अवैध वाणिज्यिक भवन को मिली मंजूरी
Nagpur NMC Land Scam, नागपुर नगररचना विभाग में आवासीय भूखंड पर अवैध वाणिज्यिक मंजूरी का बड़ा खुलासा
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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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नागपुर नगररचना विभाग में भ्रष्टाचार का खुलासा

नागपुर महानगरपालिका के नगररचना विभाग में एक गंभीर घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। आवासीय उपयोग के लिए दी गई लीज भूमि पर एक बिल्डर को अवैध रूप से वाणिज्यिक और अस्पताल भवन बनाने की अनुमति दी गई। दस्तावेजों में फेरबदल कर भूखंड का क्षेत्रफल बढ़ाया गया और एफएसआई के साथ हेराफेरी की गई।

Nagpur NMC Land Scam
Nagpur NMC Land Scam, नागपुर नगररचना विभाग में आवासीय भूखंड पर अवैध वाणिज्यिक मंजूरी का बड़ा खुलासा

प्रशासक पर आरोप, अभियंताओं को मिली ढाल

शहर कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे ने इस मामले को गंभीर भ्रष्टाचार बताया। उनका कहना है कि यह प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत का मामला है। ठाकरे के अनुसार, नजुल भूमि केवल आवासीय प्रयोजन के लिए दी गई थी। ऐसे में वाणिज्यिक और अस्पताल भवन की अनुमति देना न केवल लीज शर्तों का उल्लंघन है, बल्कि लोकहित के साथ धोखा भी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इंजीनियरों ने जानबूझकर भूखंड का आकार बढ़ाया और एफएसआई बढ़ाकर बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाया। इन अनियमितताओं के स्पष्ट प्रमाण और विधिक राय होने के बावजूद प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी ने किसी भी अभियंता पर कार्रवाई नहीं की।

शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

सेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल अनंत भागवत ने इस घोटाले की कई बार शिकायत की थी। उन्होंने नगररचना विभाग से अवैध निर्माण रोकने की मांग की। लेकिन एनएमसी ने उनकी शिकायतों को अनदेखा किया। वर्ष 2023 में नगररचना विभाग ने आठ मंजिला इमारत को आंशिक ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया।

भागवत ने कहा कि यह प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का उदाहरण है। इसने जनता का भरोसा तोड़ा है।

विधायक ठाकरे की मांग, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो

विकास ठाकरे ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषी अभियंताओं को निलंबित किया जाए और अवैध मंजूरियों को तुरंत रद्द किया जाए।

उनका कहना है कि यदि ऐसी अनियमितताएं जारी रहीं तो नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास पूरी तरह खत्म हो जाएगा। ठाकरे ने यह भी कहा कि “प्रशासन को जनता के हित में काम करना चाहिए, न कि बिल्डरों के हित में।”

नगररचना विभाग की भूमिका पर सवाल

इस मामले ने नागपुर नगररचना विभाग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शहर में पहले भी कई बार अवैध निर्माण को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। लेकिन यह मामला इसलिए अलग है क्योंकि इसमें सरकारी अधिकारियों की सीधी भूमिका सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में कई इंजीनियरों, ठेकेदारों और बिल्डरों के बीच मिलीभगत की संभावना है। एनएमसी के भीतर जांच की मांग बढ़ रही है।

जनता में नाराजगी और पारदर्शिता की मांग

शहर के नागरिकों ने इस घटना को प्रशासनिक भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया है। सोशल मीडिया पर लोग नगररचना विभाग की आलोचना कर रहे हैं। नागरिक संगठनों ने भी पारदर्शी जांच की मांग की है ताकि दोषियों को सजा मिले।

सरकार के लिए चुनौती

यह प्रकरण महाराष्ट्र सरकार के लिए एक चुनौती बन सकता है। विपक्ष इस मुद्दे को विधानसभा में उठा सकता है। यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।