नागपुर प्रशासन की सख्ती
नागपुर शहर के वाथोड़ा इलाके में प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में लगभग डेढ़ सौ मकानों को अतिक्रमण की श्रेणी में रखा गया है। स्थानीय प्रशासन की इस सख्ती से इलाके में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है और जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अतिक्रमण का पूरा मामला
वाथोड़ा इलाके में कई लोगों ने बिना किसी अनुमति के सरकारी और निजी जमीन पर मकान बना लिए थे। इन निर्माणों में से ज्यादातर झुग्गी-झोपड़ी और छोटे-मोटे घर थे। प्रशासन को जब इस बारे में जानकारी मिली तो सर्वेक्षण टीम को मौके पर भेजा गया। सर्वेक्षण में यह पाया गया कि लगभग डेढ़ सौ मकान ऐसे हैं जो अवैध रूप से बनाए गए हैं। इन मकानों में रहने वाले लोगों के पास किसी भी तरह की कानूनी मंजूरी नहीं थी। ना तो उनके पास जमीन के कागजात थे और ना ही निर्माण की अनुमति। इसी आधार पर प्रशासन ने इन सभी मकानों को अतिक्रमण घोषित कर दिया।

प्रशासन की तैयारी
Nagpur Encroachment Drive: नागपुर नगर निगम और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मिलकर इस कार्रवाई की योजना बनाई। अधिकारियों ने सभी अवैध निर्माणों की सूची तैयार की और प्रभावित लोगों को नोटिस भेजे गए। नोटिस में साफ तौर पर बताया गया था कि अगर निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया या अवैध निर्माण को खुद नहीं हटाया गया तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। हालांकि, ज्यादातर लोगों ने इन नोटिसों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस बल को भी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया ताकि किसी तरह का कोई विवाद ना हो।