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नागपुर के पेपर मिल में लगी भीषण आग, करोड़ों की संपत्ति जलकर खाक

नागपुर के पेपर मिल में लगी भीषण आग, करोड़ों की संपत्ति जलकर खाक
Nagpur Paper Mill Fire: नागपुर के पेपर मिल में भीषण आग से करोड़ों का नुकसान, सिलेंडर फटने से बढ़ी मुसीबत

Nagpur Paper Mill Fire: नागपुर के उप्पलवाड़ी गोविंदगढ़ इलाके में मेहाडिया इंटरप्राइजेस पेपर मिल में भीषण आग लगने से करोड़ों की संपत्ति जलकर खाक हो गई। 7-8 सिलेंडर फटने से आग ने विकराल रूप लिया। आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा। दमकल की 8 गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं।

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Asfi Shadab
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उप्पलवाड़ी में भड़की भीषण आग

Nagpur Paper Mill Fire: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक बार फिर औद्योगिक हादसे ने लोगों को दहला दिया है। उप्पलवाड़ी गोविंदगढ़ इलाके में स्थित मेहाडिया इंटरप्राइजेस प्राइवेट लिमिटेड पेपर मिल में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरा परिसर आग की लपटों में घिर गया। इस हादसे में करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भयानक हादसे में किसी की जान नहीं गई। लेकिन आर्थिक नुकसान इतना बड़ा है कि मिल मालिकों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोग भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

सिलेंडर फटने से बढ़ा खतरा

घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार पेपर मिल में रखे ज्वलनशील पदार्थों ने आग को और भी भयानक बना दिया। सबसे खतरनाक स्थिति तब उत्पन्न हुई जब मिल परिसर में रखे 7 से 8 गैस सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे। सिलेंडरों के फटने से जोरदार धमाके हुए जिन्हें आसपास के इलाकों में भी सुना गया। इन धमाकों की वजह से आग ने और भी विकराल रूप ले लिया। सिलेंडरों के टुकड़े उड़कर आसपास के घरों के आंगन में जा गिरे। यह स्थिति बेहद खतरनाक थी क्योंकि इससे किसी भी व्यक्ति की जान जा सकती थी।

आसपास के घरों को हुआ नुकसान

पेपर मिल में लगी इस भीषण आग ने आसपास के रिहायशी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले लिया। मिल के पास रहने वाले परिवारों के घरों को काफी नुकसान पहुंचा। फटे हुए सिलेंडरों के टुकड़े घरों के आंगन में गिरे, जिससे कई घरों की छतें और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। आग की लपटों और गर्मी से कई घरों की खिड़कियां टूट गईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि उन्हें अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा। बच्चे और बुजुर्ग डर से कांप रहे थे। इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया था।

दमकल की आठ गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

जैसे ही इस भीषण आग की सूचना कपिल नगर पुलिस थाने को मिली, तुरंत घटनास्थल पर पुलिस बल पहुंच गया। साथ ही नागपुर महानगरपालिका के दमकल विभाग को भी तत्काल सूचित किया गया। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग ने आठ फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर भेजीं। दमकल कर्मियों ने युद्ध स्तर पर आग बुझाने का काम शुरू किया। पेपर मिल में रखे कागज और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग को काबू में करना काफी मुश्किल हो रहा था। दमकल कर्मी घंटों तक लगातार पानी की बौछार करते रहे। उनकी कोशिश थी कि आग आसपास के अन्य इलाकों में न फैले।

करोड़ों का माल जलकर राख

इस हादसे में पेपर मिल में रखे करोड़ों रुपये के कच्चे माल और तैयार माल सब कुछ जलकर खाक हो गया। मिल में भारी मात्रा में कागज, लुगदी और अन्य सामग्री रखी हुई थी जो पूरी तरह से नष्ट हो गई। मिल मालिकों के अनुसार यह नुकसान कई करोड़ रुपये का है। इस आग से न केवल माल का नुकसान हुआ बल्कि मिल की मशीनरी और बुनियादी ढांचा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मिल में काम करने वाले मजदूरों के रोजगार पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कई परिवारों की आजीविका इस मिल से जुड़ी हुई है।

राहत की बात – कोई जनहानि नहीं

इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई। न तो मिल में काम करने वाले किसी मजदूर को चोट आई और न ही आसपास रहने वाले किसी व्यक्ति को कोई गंभीर नुकसान हुआ। घटना के समय मिल में काम करने वाले सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए। स्थानीय लोगों ने भी समय रहते अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों पर शरण ली। यह संयोग ही कहा जाएगा कि इतनी बड़ी आग और सिलेंडरों के धमाकों के बीच कोई जनहानि नहीं हुई।

पुलिस जांच में जुटी

कपिल नगर पुलिस थाने ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर यह आग लगी कैसे। क्या यह किसी लापरवाही का नतीजा था या फिर किसी तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस मिल मालिकों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मिल में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और क्या सभी नियमों का पालन किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के सही कारणों का पता चल सकेगा।

स्थानीय लोगों की मुआवजे की मांग

Nagpur Paper Mill Fire: आग से प्रभावित स्थानीय लोग अब प्रशासन से मदद और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। जिन घरों को नुकसान पहुंचा है उन परिवारों का कहना है कि उन्हें तुरंत मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि वे अपने घरों की मरम्मत करवा सकें। कई लोगों का कहना है कि उन्हें इस हादसे से मानसिक आघात भी लगा है। बच्चे अभी भी डरे हुए हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि प्रशासन इस तरह के औद्योगिक इकाइयों पर नजर रखे और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि अगर समय पर सही कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर हो सकती हैं।

प्रशासन की जिम्मेदारी

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा के सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जरूरी है कि सभी औद्योगिक इकाइयां अग्नि सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन करें। प्रशासन को भी समय-समय पर निरीक्षण करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी जरूरी सुरक्षा उपकरण मौजूद हों। विशेषकर उन इकाइयों में जहां ज्वलनशील पदार्थ रखे जाते हैं, वहां अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। रिहायशी इलाकों के पास स्थित औद्योगिक इकाइयों की निगरानी और भी जरूरी हो जाती है क्योंकि वहां आम लोगों की जान का खतरा रहता है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।