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Toggleसावनेर में नई औद्योगिक दिशा की शुरुआत
Saoner Defence Nuclear Aerospace Corridor land acquisition: नागपुर/महाराष्ट्र। राज्य सरकार की उच्चाधिकार समिति ने नागपुर जिले के सावनेर में प्रस्तावित ‘डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस डीएनए (DNA) कॉरिडोर’ के लिए एमआईडीसी (MIDC) भूमि अधिग्रहण को औपचारिक मंजूरी दे दी है। मुंबई स्थित मंत्रालय में आयोजित उच्चाधिकार समिति की 186वीं भूमि अधिग्रहण बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधान सचिव (उद्योग) ने की।
कितनी भूमि अधिग्रहित होगी?
इस परियोजना के लिए सावनेर औद्योगिक क्षेत्र, तहसील सावनेर में कुल 2721.9491 हेक्टर (लगभग 6725.98 एकड़) भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसमें 2601.2091 हेक्टर निजी भूमि और 120.74 हेक्टर सरकारी भूमि शामिल है। यह अधिग्रहण महाराष्ट्र औद्योगिक विकास अधिनियम, 1961 के प्रकरण 6 एवं धारा 2(ग) के तहत किया जाएगा।
क्या होगा इस कॉरिडोर में?
डीएनए (DNA) कॉरिडोर के अंतर्गत एयरोस्पेस (विमान, ड्रोन, उपग्रह घटक), रक्षा उत्पादन (हथियार, मिसाइल, गोला-बारूद), न्यूक्लियर तकनीक, रोबोटिक्स और उन्नत इंजीनियरिंग से जुड़े उद्योग विकसित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नीति के तहत देश में पहले से उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित हैं। महाराष्ट्र के इस डीएनए(DNA) कॉरिडोर में अमरावती, वर्धा, नागपुर और सावनेर को शामिल किया गया है।
विधायक डॉ. देशमुख की भूमिका
सावनेर विधायक डॉ. आशिषराव देशमुख ने इस परियोजना को सावनेर में लाने के लिए शुरू से ही प्रयास किए। उन्होंने 22 अगस्त 2025 को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर सावनेर में डीएनए (DNA) कॉरिडोर स्थापित करने की मांग की थी। उन्होंने प्रस्तावित 6725.98 एकड़ के एमआईडीसी (MIDC) क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया था और केंद्र व राज्य दोनों स्तरों पर लगातार अनुवर्ती कार्रवाई की थी।
मंजूरी मिलने के बाद डॉ. देशमुख ने संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक भूमिका और पहल के कारण इस परियोजना को गति मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा, स्थानीय युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे और विदर्भ का औद्योगिक विकास तेज होगा।
अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में अगले चरण की तैयारी शुरू होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र