नागपुर जिले से तेलंगाणा राज्य की ओर हो रही मवेशी तस्करी पर वडकी पुलिस ने बड़ी और सराहनीय कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 45 बैलों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। साथ ही लगभग 44 लाख रुपये की कीमत के वाहन और मवेशियों को जब्त किया गया है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था से जुड़ी है, बल्कि पशु सुरक्षा और समाज की संवेदनशीलता से भी जुड़ा बड़ा मुद्दा है।
मवेशी तस्करी का यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि किस तरह लालच के कारण कुछ लोग जानवरों के जीवन से खिलवाड़ करते हैं। वडकी पुलिस की सतर्कता के कारण एक बड़ा अपराध समय रहते रोका जा सका।
कैसे सामने आया मवेशी तस्करी का मामला
वडकी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नागपुर से कुछ वाहन मवेशियों को भरकर तेलंगाणा की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी शुरू की। देर रात एक संदिग्ध वाहन को रोका गया। जब वाहन की जांच की गई तो उसमें बड़ी संख्या में बैल ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे।
पुलिस ने तुरंत वाहन को अपने कब्जे में लिया और तस्करों से पूछताछ शुरू की। जांच में सामने आया कि ये मवेशी अवैध रूप से एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाए जा रहे थे।
बैलों की हालत देख पुलिस भी हुई परेशान
जब पुलिस ने वाहन का दरवाजा खोला, तो अंदर की हालत बेहद खराब थी। बैलों को न तो सही तरीके से बांधा गया था और न ही उनके खाने-पानी की कोई व्यवस्था थी। कई बैल कमजोर और डरे हुए दिखाई दे रहे थे।
गर्मी और लंबे सफर के कारण जानवरों की हालत बिगड़ रही थी। पुलिस ने तुरंत पशु डॉक्टरों को बुलाया और बैलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
44 लाख रुपये की जब्ती
इस कार्रवाई में पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन को भी जब्त किया है। जब्त किए गए वाहन और मवेशियों की कुल कीमत लगभग 44 लाख रुपये बताई जा रही है। यह जब्ती मवेशी तस्करी के खिलाफ एक बड़ा संदेश है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तस्करी के इस नेटवर्क के पीछे और भी लोग हो सकते हैं। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
तस्करों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई
वडकी पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। तस्करों के खिलाफ पशु क्रूरता कानून और अन्य कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मवेशी तस्करी केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह इंसानियत के खिलाफ भी अपराध है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
मवेशी तस्करी एक गंभीर सामाजिक समस्या
मवेशी तस्करी केवल एक इलाके की समस्या नहीं है। यह पूरे देश में फैली एक गंभीर समस्या बन चुकी है। हर साल हजारों मवेशियों को अवैध तरीके से एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाया जाता है।
इस तस्करी में जानवरों को भारी यातना झेलनी पड़ती है। कई बार सफर के दौरान ही उनकी मौत हो जाती है। इसके बावजूद तस्कर लालच के कारण ऐसे काम करते रहते हैं।
पुलिस की सतर्कता से बची जानें
वडकी पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई से 45 बैलों की जान बच सकी। अगर पुलिस थोड़ी भी देर करती, तो यह मामला और गंभीर हो सकता था।
स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसी सख्त कार्रवाई से तस्करों में डर पैदा होगा।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि मवेशी तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध वाहनों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें कहीं मवेशी तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।