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शिवभोजन थाळी योजना संचालकों का दस माह का बकाया जल्द देने की तैयारी

Shivbhojan Thali Yojana Pending Payment: नागपुर में संचालकों को मिलेगा दस महीने का लंबित मानदेय
Shivbhojan Thali Yojana Pending Payment: नागपुर में संचालकों को मिलेगा दस महीने का लंबित मानदेय (FB Photo)

Shivbhojan Thali Yojana Pending Payment: महाराष्ट्र सरकार शिवभोजन थाळी योजना संचालकों का दस महीने का बकाया जल्द देगी। राजस्व मंत्री बावनकुळे ने मुख्यमंत्री से चर्चा का भरोसा दिया। एनए सनद कानून रद्द और मिहान परियोजना को 3994 करोड़ की मंजूरी मिली। संचालक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

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संचालकों की समस्याओं पर सरकार गंभीर

Shivbhojan Thali Yojana Pending Payment: महाराष्ट्र में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए शुरू की गई शिवभोजन थाळी योजना के संचालकों को लंबे समय से उनका मानदेय नहीं मिल पाया है। पिछले दस महीनों से लंबित इस भुगतान को लेकर अब राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने संचालकों को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा। नागपुर में विभागीय आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में संचालकों ने अपनी परेशानियां सरकार के सामने रखीं।

यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती कीमत पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। लेकिन जब योजना चलाने वालों को ही समय पर पैसा नहीं मिलता, तो उनके लिए योजना जारी रखना मुश्किल हो जाता है। कई संचालकों ने तो कर्ज लेकर योजना को चालू रखा है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री से होगी चर्चा

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछली कैबिनेट बैठक में इस विषय पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ के साथ भी विचार-विमर्श हुआ था। सरकार इस समस्या की गंभीरता को समझती है और जल्द से जल्द समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

विभिन्न क्षेत्रों में बकाए की स्थिति अलग-अलग है। कुछ जगहों पर संचालकों को चार महीने का भुगतान नहीं मिला है, तो कहीं छह से नौ महीने तक का मानदेय अटका पड़ा है। यह स्थिति संचालकों के लिए बेहद चिंताजनक है क्योंकि उन्हें रोजाना के खर्चे के लिए भी पैसे की जरूरत होती है।

आर्थिक संकट में फंसे संचालक

शिवभोजन थाळी योजना के तहत संचालकों को प्रति थाली एक निश्चित राशि सरकार से मिलती है। लेकिन जब यह राशि समय पर नहीं मिलती, तो संचालकों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है। कई संचालकों ने बताया कि उन्होंने योजना को चालू रखने के लिए साहूकारों और बैंकों से कर्ज लिया है। अब ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।

यह योजना मूल रूप से समाज के कमजोर वर्ग की मदद के लिए बनाई गई थी, लेकिन अब खुद संचालक संकट में फंस गए हैं। अगर सरकार जल्द भुगतान नहीं करती है, तो कई संचालक योजना बंद करने को मजबूर हो सकते हैं। इससे न केवल संचालकों को नुकसान होगा, बल्कि उन गरीब लोगों को भी परेशानी होगी जो इस योजना पर निर्भर हैं।

एनए सनद कानून में बड़ा बदलाव

इसी बीच, महाराष्ट्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने एनए यानी नॉन-अग्रिकल्चर सनद कानून को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। यह निर्णय आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

पहले जमीन का उपयोग खेती के अलावा किसी और काम के लिए करना हो, तो एनए सनद के लिए तहसील या कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। इसमें समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। अब सरकार ने इस प्रक्रिया को बहुत आसान कर दिया है।

केवल प्रीमियम देकर मिलेगी मंजूरी

नए नियमों के अनुसार, अब 10 वर्ग मीटर तक की जमीन के लिए केवल 0.10 प्रतिशत प्रीमियम देकर एनए मान्यता मिल जाएगी। इसके लिए किसी सरकारी कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और बहुत कम समय में पूरी हो जाएगी।

इसके अलावा, अब घर बनाने और व्यावसायिक उपयोग के लिए अलग-अलग एनए की जरूरत नहीं होगी। एक ही एनए से दोनों काम हो सकेंगे। यह निर्णय छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। इससे भ्रष्टाचार में भी कमी आएगी और लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।

मिहान परियोजना को मिली मंजूरी

नागपुर की महत्वाकांक्षी मिहान परियोजना के लिए भी सरकार ने बड़ी राशि की मंजूरी दी है। इस परियोजना के लिए कुल 3994 करोड़ रुपये की योजना को हरी झंडी मिल गई है। यह परियोजना नागपुर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मंत्री बावनकुळे ने बताया कि इस वर्ष 160 करोड़ रुपये और अगले वर्ष 516 करोड़ रुपये इस परियोजना के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। यह राशि बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क निर्माण और अन्य जरूरी कामों में खर्च की जाएगी।

आऊटर रिंग रोड के दुकानदारों को राहत

आऊटर रिंग रोड परियोजना के लिए जिन दुकानदारों की जमीन और दुकानें प्रभावित हुई हैं, उनके लिए भी सरकार ने राहत की घोषणा की है। प्रभावित दुकानदारों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ वैकल्पिक दुकान देने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।

Shivbhojan Thali Yojana Pending Payment: यह निर्णय दुकानदारों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार चाहती है कि विकास कार्यों से किसी को भी अनावश्यक नुकसान न हो। प्रभावित लोगों का पुनर्वास उचित तरीके से हो और उन्हें उनकी आजीविका के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मिले।

राज्य सरकार के ये सभी निर्णय जनता की भलाई के लिए उठाए गए कदम हैं। शिवभोजन थाळी योजना के संचालकों को बकाया राशि जल्द मिलने से योजना सुचारू रूप से चल सकेगी। एनए सनद कानून में बदलाव से आम लोगों को राहत मिलेगी और मिहान परियोजना से नागपुर का विकास तेज होगा। सरकार की यह पहल सराहनीय है और उम्मीद की जाती है कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।