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नागपुर के उज्जवल नगर अंडरपास में बेरियर गिरने से मची अफरातफरी, लोग बाल-बाल बचे

Nagpur Underpass Barrier Collapse: उज्जवल नगर अंडरपास में बेरियर गिरा, बड़ा हादसा टला
Nagpur Underpass Barrier Collapse: उज्जवल नगर अंडरपास में बेरियर गिरा, बड़ा हादसा टला
नागपुर के उज्जवल नगर अंडरपास में बुधवार दोपहर बेरियर अचानक टूटकर गिर गया। सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन लोग बाल-बाल बचे। घटना के बाद यातायात ठप हो गया और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठे हैं। नगर निगम ने जांच समिति बनाई है और अन्य अंडरपास की सुरक्षा जांच शुरू की है।
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नागपुर शहर के उज्जवल नगर इलाके में गुरुवार को एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। यहाँ के अंडरपास पर लगा बैरियर अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इस घटना से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन लोग बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलते ही नागपुर महानगर पालिका के लक्ष्मीनगर जोन के कार्यकारी अभियंता रवींद्र बुंदड़े तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। लेकिन मेट्रो के अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे, जिससे उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।

बैरियर गिरने से मची अफरातफरी

उज्जवल नगर इलाके में स्थित यह अंडरपास नागपुर मेट्रो परियोजना के तहत बनाया गया है। इस अंडरपास पर सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरियर अचानक टूटकर नीचे गिर गए। घटना के समय कुछ लोग अंडरपास के पास से गुजर रहे थे, लेकिन संयोग से कोई उनके ऊपर नहीं गिरा। यदि उस समय कोई व्यक्ति ठीक नीचे खड़ा होता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बैरियर गिरने से जोर की आवाज हुई और लोग डर गए। कुछ ही देर में भीड़ जमा हो गई और सभी लोग चर्चा करने लगे कि यह हादसा कैसे हुआ। लोगों ने तुरंत नागपुर महानगर पालिका और मेट्रो कार्यालय को इसकी सूचना दी।

Nagpur Underpass Barrier Collapse: उज्जवल नगर अंडरपास में बेरियर गिरा, बड़ा हादसा टला
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मनपा अधिकारी पहुंचे, मेट्रो अधिकारियों की गैरमौजूदगी

घटना की जानकारी मिलते ही नागपुर महानगर पालिका के लक्ष्मीनगर जोन के कार्यकारी अभियंता रवींद्र बुंदड़े घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और बैरियर के गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से बात की और आश्वासन दिया कि जल्द ही इसकी मरम्मत करवाई जाएगी।

लेकिन जो बात सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी, वह यह थी कि मेट्रो के कोई भी अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। यह अंडरपास मेट्रो परियोजना के तहत बनाया गया है और इसकी जिम्मेदारी मेट्रो प्रशासन की है। ऐसे में मेट्रो अधिकारियों का घटनास्थल पर न पहुंचना उनकी लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई और कहा कि मेट्रो प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

इस घटना के बाद अंडरपास के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि बैरियर इतनी आसानी से टूटकर गिर सकता है, तो इसका मतलब है कि निर्माण कार्य में कोताही बरती गई है। कई लोगों ने यह भी कहा कि मेट्रो परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता की जांच ठीक से नहीं की जा रही है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस तरह की खामियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

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सार्वजनिक सुरक्षा पर खतरा

यह घटना नागपुर शहर में सार्वजनिक सुरक्षा पर खतरे की घंटी है। शहर में कई जगहों पर मेट्रो परियोजना के तहत निर्माण कार्य चल रहे हैं। यदि इन निर्माणों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया तो आम लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक निर्माण में सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। बैरियर, रेलिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि ऐसी दुर्घटनाएं न हों।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

उज्जवल नगर के स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गुस्सा जताया है। उन्होंने कहा कि यह अंडरपास उनके इलाके का मुख्य मार्ग है और रोजाना सैकड़ों लोग यहां से गुजरते हैं। यदि किसी की जान चली जाती तो कौन जिम्मेदार होता?

एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हम रोज यहां से गुजरते हैं। आज बैरियर गिरा, कल कुछ और हो सकता है। सरकार और मेट्रो प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।”

एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “मेट्रो अधिकारी घटना के बाद भी नहीं आए, यह बहुत शर्मनाक बात है। वे अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।”

मनपा और मेट्रो प्रशासन की जिम्मेदारी

इस घटना के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है? नागपुर महानगर पालिका के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन मेट्रो प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। ऐसे में यह जरूरी है कि दोनों विभागों के बीच समन्वय बढ़े और सुरक्षा के मामलों में कोई लापरवाही न हो।

मेट्रो परियोजना सार्वजनिक हित में है और इसका मकसद लोगों की सुविधा बढ़ाना है। लेकिन यदि निर्माण और रखरखाव में लापरवाही होगी तो यह परियोजना लोगों के लिए खतरा बन सकती है।

आगे की कार्रवाई

अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। मनपा अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि बैरियर की मरम्मत जल्द करवाई जाएगी। साथ ही अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाएगी।

लेकिन लोगों की मांग है कि मेट्रो प्रशासन भी सामने आए और अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करे। घटना की पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

नागपुर के उज्जवल नगर में अंडरपास के बैरियर गिरने की यह घटना एक चेतावनी है। यह दर्शाता है कि सार्वजनिक निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। मनपा और मेट्रो प्रशासन दोनों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। जनता की सुरक्षा सबसे पहले आनी चाहिए और इसमें कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।