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स्पर्श कुष्ठरोग जनजागरूकता अभियान नागपुर में 30 जनवरी से शुरू होगा

Sparsh Leprosy Awareness Campaign: नागपुर में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक कुष्ठरोग जागरूकता अभियान
Sparsh Leprosy Awareness Campaign: नागपुर में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक कुष्ठरोग जागरूकता अभियान
नागपुर में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठरोग जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शुरू होने वाले इस अभियान में स्कूलों में प्रतियोगिताएं, मैरेथॉन, और 26 जनवरी को ग्रामसभाओं में प्रतिज्ञा कार्यक्रम होंगे। स्वास्थ्य विभाग मुफ्त जांच शिविर लगाएगा। उद्देश्य है कुष्ठरोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक भेदभाव खत्म करना।
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नागपुर जिले में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक स्पर्श कुष्ठरोग जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुष्ठरोग निवारण दिवस मनाने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। इस पखवाड़े के दौरान जिले भर में स्वास्थ्य साक्षरता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।

जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रविण माहिरे ने इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सहायक संचालक कुष्ठरोग डॉ. विजय डोइफोडे समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की है।

कुष्ठरोग जागरूकता क्यों जरूरी है

कुष्ठरोग आज भी समाज में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता की कमी और सामाजिक भेदभाव की वजह से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। कुष्ठरोग पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, लेकिन लोगों में फैली गलत धारणाओं के कारण मरीजों को समाज से अलग कर दिया जाता है। इसी वजह से सरकार हर साल महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर जागरूकता अभियान चलाती है।

महात्मा गांधी कुष्ठरोग पीड़ितों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहे और उन्होंने समाज में इन लोगों को सम्मान दिलाने के लिए काम किया। उन्हीं के विचारों को आगे बढ़ाते हुए हर साल 30 जनवरी को कुष्ठरोग निवारण दिवस मनाया जाता है।

स्कूलों में होंगे विशेष कार्यक्रम

इस पखवाड़े के दौरान जिले के सभी स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह की प्रार्थना के बाद विद्यार्थी कुष्ठरोग उन्मूलन की प्रतिज्ञा लेंगे। इससे बच्चों में छोटी उम्र से ही इस बीमारी के प्रति सही समझ विकसित होगी। स्कूलों में नाटक, प्रश्नमंजुषा, निबंध प्रतियोगिता जैसे शैक्षिक कार्यक्रम होंगे।

विद्यार्थी कुष्ठरोग पर आधारित गीत और कविता पाठ करेंगे। रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चे कला के जरिए जागरूकता फैलाएंगे। पथनाट्य और जनजागरूकता वाले नारों के माध्यम से भी संदेश दिया जाएगा। इन गतिविधियों से बच्चे न केवल जागरूक होंगे बल्कि अपने परिवार और समाज में भी सही जानकारी फैलाएंगे।

प्रभात फेरी और मैरेथॉन का आयोजन

स्कूली विद्यार्थी प्रभात फेरी निकालेंगे जिसमें वे कुष्ठरोग से जुड़े नारे लगाते हुए लोगों को जागरूक करेंगे। इसके साथ ही कुष्ठरोग जागरूकता दौड़ यानी मैरेथॉन का भी आयोजन किया जाएगा। यह मैरेथॉन न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी बल्कि युवाओं को इस सामाजिक अभियान से जोड़ने का माध्यम भी बनेगी।

मैरेथॉन में शामिल होने वाले लोग अपने बैनर और तख्तियों के जरिए कुष्ठरोग के बारे में सही जानकारी फैलाएंगे। इससे बड़ी संख्या में लोगों तक संदेश पहुंचेगा कि कुष्ठरोग एक सामान्य बीमारी है जो समय पर इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाती है।

26 जनवरी को विशेष कार्यक्रम

गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को ध्वजारोहण के बाद पूरे जिले में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कुष्ठरोग उन्मूलन की प्रतिज्ञा ली जाएगी। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण और उपजिला अस्पताल, सामान्य अस्पताल शामिल होंगे।

नगरपालिका और महानगरपालिका के सभी दवाखानों में भी यह प्रतिज्ञा ली जाएगी। शासकीय और अर्धशासकीय कार्यालयों में कर्मचारी इस संकल्प में शामिल होंगे। विद्यालय, महाविद्यालय, आश्रमशाला और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी यह कार्यक्रम आयोजित होगा। इस तरह समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

ग्रामसभा स्तर पर जागरूकता

गांवों में ग्रामसभा के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर कुष्ठरोग के प्रति गलत धारणाएं ज्यादा होती हैं। लोग इसे छुआछूत की बीमारी मानते हैं और मरीजों से दूर रहते हैं। ग्रामसभा में सभी ग्रामीणों को इकट्ठा करके उन्हें बताया जाएगा कि कुष्ठरोग संक्रामक नहीं है और साधारण इलाज से ठीक हो जाता है।

स्वास्थ्य कर्मचारी गांवों में घर-घर जाकर लोगों को जांच के प्रोत्साहित करेंगे। अगर किसी व्यक्ति में कुष्ठरोग के लक्षण दिखते हैं तो उसे तुरंत इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा। शुरुआती दौर में पहचान होने पर यह बीमारी आसानी से ठीक हो जाती है और कोई विकलांगता भी नहीं होती।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां

स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे मरीजों की सही पहचान और इलाज कर सकें।

पखवाड़े के दौरान विशेष जांच शिविर भी लगाए जाएंगे जहां लोग मुफ्त में अपनी जांच करवा सकेंगे। जिन लोगों में बीमारी की पुष्टि होगी उन्हें तुरंत मुफ्त इलाज शुरू कर दिया जाएगा। सरकार की योजना है कि जल्द से जल्द देश से कुष्ठरोग को पूरी तरह खत्म किया जाए।

समाज की भूमिका

इस अभियान की सफलता के लिए समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है। लोगों को कुष्ठरोग के प्रति अपनी सोच बदलनी होगी। मरीजों के साथ भेदभाव बंद करना होगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करना होगा। कुष्ठरोग से पीड़ित व्यक्ति भी सामान्य जीवन जी सकता है अगर उसे सही समय पर इलाज मिल जाए।

परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वे मरीज को छिपाने की बजाय तुरंत इलाज के लिए ले जाएं। देरी करने से बीमारी बढ़ती है और विकलांगता का खतरा बढ़ जाता है। स्पर्श अभियान का उद्देश्य ही यही है कि लोग कुष्ठरोग को छूने से डरें नहीं बल्कि मरीजों की मदद करें।

इस पखवाड़े के माध्यम से नागपुर जिले में कुष्ठरोग के प्रति एक नई समझ विकसित होगी। शिक्षा और जागरूकता के जरिए समाज में फैली गलत धारणाएं दूर होंगी और मरीजों को बेहतर जीवन मिलेगा।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।