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नागपुर रेलवे में सुरक्षा अभियान: सामान चोरों और हुड़दंगियों पर शिकंजा, छह गिरफ्तार

नागपुर रेलवे में सुरक्षा अभियान: सामान चोरों और हुड़दंगियों पर शिकंजा, छह गिरफ्तार
Nagpur Railway Security Crackdown: नागपुर रेलवे में सुरक्षा अभियान के तहत छह आरोपी गिरफ्तार (File Photo)

रेलवे सुरक्षा बल नागपुर मंडल ने विशेष अभियान के तहत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इतवारी स्टेशन पर मोबाइल चोर और गोंदिया स्टेशन पर जेबकतरा पकड़ा गया। कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस में हुड़दंग मचाने वाले चार युवक भी गिरफ्तार हुए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर विशेष टास्क टीम ने सफल कार्रवाई की। यात्रियों से सतर्क रहने की अपील।

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Asfi Shadab
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नागपुर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा बल की विशेष टीम लगातार सक्रिय है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में चल रहे विशेष अभियान के तहत यात्री सामान चोरी और ट्रेनों में हुड़दंग मचाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। इस अभियान में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो सामान चोर और चार हुड़दंगी शामिल हैं।

रेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री दीप चंद्र आर्य के मार्गदर्शन में यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसका मकसद यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का माहौल देना और असामाजिक तत्वों पर लगाम कसना है। यह कार्रवाई यह साबित करती है कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा के प्रति कितना गंभीर है।

इतवारी स्टेशन पर मोबाइल चोरी का मामला

नागपुर के इतवारी रेलवे स्टेशन पर 14 दिसंबर 2025 को एक यात्री के साथ सामान चोरी की घटना हुई। स्टेशन पर सो रहे यात्री का रेडमी कंपनी का महंगा मोबाइल फोन चोरी हो गया, जिसकी कीमत करीब 32 हजार रुपये थी। यात्री ने जब सुबह उठकर देखा तो उसका मोबाइल गायब था। तुरंत रेलवे सुरक्षा बल और शासकीय रेल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने तेजी से काम शुरू किया। स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की गई, जो स्टेशन के पास ही घूम रहा था। टीम ने सिक्का चौक इलाके से उस व्यक्ति को पकड़ लिया।

आरोपी के पास से बरामद हुआ चोरी का मोबाइल

पकड़े गए आरोपी के कब्जे से वही मोबाइल फोन बरामद हुआ जो यात्री से चोरी किया गया था। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मुकेश बघेल उर्फ मुक्कू बताया। वह 22 साल का है और छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का रहने वाला है। उसे चोरी के माल सहित शासकीय रेल पुलिस इतवारी के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह घटना बताती है कि रेलवे स्टेशनों पर सोते समय यात्रियों को अपने सामान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चोर हमेशा मौके की तलाश में रहते हैं और लापरवाही का फायदा उठाने में देर नहीं करते।

गोंदिया स्टेशन पर जेबकतरे को दबोचा

नागपुर मंडल के गोंदिया रेलवे स्टेशन पर 15 दिसंबर 2025 को एक और घटना सामने आई। प्लेटफार्म नंबर पांच पर विदर्भ एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12106 के आने के समय भारी भीड़ जमा थी। ऐसे समय में चोर सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।

भीड़ में एक व्यक्ति यात्रियों की जेब टटोलता हुआ पकड़ा गया। सतर्क यात्रियों और सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम हर्ष राजेश बनसोड़ बताया। वह 20 साल का है और गोंदिया महाराष्ट्र का रहने वाला है।

पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला

जांच के दौरान पता चला कि यह युवक पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है। उसका पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। गोंदिया शासकीय रेल पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। यह गिरफ्तारी यात्रियों के लिए राहत की खबर है क्योंकि एक पुराना अपराधी पकड़ा गया है।

ट्रेन में सफर के दौरान या स्टेशन पर भीड़ में यात्रियों को अपने बटुए, मोबाइल और अन्य कीमती सामान सुरक्षित जगह रखने चाहिए। जेबकतरे भीड़ का फायदा उठाकर चोरी करते हैं।

ट्रेन में हुड़दंग मचाने वाले चार गिरफ्तार

15 दिसंबर 2025 को इतवारी स्टेशन पर कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18029 के जनरल कोच में एक अलग तरह की घटना हुई। चार युवक ट्रेन के जनरल डिब्बे में जोर-जोर से चिल्ला रहे थे और हुड़दंग मचा रहे थे। उनकी इस हरकत से यात्री परेशान हो रहे थे और माहौल तनावपूर्ण हो गया था।

यात्रियों की शिकायत पर रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने तुरंत कार्रवाई की। चारों युवकों को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम शुभम ठाकुर, राजाराव, मोनू ठाकुर और विक्की देवदास बताए। सभी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं।

शांति भंग करने पर कार्रवाई

चारों आरोपियों को शासकीय रेल पुलिस इतवारी के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ शांति भंग करने और यात्रियों को परेशान करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि ट्रेनों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ट्रेनों में शराब पीकर या अन्य कारणों से हुड़दंग मचाने वाले न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरे यात्रियों की यात्रा भी खराब करते हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।

विशेष टास्क टीम की भूमिका

नागपुर मंडल स्तर पर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा एक विशेष टास्क टीम गठित की गई है। यह टीम लगातार स्टेशनों और ट्रेनों में गश्त करती है। सीसीटीवी फुटेज की निगरानी, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और त्वरित कार्रवाई इस टीम की खासियत है।

टीम के सदस्य सादे कपड़ों में भी काम करते हैं ताकि अपराधियों को पता न चले। यह रणनीति बेहद कारगर साबित हो रही है। पिछले कुछ महीनों में इस टीम ने कई चोरों और असामाजिक तत्वों को पकड़ा है।

यात्रियों से अपील

रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने सामान की खुद सुरक्षा करें। रात में सोते समय या भीड़ में अपने बैग, मोबाइल और बटुए को सुरक्षित रखें। अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें।

अगर किसी यात्री को कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखे तो तुरंत नजदीकी आरपीएफ पोस्ट या शासकीय रेल पुलिस को सूचना दें। रेल मदद टोल फ्री नंबर 139 पर भी कॉल की जा सकती है। समय पर सूचना देने से कई अपराधों को रोका जा सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था में सुधार

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पुलिस गश्त को और मजबूत किया जा रहा है। ट्रेनों में भी सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है।

यात्री जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। पोस्टर और घोषणाओं के जरिए यात्रियों को सुरक्षा के टिप्स दिए जा रहे हैं। इन प्रयासों का नतीजा दिख रहा है और अपराधों में कमी आई है।

रेलवे सुरक्षा बल की यह कार्रवाई सराहनीय है। यात्रियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। सुरक्षित यात्रा के लिए यात्री और प्रशासन दोनों का सहयोग जरूरी है।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।