नागपुर में शिक्षा का अधिकार के तहत प्रवेश प्रक्रिया का आगाज
Maharashtra RTE Online Application: महाराष्ट्र के नागपुर जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में नए संशोधित निर्देश जारी किए हैं। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। इस बार अभिभावकों को 10 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन करने का मौका मिलेगा।
यह योजना उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है जो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं लेकिन आर्थिक तंगी के कारण निजी स्कूलों की फीस नहीं भर पाते। सरकार की इस पहल से हजारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलता है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
अभिभावकों को आवेदन करने के लिए महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। https://student.maharashtra.gov.in/adm_portal पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरनी होगी। किसी भी तरह की गलती से आवेदन रद्द हो सकता है।
वेबसाइट पर लॉगिन करने के बाद अभिभावकों को अपने बच्चे की जानकारी, पारिवारिक विवरण और पते की जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
प्रवेश प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं। सबसे पहले बच्चे के माता या पिता का आधार कार्ड जरूरी है। अगर बच्चा अनाथ है तो उसकी देखभाल करने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड मान्य होगा। बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र भी अपलोड करना आवश्यक है जिससे उसकी उम्र की पुष्टि हो सके।
निवास प्रमाणपत्र भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। जो परिवार किराए के मकान में रहते हैं उन्हें उप-पंजीयक कार्यालय से पंजीकृत किरायानामा की प्रति देनी होगी। बिना पंजीकृत किरायानामे को मान्यता नहीं दी जाएगी। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि सही पते की जानकारी मिल सके।
सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए विशेष प्रावधान
सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के बच्चों को जाति प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है। यह प्रमाणपत्र महाराष्ट्र राज्य का होना चाहिए। अन्य राज्यों से जारी किए गए जाति प्रमाणपत्र को इस प्रक्रिया में मान्यता नहीं दी जाएगी। यह नियम स्पष्ट रूप से लागू किया गया है।
दिव्यांग बच्चों के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र आवश्यक होगा। यह प्रमाणपत्र सरकारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किया गया होना चाहिए। इससे दिव्यांग बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश मिल सकेगा।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आय प्रमाणपत्र
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आने वाले परिवारों को आय प्रमाणपत्र देना होगा। यह प्रमाणपत्र वर्ष 2023-24 या 2024-25 का होना चाहिए। परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इस श्रेणी में आने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आय प्रमाणपत्र तहसीलदार या अन्य सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया होना चाहिए। पुराने या नकली प्रमाणपत्र की जांच की जाएगी और गलत जानकारी देने पर कार्रवाई हो सकती है।
समयसीमा का ध्यान रखें
अभिभावकों से अनुरोध है कि वे 10 मार्च से पहले अपना आवेदन जरूर पूरा कर लें। आखिरी तारीख के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। देर से आवेदन करने पर तकनीकी समस्या भी आ सकती है इसलिए समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा।
आवेदन भरते समय किसी भी तरह की समस्या आने पर अभिभावक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। जिला शिक्षा कार्यालय में भी सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां जाकर मदद ली जा सकती है।
शिक्षा के अधिकार का महत्व
Maharashtra RTE Online Application: शिक्षा का अधिकार अधिनियम भारत में 2009 में लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना है। इस कानून के तहत निजी स्कूलों को अपनी कुल सीटों का 25 प्रतिशत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखना होता है।
यह योजना समाज में शैक्षिक समानता लाने का एक प्रयास है। इससे गरीब परिवारों के बच्चे भी अच्छे स्कूलों में पढ़ सकते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं। नागपुर जिले में इस साल भी हजारों सीटें उपलब्ध हैं।
जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें और आवेदन में कोई गलती न करें। सही जानकारी देने से ही प्रवेश प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी होगी।