तेंदुए से बचाव के लिए नया उपाय
Nagpur University leopard protection cage patent: नागपुर। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने तेंदुए के हमले से नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष एल्युमिनियम पिंजरा तैयार किया है। इस अभिनव शोध को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से पंजीकरण भी प्राप्त हो चुका है।
यह शोध विश्वविद्यालय के भौतिकशास्त्र विभाग के प्रमुख एवं वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. संजय जानराव ढोबळे तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महाविद्यालय के भौतिकशास्त्र विभाग के डॉ. अमित रमेश बनसोड ने संयुक्त रूप से किया है।
पिंजरे की खास बनावट और उपयोग
कैसे काम करता है यह पिंजरा?
यह जालीदार पिंजरा सिर पर बांधा जाता है और आवश्यकता पड़ने पर पूरे शरीर को घेर लेता है। इसमें लगा स्पीकर तेज आवाज निकालकर तेंदुए को डराकर भगाता है। साथ ही आसपास के लोगों को भी सतर्क करता है और मदद के लिए बुलाता है।
क्यों जरूरी था यह शोध?
विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में तेंदुओं की बढ़ती घटनाओं के कारण किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है। ऐसे में यह उपकरण ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में रहने वालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकता है।
विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों शोधकर्ताओं को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
पेटेंट मिलने के बाद अब यह देखना होगा कि यह तकनीक आम नागरिकों तक किस रूप में और कब तक पहुँचती है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र